भारत में इस समय न सिर्फ क्रिकेट बल्कि अन्य खेलों का दबदबा भी काफी बढ़ता जा रहा हैं। इस समय पैरा वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप 2025 खेली जा रही हैं, जिसमें भारतीय खिलाड़ी लगातार कमाल दिखा रहे हैं। भारत की 18 वर्षीय एथलीट शीतल देवी ने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।
शीतल देवी ने पैरा वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

18 साल की भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने पैरा वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। बिना हाथों के तीरंदाजी करने वाली शीतल ने महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत इवेंट में तुर्की की वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी ओज़नूर क्यूर गिर्दी को 146-143 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। शीतल इस प्रतियोगिता की एकमात्र ऐसी खिलाड़ी थीं जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। वह अपने पैरों और ठोड़ी की मदद से तीर चलाती हैं।
यह टूर्नामेंट में उनका तीसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने टोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जिसमें उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन की जोड़ी जोडी ग्रिनहम और नाथन मैकक्वीन को 152-149 से हराया। इसके अलावा, उन्होंने सरिता के साथ मिलकर कंपाउंड महिला टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी हासिल किया था, जहाँ फाइनल में उन्हें तुर्की से हार का सामना करना पड़ा।
शुरुआत से ही शीतल ने बनाई बढ़त
सिंगल्स में फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। शीतल ने बहुत संयम और आत्मविश्वास के साथ निशाने लगाए। पहले और तीसरे राउंड में स्कोर बराबर रहा, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने लगातार तीन परफेक्ट 10 शॉट लगाकर बढ़त बना ली। चौथे राउंड में वह एक अंक से पीछे रहीं, लेकिन फिर भी कुल स्कोर में उनकी दो अंकों की बढ़त बनी रही।
आखिरी राउंड में उन्होंने एक बार फिर तीन परफेक्ट शॉट लगाए और मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने 2023 में हुई पिलसेन चैंपियनशिप में गिर्दी के हाथों मिली हार का बदला भी ले लिया।
शीतल ने हासिल की रोमांचक जीत
मिक्स्ड टीम इवेंट का मुकाबला भी बेहद रोचक रहा। भारत की ओर से शीतल और टोमन ने शुरुआत से ही अच्छा खेल दिखाया और धीरे-धीरे बढ़त बना ली। ब्रिटेन की टीम ने बीच में स्कोर बराबर कर लिया था, लेकिन आखिरी राउंड में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार तीर चलाए और मुकाबला 152-149 से जीत लिया। इस तरह शीतल ने इस चैंपियनशिप में एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया।
शीतल देवी ने गोल्ड मेडल जीतकर दिखा दिया हैं कि अगर इंसान कुछ भी करना चाहे तो वो कर सकता हैं। वो लगातार पैरा वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और अगर ऐसे परफॉर्म करती रहती हैं तो वो पैरा ओलम्पिक में भी भारत का नाम रोशन कर सकती हैं।

