FIDE Grand Swiss 2025 Prize Money Difference Between Men and Women: FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट 2025 खत्म हो चुका है और एक बार फिर यह टूर्नामेंट सुर्खियों में है। इस बार भारत की ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने लगातार दूसरी बार महिला वर्ग का खिताब जीतकर शानदार इतिहास रचा। वहीं ओपन सेक्शन में नीदरलैंड के दिग्गज ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी ने खिताब अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा, लेकिन इन दोनों की प्राइज मनी में इतना बड़ा अंतर है कि यह चर्चा का विषय बन गया है।
अनीश गिरी को मिला 90 हजार डॉलर का चेक
ओपन सेक्शन में जीत दर्ज करने वाले अनीश गिरी को इस साल 90 हजार यूएस डॉलर (करीब 79.3 लाख रुपये) की प्राइज मनी मिली। गिरी ने 11 राउंड में 8 अंक हासिल किए और खिताब पर कब्जा जमाया। यह जीत न केवल उनके करियर के लिए बड़ी रही, बल्कि इसने उन्हें अच्छा खासा आर्थिक फायदा भी दिलाया।
खास बात यह है कि, 2019 से अब तक ओपन सेक्शन के विजेता के लिए प्राइज मनी हर एडिशन में बढ़ाई गई है। 2019 और 2021 में जहां विजेता को 70 हजार डॉलर (करीब 61.7 लाख रुपये) मिलते थे, वहीं 2023 में इसे बढ़ाकर 80 हजार डॉलर (करीब 70.5 लाख रुपये) किया गया और 2025 में यह राशि 90 हजार डॉलर (करीब 79.3 लाख रुपये) पहुंच गई।
वैशाली की शानदार जीत, लेकिन आधी हुई प्राइज मनी
भारत की वैशाली रमेशबाबू ने महिला वर्ग में लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपने करियर का सबसे बड़ा पल बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की की। इस बार महिला विजेता के लिए प्राइज मनी 40 हजार यूएस डॉलर (करीब 35 लाख रुपये) तय थी, जो पिछले एडिशन के मुकाबले बड़ी छलांग है।
बता दें कि, 2021 में महिला विजेता को केवल 20 हजार डॉलर (करीब 17.5 लाख रुपये) और 2023 में 25 हजार डॉलर (करीब 22.0 लाख रुपये) मिले थे। लेकिन इस साल वैशाली को यह पूरी राशि नहीं मिल सकी, क्योंकि उन्होंने और कैटेरीना लाग्नो ने समान अंक हासिल किए। FIDE के नियम के अनुसार जब दो खिलाड़ी बराबरी पर रहते हैं, तो प्राइज मनी बराबर बांटी जाती है। इसी वजह से वैशाली को इस जीत से सिर्फ 20 हजार डॉलर (करीब 17.5 लाख रुपये) ही मिले।
तीनों महिला विजेताओं की कुल कमाई से ज्यादा मिली पुरूष विजेता को प्राइज मनी
दिलचस्प बात यह है कि 2021 से लेकर अब तक तीनों एडिशन की महिला विजेताओं की कुल कमाई भी पुरूष विजेता अनीश गिरी की इस साल की कमाई से कम है। 2021 में लेई टिंग्जिए ने जीतकर 20 हजार डॉलर (करीब 17.5 लाख रुपये) कमाए थे, जबकि 2023 में महिला विजेता को 25 हजार डॉलर (करीब 22.0 लाख रुपये) और 2025 में वैशाली को 20 हजार डॉलर (करीब 17.5 लाख रुपये) मिले। इन तीनों को जोड़ें तो कुल रकम 65 हजार डॉलर (करीब 57.3 रुपये) बनती है, जबकि गिरी अकेले इस साल 90 हजार डॉलर (करीब 79.38 लाख रुपये) कमा गए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि महिला और पुरुष वर्ग की प्राइज मनी में अभी भी बड़ा अंतर मौजूद है।
2025 में FIDE Grand Swiss टूर्नामेंट की प्राइज फंड में हुआ था बड़ा इजाफा
