Pawan Sehrawat vs Tamil Thalaivas Controversy: प्रो कबड्डी लीग 2025 में एक बड़ा विवाद सामने आया है। दरअसल, हाल ही में जयपुर लेग के शुरू होने के बाद कप्तान पवन सहरावत को तमिल थलाइवाज टीम के साथ नहीं देखा गया था, जिसके बाद शनिवार (13 सितंबर) को फ्रेंचाइजी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट करके उन्हें इस सीजन के लिए टीम से बाहर कर दिया। फ्रेंचाइजी ने इस फैसले की वजह अनुशासन संबंधी कारण बताई। यह फैसला कबड्डी फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं था।
बता दें कि, पवन सेहरावत को हाल ही में टीम का कप्तान बनाया गया था और उनसे उम्मीद थी कि वे इस सीजन में तमिल थलाइवाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। लेकिन विवाद ने सीजन के रोमांचक माहौल को झकझोर दिया और सभी की नजरें अब इस मामले पर टिक गई हैं।
तमिल थलाइवाज का पवन सहरावत को बाहर करने का बड़ा फैसला
तमिल थलाइवाज ने पवन सेहरावत को 59.50 लाख रुपये खर्च करके दोबारा खरीदा था। उन्हें कप्तान बनाकर टीम की कमान सौंपी गई थी। लेकिन सिर्फ तीन मैचों में 22 रेड प्वाइंट हासिल करने के बाद, अचानक उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
फ्रेंचाइजी ने इस मामले पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा था कि पवन सेहरावत को अनुशासन संबंधी कारणों के चलते टीम से बाहर कर दिया गया है। फ्रेंचाइज़ी के मुताबिक यह फैसला गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और यह पूरी तरह टीम के आचार संहिता के अनुरूप है। इसका मतलब है कि सेहरावत अब मौजूदा सीजन के बचे हुए मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
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पवन सेहरावत का भावुक जवाब
टीम से बाहर किए जाने के बाद पवन ने इंस्टाग्राम वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर वे अनुशासनहीन साबित होते हैं, चाहे 1% भी, तो वे कबड्डी खेलना हमेशा के लिए छोड़ देंगे।
उन्होंने सीजन 9 की यादें भी साझा कीं। उस समय वे गंभीर घुटने की चोट के बाद सर्जरी से गुजरे थे और तमिल थलाइवाज ने उनका पूरा साथ दिया था। कोच संजीव बालयान और साथी खिलाड़ी अर्जुन देशवाल ने भी उन्हें हर कदम पर सपोर्ट किया।
पवन सहरावत ने वीडियो में कहा, “सबको नमस्कार। कल मेरी पोस्ट के बाद मुझे बहुत सारे कॉल और मैसेज आए। मैं आप सभी का दिल से धन्यवाद करता हूँ। मैं सीजन 9 में भी इसी टीम का हिस्सा था। उस समय मुझे चोट लगी थी और मेरी सर्जरी हुई थी। उस दौरान तमिल थलाइवाज़ के मालिक ने मुझे पूरा सहयोग दिया और मेरी वापसी तक हमेशा साथ खड़े रहे।
उस वक्त कोच संजीव बलियान भी मेरे साथ थे। उन्होंने कैंप और मैचों के दौरान मुझे बहुत संभाला और हमेशा हौसला दिया। अर्जुन देशवाल मेरे छोटे भाई जैसे हैं। हमने साथ मिलकर टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के कई प्लान बनाए थे।
लेकिन हमारी योजना पूरी नहीं हो पाई, क्योंकि मैनेजमेंट के एक सदस्य की वजह से सब गड़बड़ हो गया। अब वही टीम मुझ पर अनुशासनहीन होने का आरोप लगा रही है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि मैं भारतीय टीम का हिस्सा रहा हूँ और मुझे अनुशासन का मतलब अच्छी तरह पता है। अगर मैं 1% भी अनुशासनहीन साबित होता हूँ, तो मैं कसम खाता हूँ कि दोबारा कभी कबड्डी नहीं खेलूँगा।”
विवाद की असली वजह
पवन ने अपने बयान में इशारा किया कि मैनेजमेंट के एक सदस्य के कारण उनकी और अर्जुन देशवाल की बनाई योजनाएं विफल हो गईं। उनका कहना है कि उन्होंने मिलकर टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्लान बनाया था, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया जा सका।
अब वही मैनेजमेंट उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगा रहा है। इस बयान के बाद विवाद और गहरा हो गया है और फैंस के बीच भी सवाल खड़े हो गए हैं कि गलती खिलाड़ी की है या प्रबंधन की।
पवन सेहरावत का करियर सफर और उपलब्धियां
पवन सेहरावत को कबड्डी की दुनिया में “Hi-Flyer” नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने दम पर कई मैचों का रुख बदल दिया है।
सीजन 6 में वे बेंगलुरु बुल्स के लिए खेले और 282 प्वाइंट हासिल कर टीम को चैंपियन बनाया। इसके बाद से उन्होंने लगातार Super 10 हासिल कर खुद को लीग का सबसे बड़ा रेडर साबित किया। भारतीय टीम के कप्तान के तौर पर भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में देश को कई जीत दिलाई है।
उनकी ऊंची छलांग और तेज रेडिंग स्टाइल के कारण उन्हें “Hi-Flyer” कहा जाता है, जो अब उनकी पहचान बन चुका है।
तमिल थलाइवाज का PKL इतिहास और विवाद
तमिल थलाइवाज ने प्रो कबड्डी की शुरुआत से अब तक ज्यादा सफलता हासिल नहीं की है। शुरुआती सीजन में टीम अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर रही। हालांकि पिछले कुछ सालों में प्रदर्शन में सुधार दिखा है।
