Indian football team: अंडर-20 एएफसी क्वालीफायर में भारतीय फुटबॉल टीम ईरान से 1-0 से मुकाबला हार गई है। वहीं इससे पहले भारतीय टीम ने एक मुकाबला जीता था। जिसके चलते हुए वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। अगला मुकाबला अब उसे मेजबान लाओस से खेलना है। लाओस नेशनल स्टेडियम केएम16 में भारत को एएफसी अंडर-20 एशियाई कप क्वालीफायर 2025 के अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले में चार बार के चैंपियन ईरान से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा है।

इस मुकाबले में इन दोनों ही टीमों के बीच ईरान का एक मात्रा गोल आखिरकार खेल के 88वें मिनट में हुआ था। ईरान की तरफ से यह एक मात्र गोल यूसुफ मजराह ने किया था। जबकि एशियाई फुटबॉल की पारंपरिक ताकत मानी जाने वाली टीम ईरान के खिलाफ भारतीय टीम (Indian football team) का यह निश्चित रूप से एक सराहनीय प्रदर्शन था।
लेकिन फिर भी इस मुकाबले में भारतीय टीम (Indian football team) को हार मिली। वहीं अभी इस टूर्नामेंट के दो मैचों में तीन अंक लेकर भारत अंडर-20 ने ग्रुप में दूसरे स्थान पर मौजूद है। अभी भारतीय टीम ने अपने आप को इस टूर्नामेंट में जिन्दा रखा हुआ है। अब इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम (Indian football team) को अपना अंतिम मुकाबला लाओस से खेलना है। जबकि लाओस को अपने पहले मुकाबले में ईरान से 0-8 से हार का सामना करना पड़ा था। अभी ईरान की टीम छह अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।

इस मुकाबले के पहले हाफ में भारतीय टीम (Indian football team) ने अपने कुशल प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया और एक से अधिक मौकों पर ईरानी क्षेत्र में सेंध लगाई। वहीं इस मुकाबले में ईरान के खिलाड़ियों ने काफी आक्रामक शुरुआत की और पांचवें मिनट में अपना पहला कॉर्नर किक अर्जित किया था। लेकिन इसको भारतीय डिफेंस ने ठीक तरह से रोक दिया था।
वहीं खेल के इस पहले हाफ में भारत ने एक से अधिक बार ईरान के डिफेंस को चकमा दिया था। क्यूंकि खेल के 11वें मिनट में केल्विन सिंह ताओरेम और मैंगलेंथांग किपगेन ने पास खेलने से पहले इसे ग्वामसर गोयारी के लिए छोड़ा, जिसे डिफेंडर ने तुरंत टैकल कर दिया। इसके अलावा इस मुकाबले में ईरान के लिए भारतीय रक्षापंक्ति को भेदना आसान नहीं था। वहीं इस मुकाबले में उनको अपना पहला वास्तविक मौका पाने के लिए 38वें मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

वहीं इस खेल के दूसरे हाफ में भारतीयों ने ईरान को अपने क्षेत्र में व्यस्त रखने के लिए कई पास खेले। क्यूंकि तब भारत ने खेल के 54वें और 60वें मिनट के बीच ईरान पर कई हमले किए थे। उनके ये सभी हमले ईरान के बॉक्स में समाप्त हुए थे। वहीं इस मुकाबले में एक समय भारतीय टीम (Indian football team) को लगा था कि हैंडबॉल अपराध के कारण उन्हें पेनल्टी दी जानी चाहिए थी, लेकिन उज्बेकिस्तान के रेफरी के विचार कुछ और थे।
वहीं इस मुकाबले में भारत के लिए सबसे अच्छा अवसर तब आया था जब केल्विन सिंह के पास ने डिफेंस के पीछे कोरो सिंह थिंगुजाम को पास दिया था लेकिन कोरो का यह शॉट बाल-बाल लक्ष्य से चूक गया। वहीं इस मुकाबले में ईरान गोल के लिए भारतीय टीम (Indian football team) पर दबाब बनाता चला गया। इसके लिए उसने बार-बार कॉर्नर जीते बल्कि गोल करने की कोशिश भी की। जिसको भारतीय गोलकीपर ने डाइविंग मार कर सेव कर दिया।
Indian football team खेल के 88वें मिनट में ईरान ने किया गोल :-

इसके बाद ईरान की फुटबॉल टीम ने गोल करने के लिए लगातार भारतीय फुटबॉल टीम पर अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया। जिसके चलते हुए ईरान ने खेल के 88वें मिनट में भारतीय टीम पर गोल कर दिया। ईरान की टीम के लिए यह एक मात्र गोल सब्सटीट्यूट यूसुफ मजराह की तरफ से आया था। जिन्होंने इस गोल को बॉक्स के अंदर से नेट के निचले कोने पर गोल करके किया था।
ये भी पढ़ें: चीन ओपन के दूसरे दौर में पहुंचे अल्कारेज और मेदवेदेव

