शतरंज एक खेल है जो रणनीति और बुद्धिमत्ता का मेल है। कुछ मुकाबले केवल कुछ घंटों में समाप्त हो जाते हैं, जबकि कुछ मैच ऐसे होते हैं जिन्होंने ध्यान और धैर्य की सीमाओं को चुनौती दी और इतिहास में अपनी जगह बनाई। ये लंबे शतरंज मैच न केवल खिलाड़ियों की अद्भुत सहनशक्ति को दर्शाते हैं, बल्कि उन दर्शकों के रोमांच को भी उजागर करते हैं जिन्होंने इन्हें देखा। इस आर्टिकल में हम आपको चेस इतिहास के चार सबसे लंबे मुकाबलों के बारे में बताएंगे।
4. निकोलिच बनाम अर्सोविच (1989)
इवान निकोलिच और गोरण अर्सोविच के बीच बेलग्रेड, सर्बिया में खेला गया मैच शतरंज इतिहास का अब तक का सबसे लंबा माना जाता है। यह मुकाबला 20 घंटे 15 मिनट तक चला और 269 चालों के बाद समाप्त हुआ। अंत में खेल को बार-बार दोहराई गई स्थितियों और प्यादों की चालों के कारण ड्रॉ घोषित किया गया।
3. वानलेस बनाम हूपर (1960)
1960 में वानलेस और हूपर के बीच खेला गया मैच अनौपचारिक रूप से शतरंज इतिहास के सबसे लंबे मुकाबलों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि यह खेल इंग्लैंड में 420 चालों तक चला। हालांकि इसे आधिकारिक प्रतिस्पर्धी शतरंज रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया है, इसकी असाधारण लंबाई ने इसे मानव धैर्य और सहनशक्ति की परीक्षा के रूप में प्रसिद्ध बना दिया।
2. फ्रेसिनेट बनाम कोस्टेनियुक (2021)
लॉरेंट फ्रेसिनेट और एलेक्ज़ेंड्रा कोस्टेनियुक के बीच खेला गया मैच 237 चालों तक चला, जो इसे शतरंज इतिहास के सबसे लंबे मुकाबलों में शामिल करता है। यह खेल खास परिस्थितियों में हुआ, जिसमें मानक 50-चाल नियम लागू नहीं था, जिससे मैच सामान्य से अधिक लंबा चला। इस मैराथन मुकाबले ने खिलाड़ियों की रणनीतिक गहराई और अद्भुत सहनशक्ति को उजागर किया।
1. तुंडे ओनाकोया बनाम शॉन मार्टिनेज (2024)
नाइजीरियाई शतरंज मास्टर तुंडे ओनाकोया और अमेरिकी राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन शॉन मार्टिनेज ने 17 से 20 अप्रैल 2024 तक न्यूयॉर्क सिटी के टाइम्स स्क्वायर में 60 घंटे का शतरंज मैराथन खेलकर इतिहास रच दिया। यह मुकाबला केवल सहनशक्ति की परीक्षा नहीं था, बल्कि ओनाकोया के गैर-लाभकारी संगठन “चेस इन स्लम्स अफ्रीका” के लिए धन जुटाने का भी उद्देश्य रखता था, जो वंचित बच्चों के लिए शतरंज के माध्यम से काम करता है। थकान के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने अद्भुत खेल दिखाया, जिससे यह इतिहास के सबसे लंबे शतरंज मुकाबलों में से एक बन गया है।