इस बार टूर्नामेंट की प्राइज फंड में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई थी। ओपन सेक्शन का कुल प्राइज फंड 4 लाख 60 हजार डॉलर (करीब 4 करोड़ 5 लाख रुपये) से बढ़ाकर 6 लाख 25 हजार डॉलर (करीब 5 करोड़ 51 लाख रुपये) कर दिया गया, जो 36% की वृद्धि है। महिला सेक्शन का प्राइज फंड भी 1 लाख 40 हजार डॉलर (करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये) से बढ़ाकर 2 लाख 30 हजार डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) कर दिया गया, जो 64% की बढ़ोतरी है।
यह बढ़ोतरी खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है और FIDE का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि एक संदेश है कि महिला चेस को भी ज्यादा मौके और बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
FIDE Grand Swiss के हर एडिशन में प्राइज मनी का अंतर
अगर साल-दर-साल पुरुष और महिला विजेताओं की प्राइज मनी देखें तो अंतर साफ नजर आता है। 2019 में महिला सेक्शन आयोजित ही नहीं हुआ था, इसलिए उस साल ओपन विजेता को मिले 70 हजार डॉलर (करीब 61.7 लाख रुपये) ही पूरी विजेता राशि थी। 2021 में पहली बार महिला सेक्शन हुआ और तब पुरुष विजेता को 70 हजार डॉलर (करीब 61.7 लाख रुपये), जबकि महिला विजेता को केवल 20 हजार डॉलर (करीब 17.6 लाख रुपये) मिले। इस साल दोनों के बीच 50 हजार डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) का बड़ा अंतर रहा।
2023 में प्राइज मनी में बढ़ोतरी हुई और पुरुष विजेता को 80 हजार डॉलर (करीब 70.5 लाख रुपये) तथा महिला विजेता को 25 हजार डॉलर (करीब 22 लाख रुपये) मिले, जिससे अंतर घटकर 55 हजार डॉलर (करीब 48.5 लाख रुपये) रह गया। 2025 में पुरुष विजेता की राशि बढ़कर 90 हजार डॉलर (करीब 79.3 लाख रुपये) और महिला विजेता की राशि 40 हजार डॉलर हो गई, यानी अंतर घटकर 50 हजार डॉलर (करीब 44 लाख रुपये) रह गया।
हालांकि, इस साल वैशाली और कैटेरीना लाग्नो के बराबरी पर रहने के कारण उन्हें प्राइज मनी आधी मिली, जिससे वास्तविक अंतर फिर से काफी बढ़ गया। यह आंकड़े बताते हैं कि सुधार जारी है, लेकिन बराबरी की स्थिति तक पहुंचने में अभी और समय लगेगा।
महिला खिलाड़ियों के लिए आगे का रास्ता
FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट ओपन इवेंट है, यानी महिला खिलाड़ी चाहें तो ओपन सेक्शन में भी खेल सकती हैं। इस साल ओपन सेक्शन में भारत की दिव्या देशमुख और रूस की अलेक्ज़ांद्रा गोरियाचकिना ने हिस्सा लिया। हालांकि, महिला वर्ग के लिए अलग टूर्नामेंट भी आयोजित किया जाता है, ताकि ज्यादा खिलाड़ियों को मौका मिल सके। वैशाली का लगातार दूसरी बार जीतना भारतीय चेस के लिए बड़ी खबर है और यह भविष्य में कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देगा।
FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट में इस बार प्राइज मनी में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पुरुष और महिला विजेता की कमाई के बीच का अंतर अब भी बड़ा है। अनीश गिरी की एक साल की कमाई महिला वर्ग की तीनों एडिशन की कुल कमाई से ज्यादा होना इस अंतर को साफ तौर पर दिखाता है। हालांकि, FIDE ने महिला प्राइज फंड में अच्छी बढ़ोतरी की है और आने वाले समय में उम्मीद है कि यह अंतर और कम होगा। फिलहाल, वैशाली की यह जीत भारत के लिए गर्व का पल है और यह भारतीय महिला चेस की नई ताकत को सामने लाती है।
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