Unlucky Captains In Pro Kabaddi League History : प्रो कबड्डी लीग के 11वें (Pro Kabaddi League 11) सीजन की शुरुआत होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा हुआ है। ऐसे में इस बार फैंस को टीमों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। पीकेएल 11 (PKL11) का खिताब जीतने के लिए मैदान पर जोरदार जंग होने वाली है और यह रोमांच देखने के लिए कबड्डी फैंस काफी उत्साहित हैं। इस टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े- बड़े दिग्गजों के अलावा कई नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे।
किसी भी टूर्नामेंट में जब किसी खिलाड़ी को टीम की कमान सौंपी जाती है, तो खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी कप्तानी में टीम को खिताब जिताए। हालांकि, ज्यादातर यह सपना एक ख्वाब ही बनकर रह जाता है और इसके पूरा होने की संभावना बिल्कुल ना ही होती है। कई बार तो बहुत मेहनत, अच्छी रणनीतियों और उचित प्रयासों के बाद भी परिणाम खिलाड़ी के पक्ष में नहीं होता है।
प्रो कबड्डी लीग इतिहास में कई सारे कप्तान ऐसे हैं, जो एक से ज्यादा बार खिताब जीत चुके हैं, तो वहीं कुछ दिग्गज खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं, जो कप्तानी करते हुए अपनी टीम को खिताबी जीत नहीं दिला पाए हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे पीकेएल इतिहास में कुछ ऐसे दुर्भाग्यशाली कप्तानों के बारे में, जिन्हें अभी भी खिताबी स्वाद चखना बाकी है, यानी कि वह अभी तक कोई भी टाइटल नहीं जीत पाए हैं।
प्रो कबड्डी लीग इतिहास के दुर्भाग्यशाली कप्तान | Unlucky captains in Pro Kabaddi League history
3.फजल अन्नाचली (Fazel Atrachali)

प्रो कबड्डी लीग इतिहास में फजल अन्नाचली (Fazel Atrachali) ने पुनेरी पल्टन, यू मुंबा और गुजरात जैसी कई टीमों का नेतृत्व किया है और इस दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन भी किया है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जैसे खिताबी जीत उनके किस्मत में है ही नहीं। हालांकि, उनकी कप्तानी में टीमों ने फाइनल तक का सफर तय किया है लेकिन बाजी मारने में सफल नहीं हुए।
2. पवन सहरावत (Pawan Sehrawat)

पवन सहरावत (Pawan Sehrawat) का नाम प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) में भला कौन नहीं जानता है। उन्होंने कई बार ऐसे – ऐसे कारनामे किए हैं, जिन्हे फैंस शायद कभी भूल पाएं। उन्होंने बेंगलुरु बुल्स और तेलगु टाइटंस जैसी टीमों की कप्तानी करते हुए बहुत सारे मैच जीते हैं, लेकिन अपनी टीम को खिताब दिलाने में असफल रहे हैं। बता दें कि, रेडिंग में प्रो कबड्डी के धांसू खिलाड़ियों में से एक पवन ने अब तक 1100 से भी ज्यादा रेड प्वाइंट्स अर्जित किए हैं।
1. दीपक निवास हुड्डा (Deepak Niwas Hooda)

अगर प्रो कबड्डी लीग इतिहास में सबसे दुर्भाग्यशाली कप्तानों की बात करेंगे, तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि दीपक निवास (Deepak Niwas Hooda) का नाम न आए। दीपक ने अपने खेल से सबका दिल जीता है और लगातार अच्छा प्रदर्शन भी किया है, लेकिन बात जब कप्तानी की आती है तो उनका हाल भी बेहाल रहा है। उन्होंने जयपुर पिंक पैंथर्स और पुणेरी पल्टन जैसी टीमों का नेतृत्व किया है, लेकिन अपनी कप्तानी में एक भी टाइटल नहीं जीत पाए। हालांकि, दीपक के टीम से जाने के बाद जयपुर पिंक की टीम ने दो बार खिताब अपने नाम किया है और वैसे ही पुणेरी पल्टन की टीम ने भी उनके जाते ही खिताबी जीत का स्वाद चखा।
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