Saturday, March 14

एक तरफ जहां जंतर मंतर पर पहलवानों को ब्रजभूषण की गिरफ्तारी को लेकर धरने में बैठे हुए 21 दिन हो गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने भारतीय कुश्ती संघ के सभी पदाधिकारियों को अमान्य करार दे दिया है। दरअसल, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने भारतीय कुश्ती संघ के महासचिव से धन से संबधित सोर्स व आधिकारिक दस्तावेजों को पैनल को सौंपने को कहा है। अब माना जा रहा है कि निवर्तमान पदाधिकारियों की महासंघ में कोई भूमिका नहीं रहने वाली है। इसके जवाब में कुश्ती संघ के अधिकारियों ने कहा है कि उनको भारतीय ओलंपिक संघ के आदेशों का पालन करने में कोई समस्या नहीं है। वो पहले से ही अधिकारियों के साथ सहयोग की बात कर रहे हैं।

Photo Source: Twitter
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आईओए के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कुश्ती संघ के अधियारियों पर आर्थिक रोक लगाने के साथ ही सभी दस्तावेजों, एकाउंट्स और विदेशी टूर्नामेंटों के लिए दी जाने वाली एंट्री का लॉगिन, वेबसाइड के संचालन जल्द ही उसे सौंपने को कहा है। दरअसल, IOA ने यह कदम भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव को रद्द कर खेल मंत्रालय की ओर से तदर्थ समिति को संघ के चनाव कराने व उसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने के बाद उठाया है। बता दें कि भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती संघ के संचालन के लिए 45 दिन के अंदर चुनाव कराने संबंधित तीन सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन किया गया था और ये गठन 3 मई को किया गया था। इसमें भूपेंद्र सिंह बाजवा, रिटार्यड जज, ओलंपियन निशानेबाज सुमा सिरूर को शामिल किया गया।

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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