Chess: विश्व चैंपियन डी गुकेश ने लगातार चार ड्रॉ मुकाबलों के बाद टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट के पांचवें दौर में चेक गणराज्य के थाई दाई वान गुयेन को हराकर पहली जीत दर्ज कर ली है। इसके अलावा टाटा स्टील मास्टर्स में इस जीत के चलते हुए डी गुकेश ने अपनी शानदार वापसी की है। क्यूंकि उन्होंने अपने पांचवें दौर में चेक गणराज्य के अपने प्रतिद्वंद्वी को हरा दिया है। वहीं आइए जान लेते हैं कि पांच दौर के खेल के बाद कौन किस स्थान पर मौजूद है।
डी गुकेश ने दी थाई दाई वान गुयेन को मात :-
मौजूदा विश्व चैंपियन और भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने लगातार चार ड्रॉ मुकाबलों के बाद टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट के पांचवें दौर में चेक गणराज्य के थाई दाई वान गुयेन को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। जबकि एक अन्य मैच में भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी को स्लोवेनिया के व्लादिमीर फेडोसीव के हाथों चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा है।

वहीं अब इस हार के चलते हुए एरिगेसी ने अपनी संयुक्त बढ़त गंवा दी है। इसके अलावा शुरुआती विश्राम दिवस से ठीक पहले मिली इस जीत के साथ गुकेश ने पांच में से तीन अंक हासिल कर लिए हैं और वह अब तीन खिलाड़ियों से पीछे संयुक्त चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।
संयुक्त चौथे स्थान पर पहुंचे डी गुकेश :-
इसके अलावा अमेरिका के हांस नीमन और उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बीच खेला गया मैच ड्रॉ रहा है। जबकि अब्दुसत्तोरोव ने अपने हमवतन और विश्व कप विजेता जावोखिर सिंदारोव ने कड़ी टक्कर के बाद युवा यागिज काआन एरदोगमुस को हरा दिया है। इसके चलते हुए अब टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट में तीन खिलाड़ी 3.5 अंक के साथ संयुक्त बढ़त पर हैं। जबकि गुकेश फेडोसीव और नीदरलैंड के खिलाड़ी जॉर्डन वान फोरेस्ट के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर मौजूद हैं।

इसके अलावा 114 खिलाड़ियों के 13 दौर वाले इस टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट में अभी नौ दौर बाकी हैं। इस हार के चलते हुए अब एरिगेसी 2.5 अंकों के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर खिसक गए हैं। जबकि वह दो अन्य भारतीयों अरविंद चिदंबरम और आर. प्रज्ञानंद से एक अंक आगे हैं। अपने इस मैच में गुकेश ने काले मोहरों से दबाव के बीच 51 चाल में जीत दर्ज करने के बाद कहा है कि मेरे लिए यह एक अच्छी जद्दोजहद थी। जबकि इस श्व चैंपियन ने यह भी कहा कि वह अगर पहले दौर में सिंदारोव के खिलाफ बेहद मामूली अंतर से जीत से नहीं चूकते तो लगातार चार ड्रॉ से उनकी धीमी शुरुआत कहीं और अच्छी हो सकती थी।

इसके आगे उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में तब मुझे पहला मुकाबला जीतना चाहिए था। लेकिन बहुत ही कम अंतर से मैं चूक गया था। वहीं अभी तक खेले गए अधिकांश मुकाबलों से मैं संतुष्ट हूं। इन मैचों में भले ही मुझे जीत नहीं मिल रही थी, लेकिन मुझे पता था कि मैं अच्छा खेल रहा हूं। इसलिए किसी न किसी समय मेरे लिए जीत मिलना तय था। इसके अलावा अब सिंदरोव के खिलाफ मुकाबला इतना लंबा चला कि मैं थक गया था और निराश होने का मौका ही नहीं मिला है।
आर प्रज्ञानंद ने खेला ड्रॉ :-

इसके अलावा टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट में भारत के एक अन्य भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने अपना तीसरा ड्रॉ नीदरलैंड के अनीश गिरी के खिलाफ खेला था। जबकि एक अन्य मैच में भारत के एक अन्य ग्रैंडमास्टर अरविंद चिदंबरम जर्मनी के विंसेंट कीमर से अपना मैच हार गए हैं। इसके चलते हुए अब पांच मुकाबलों के बाद उनके नाम 1.5 अंक ही है।
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