Sumit Nagal: अखिल भारतीय टेनिस संघ ने यह दावा किया है कि भारत के स्टार एकल पुरुष टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal) ने भारत के लिए डेविस कप मुकाबले खेलने के लिए 50,000 अमेरिकी डालर (करीब 45 लाख रुपये) की सालाना फीस मांगी थी। एआईटीए की इस प्रतिक्रिया के बाद अब देश के इस शीर्ष सिंगल्स खिलाड़ी ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को उनकी सेवाओं के लिए भुगतान किया जाना सामान्य बात है।

क्यूंकि भारत के इस स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal) ने अपनी पीठ में खिंचाव का हवाला देते हुए स्वीडन के विरुद्ध डेविस कप मुकाबले से हटने का फैसला किया था। इस खिचाव के चलते हुए ही उन्हें पिछले महीने यूएस ओपन से भी बाहर होना पड़ा था।
Sumit Nagal एआईटीए का बयान आया सामने :-
इस मुकाबले में भारत स्वीडन के खिलाफ सिंगल्स विशेषज्ञ (Sumit Nagal) के बिना खेलने उतरा था। तभी तो इसके चलते हुए भारतीय टीम को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। तभी तो भारतीय टीम इस विश्व ग्रुप एक मुकाबले में एक सेट भी नहीं जीत सकी। इसके चलते हुए अब एआइटीए महासचिव अनिल धूपर ने कहा कि, एक खिलाड़ी को देश के लिए खेलने के लिए पैसे क्यों मांगने चाहिए, आप मुझे बताइए। यह एक बड़ा सवाल भी है।

इसके लिए सुमित नागल (Sumit Nagal) ने सालाना फीस मांगी थी। इसी बीच उन्होंने कहा भी था कि अगर उन्हें इसके लिए भुगतान नहीं किया गया तो वह नहीं खेलेंगे। लेकिन खिलाड़ियों को ‘टॉप्स’ के जरिए भी भुगतान किया जाता है। अब ऐसा नहीं है कि सुमित को डेविस कप खेलने के लिए भुगतान नहीं किया जाता।”
Sumit Nagal की दी अपनी सफाई :-
अब इस मामले में भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal) ने भी सोशल मीडिया पोस्ट लिखते हुए अपनी सफाई दी है। इस बार उन्होंने इस मामले में बयान देते हुए लिखा है कि मेरे लिए डेविस कप में से नाम वापस लेने का फैसला काफी मुश्किल था। तब मैंने अपनी मेडिकल टीम से बात करने के बाद इस मुश्किल फैसले को लिया था।

भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल (Sumit Nagal) ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि, ” मेरा मानना यह है कि टीम और देश के लिए बेहतर यही है कि कोई 100 फीसदी फिट खिलाड़ी ही टीम में खेले। न कि वो खिलाड़ी जो अपनी चोट को और नुकसान पहुंचा सके। क्यूंकि मैंने काफी समय पहले ही एआईटीए को अपनी चोट के बारे में बता दिया था।
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