Alcaraz-Ferrero: विश्व के शीर्ष रैंकिंग वाले स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज ने लंबे समय से कोच रहे जुआन कार्लोस फरेरो से अलग होने का फैसला कर लिया है। इसके अलावा अपने कोच जुआन कार्लोस फरेरो के मार्गदर्शन में अल्कराज ने छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर टेनिस की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
कोच जुआन कार्लोस फरेरो से अलग हुए अल्कराज :-

दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले टेनिस खिलाड़ी स्पेन के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज ने अपने लंबे समय से कोच रहे जुआन कार्लोस फरेरो के साथ अपनी सात साल की साझेदारी को अब समाप्त करने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा फरेरो वही कोच हैं जिनके मार्गदर्शन में अल्कराज पुरुष टेनिस के शिखर तक पहुंचे हैं।
छोटी उम्र से फरेरो ने दी अल्काराज को कोचिंग :-
स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज ने बीते दिन बुधवार को सोशल मीडिया पर अपने इस कठिन फैसले की घोषणा की थी। इसके बाद उनके कोच फरेरो ने अपने बयान में अपने शिष्य का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह तो इस साझेदारी को जारी रखना चाहते थे। इसके अलावा फरेरो ने अल्कराज को 15 साल की उम्र से ही कोचिंग देना शुरू कर दिया था।

इसके दम पर ही इस स्पेनिश स्टार अल्कराज ने कुल छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। वहीं उनके इन खिताबों में दो फ्रेंच ओपन, दो विंबलडन और दो यूएस ओपन के खिताब शामिल हैं। इसके अलावा कार्लोस अल्कराज ने 24 एटीपी टूर खिताब भी जीतकर अपने नाम किए हैं। जबकि इनमें आठ मास्टर्स 1000 ट्रॉफियां भी शामिल हैं।

इसके बाद 22 वर्षीय अल्कराज ने लिखा है कि, “सात साल से ज्यादा समय साथ बिताने के बाद, जुआन और मैंने कोच और खिलाड़ी के रूप में अपनी यात्रा को यहीं समाप्त करने का फैसला किया है। इसके अलावा मेरे बचपन के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। वहीं जब हम दोनों ने यह सफर शुरू किया था, तब मैं केवल एक बच्चा था। इसके अलावा आपने कोर्ट के अंदर और बाहर, हर कदम पर मेरा साथ दिया है। तभी तो मैंने इस यात्रा के हर पल का भरपूर आनंद लिया है।”
अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता :-

इसके अलावा अपने कोच फरेरो के साथ मिलकर ही अल्कराज साल 2022 में केवल 19 साल की उम्र में यूएस ओपन का खिताब जीतकर एटीपी रैंकिंग में नंबर 1 बनने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इसके बाद फरेरो ने कहा कि, “मेरे लिए आज का दिन मुश्किल है। क्यूंकि ऐसे मौकों पर सही शब्द ढूंढना आसान नहीं होता है। वहीं अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता है, खासकर तब जब इतने अनुभव साथ साझा किए हों। इसके अलावा हमने कड़ी मेहनत की, साथ बढ़े और अविस्मरणीय पल जिए हैं।”
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