Thursday, March 19

प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 (PKL 12 Auction) के ऑक्शन में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब भारत के कप्तान और स्टार रेडर पवन सहरावत को तमिल थलाइवाज़ ने मात्र 59.50 लाख रुपये में साइन कर लिया। ये वही खिलाड़ी हैं, जो एक समय में लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी रह चुके हैं।

सीजन 12 के ऑक्शन में पवन पहले भारतीय खिलाड़ी थे, जिन पर बोली लगी। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपये था, लेकिन शुरुआत में किसी भी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। फिर अचानक दबंग दिल्ली ने बोली लगाई और इसके बाद बंगाल वॉरियर्स ने भी कड़ी टक्कर दी।

तमिल थलाइवाज़ ने आखिरी समय पर दिखाई चालाकी

बोली 50 लाख रुपये तक पहुंची, लेकिन जैसे ही बंगाल वॉरियर्स ने पीछे हटने का संकेत दिया, तमिल थलाइवाज़ ने अचानक एंट्री ली और बोली को तेज़ी से 59.50 लाख तक पहुंचा दिया। दिल्ली ने आखिरी में हार मान ली और तमिल थलाइवाज़ ने बिना किसी भावनात्मक प्रतिक्रिया के पवन को अपने नाम कर लिया।

टीम के कोच संजीव बालयान की आंखों में FBM कार्ड का डर साफ नजर आ रहा था, लेकिन तेलुगू टाइटंस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और तमिल थलाइवाज़ ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

थलाइवाज़ और पवन की अधूरी कहानी फिर से शुरू

पवन सहरावत सीजन 9 में भी तमिल थलाइवाज़ का हिस्सा थे, लेकिन वह सिर्फ 10 मिनट ही खेल सके, क्योंकि घुटने की चोट के कारण उनका सीजन वहीं खत्म हो गया। फिर भी, थलाइवाज़ ने पहली बार प्लेऑफ तक का सफर तय किया था। अब सीजन 12 में यह जोड़ी एक बार फिर से इतिहास दोहराने की कोशिश करेगी।

बेंगलुरु बुल्स के लिए चमके थे पवन

पवन ने PKL में अपना डेब्यू सीजन 3 में बेंगलुरु बुल्स के लिए किया था और 13 मैचों में 53 अंक बनाए थे। हालांकि, उन्हें सीजन 4 के बाद रिलीज़ कर दिया गया। फिर वह गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स में 13.8 लाख में गए लेकिन वहां सिर्फ 10 अंक ही बना पाए। इसके बाद घरेलू टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत सीजन 6 में वह 284 अंकों के साथ चमक गए और बेंगलुरु बुल्स को पहली बार खिताब जिताया।

लगातार दो सीजन में बनाए रिकॉर्ड

सीजन 7 में पवन ने 360 अंक बनाए, जिसमें एक मुकाबले में हरियाणा स्टीलर्स के खिलाफ 39 अंकों की पारी शामिल थी, जो अब भी एक रिकॉर्ड है। सीजन 8 में भी उन्होंने अपना जलवा जारी रखा और 320 अंक हासिल किए।

महंगी बोली, लेकिन अधूरा सीजन

सीजन 9 में तमिल थलाइवाज़ ने पवन को 2.26 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो PKL इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। लेकिन दुर्भाग्य से पहले ही मुकाबले में चोटिल होकर वह पूरे सीजन से बाहर हो गए।

इसके बाद सीजन 10 में तेलुगू टाइटंस ने उन्हें 2.605 करोड़ रुपये में खरीदा, लेकिन टीम आखिरी पायदान पर रही।

एक बार फिर से वापसी का इरादा

पिछले सीजन में उन्होंने टाइटंस के लिए 217 अंक बनाए। FBM कार्ड का इस्तेमाल करते हुए उन्हें फिर से टीम में रखा गया और उन्होंने टीम को सातवें स्थान तक पहुंचाया, हालांकि प्लेऑफ से एक जीत दूर रह गए। अब चंडीगढ़ के इस खिलाड़ी के पास मौका है कि वह अधूरी कहानी को पूरा करें और तमिल थलाइवाज़ को पहला खिताब दिलाएं।

स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूबफेसबुकइंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

Share.

Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

Leave A Reply

Exit mobile version