Faith Kipyegon Wins Fourth 1500m Title in The World Athletics Championships 2025: वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में केन्या की महान महिला रेसर फेथ किपयेगॉन ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। उन्होंने 1500 मीटर की रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथी बार गोल्ड मेडल जीता और दुनिया को बता दिया कि इस इवेंट में अभी उनका कोई तोड़ नहीं है।
किपयेगॉन का यह खिताब उनके करियर के सुनहरे अध्याय में एक और बड़ा नाम जोड़ देता है और यह साबित करता है कि वह पिछले एक दशक से इस इवेंट की सबसे बड़ी महिला रेसर हैं।
1500 मीटर रेस में Faith Kipyegon का दबदबा
टोक्यो में आयोजित फाइनल रेस में किपयेगॉन ने शुरुआत से ही बढ़त बनाई और आखिरी लैप तक अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 3 मिनट 52.15 सेकंड में रेस को खत्म किया और दूसरे स्थान पर रहीं। केन्याई दिग्गज ने इस रेस में अपनी ही हमवतन डॉर्कस एवोई को लगभग तीन सेकंड से हराया।
इस जीत के साथ किपयेगॉन 1500 मीटर में चार बार वर्ल्ड खिताब जीतने वाली सिर्फ दूसरी एथलीट बन गईं। उनसे पहले यह कारनामा मोरक्को के हिचम एल गुएरूज ने किया था।
किपयेगॉन ने रेस जीतने के बाद चार उंगलियां उठाकर अपने चार खिताबों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह हमेशा उनका सपना रहा है कि वह इस इवेंट में लगातार अपना दबदबा बनाए रखें और हर बार गोल्ड जीतें।
चार मिनट में एक मील दौड़ने का सपना और वापसी
फेथ किपयेगॉन ने इस साल जून में 4 मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने का सपना पूरा करने की कोशिश की थी, लेकिन वह छह सेकंड से पीछे रह गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने खुद पर निराशा को हावी नहीं होने दिया और तीन महीने बाद ही 1500 मीटर में अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए 3:48.68 का समय दर्ज किया।
टोक्यो स्टेडियम में वापसी करते हुए किपयेगॉन ने साफ किया कि इस बार वर्ल्ड रिकॉर्ड उनका लक्ष्य नहीं था। उन्होंने जीत पर ध्यान दिया और अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त को लगातार बढ़ाते हुए खिताब अपने नाम किया।
प्रेरणा बनीं किपयेगॉन
किपयेगॉन की खासियत यह है कि वह केवल ट्रैक पर ही नहीं, बल्कि ट्रैक के बाहर भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने मातृत्व के बाद भी अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी सात साल की बेटी एलिन इस जीत से बेहद खुश है। किपयेगॉन ने बताया कि रेस से पहले बेटी ने उनसे पूछा था कि वह मेडल कब जीतेंगी और उन्होंने जवाब दिया था कि “आज ही”।
इस इवेंट के समाप्त होने के बाद सिल्वर मेडल जीतने वाली डॉर्कस एवोई भी किपयेगॉन से मिलकर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा किपयेगॉन को देखकर प्रेरित होती रही हैं और अब उनके साथ पोडियम शेयर करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।
अगले ओलंपिक गेम्स पर होंगी किपयेगॉन की निगाहें
फेथ किपयेगॉन का यह प्रदर्शन यह बताने के लिए काफी है कि वह केवल अपने रिकॉर्ड के लिए नहीं बल्कि खेल को आगे बढ़ाने के लिए भी दौड़ रही हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि और महिलाएं आगे आएं और अपने सपनों के लिए मेहनत करें। वह इस खेल को महिलाओं के लिए नई ऊंचाई पर ले जाना चाहती हैं।
किपयेगॉन का सफर यहीं खत्म नहीं होगा। अब उनकी निगाहें अगले ओलंपिक गेम्स पर होंगी जहां वह चौथी बार गोल्ड जीतने का सपना पूरा करना चाहेंगी।
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