सीजन 9 में पवन की चोट के बाद टीम ने कई बदलाव किए थे। कप्तानी और खिलाड़ियों के बीच तालमेल को लेकर पहले भी सवाल उठे थे। अब पवन का विवाद टीम को एक बार फिर मुश्किल दौर में ले आया है।
टीम की मौजूदा स्थिति और आगे का रास्ता
अभी तक तमिल थलाइवाज ने चार मैचों में दो जीत और दो हार दर्ज की हैं, जिसके चलते वे अंक तालिका में वे छठे स्थान पर हैं। पिछले मैच में उन्होंने बंगाल वॉरियरज को 46-36 से हराया था।
पवन के जाने के बाद रेडिंग की जिम्मेदारी पूरी तरह अर्जुन देशवाल और युवा खिलाड़ियों पर होगी। आने वाले मुकाबले टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें बेंगलुरु बुल्स, तेलुगु टाइटन्स और डिफेंडिंग चैम्पियन जयपुर पिंक पैंथर्स जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है।
फैंस और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर यह विवाद सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है। कई फैंस पवन के समर्थन में खड़े हैं और कह रहे हैं कि वे हमेशा अनुशासित खिलाड़ी रहे हैं। वहीं, कुछ लोग टीम के फैसले को सही ठहरा रहे हैं और मानते हैं कि फ्रेंचाइजी ने सोची-समझी रणनीति के तहत कदम उठाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से लीग की साख को नुकसान हो सकता है। खिलाड़ियों और टीमों के बीच भरोसा डगमगा सकता है, जिससे आने वाले समय में कई और चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
विवाद से लीग की साख पर असर
प्रो कबड्डी लीग भारत की दूसरी सबसे लोकप्रिय खेल लीग बन चुकी है। लेकिन इस तरह के विवाद लीग की छवि पर असर डालते हैं। जब स्टार खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी आपसी मतभेद में उलझते हैं तो खेल की बजाय विवाद सुर्खियों में आ जाता है।
आयोजकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण है कि वे इस मामले को संतुलित तरीके से सुलझाएं ताकि लीग की लोकप्रियता और विश्वसनीयता पर कोई आंच न आए।
आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पवन सेहरावत का करियर किस दिशा में जाएगा। अगर टीम के आरोप सच साबित होते हैं, तो पवन के मुताबिक वे कबड्डी से संन्यास ले सकते हैं।
हालांकि, अगर वे निर्दोष साबित होते हैं तो संभावना है कि कोई दूसरी टीम उन्हें भविष्य में अपने साथ जोड़ ले। तमिल थलाइवाज और पवन के बीच रिश्ते अब सुधरेंगे या पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, यह समय ही बताएगा।
पवन सेहरावत का फैंस को संदेश
पवन ने अपने वीडियो के अंत में फैंस को संदेश दिया कि वे हमेशा उनका समर्थन करते रहें। उन्होंने खुद पर भरोसा जताया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। साथ ही उन्होंने तमिल थलाइवाज को भी शुभकामनाएं दीं कि वे अच्छा खेलें और सफलता हासिल करें।
तमिल थलाइवाज और पवन सेहरावत का यह विवाद कबड्डी जगत के लिए बड़ा झटका है। टीम ने अपने कप्तान को खो दिया है और पवन का भविष्य भी अनिश्चित है।
यह मामला सिर्फ खिलाड़ी या टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी लीग की साख पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि यह विवाद कब और कैसे सुलझता है और पवन का अगला कदम क्या होगा।
यहाँ देखें वीडियो:
Pawan Sehrawat issues his statement! 🗣#PKL12 #ProKabaddi pic.twitter.com/hO5tMNexWm
— Star Sports (@StarSportsIndia) September 14, 2025
FAQs
1. पवन सेहरावत को PKL 2025 में तमिल थलाइवाज ने क्यों रिलीज़ किया?
तमिल थलाइवाज़ ने पवन सेहरावत को अनुशासन तोड़ने के आरोप में रिलीज़ किया। फ्रेंचाइज़ी का कहना है कि यह फैसला पूरी जांच और टीम के कोड ऑफ कंडक्ट को ध्यान में रखकर लिया गया।
2. पवन सेहरावत का इस विवाद पर क्या कहना है?
पवन ने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा कि अगर वे अनुशासनहीन साबित होते हैं तो वे कबड्डी हमेशा के लिए छोड़ देंगे। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए खुद पर पूरा भरोसा जताया।
3. तमिल थलाइवाज़ के प्रदर्शन पर इसका क्या असर पड़ेगा?
पवन के जाने से टीम के पास रेडिंग में अनुभव की कमी हो गई है। अब टीम अर्जुन देशवाल और युवा खिलाड़ियों पर निर्भर होगी। आने वाले कठिन मैच टीम की असली परीक्षा होंगे।
4. पवन सेहरावत ने टीम के साथ अपने पुराने अनुभवों को कैसे याद किया?
पवन ने बताया कि सीजन 9 में चोट के दौरान टीम ने उनका साथ दिया था। मालिक और कोच ने उन्हें सपोर्ट किया और तभी वे सर्जरी के बाद वापसी कर सके।
5. तमिल थलाइवाज़ का अगला मैच किससे है?
तमिल थलाइवाज़ का अगला मुकाबला 16 सितंबर को जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में बेंगलुरु बुल्स के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच टीम के लिए बड़ी परीक्षा साबित होगा।
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