Thursday, February 12

ATP 2025 ने टेनिस जगत को रोमांचक पलों के साथ ऐसी कहानियां भी दीं जो उम्मीदों से कोसों दूर रहीं और फैंस को निराश कर गईं।

ATP 2025 सीजन कई मायनों में अलग रहा, क्योंकि जहां एक तरफ अल्काराज और सिनर जैसे युवा सितारों ने अपने खेल से नई ऊंचाइयों को छुआ, वहीं दूसरी तरफ कई बड़े नामों ने अपने प्रदर्शन से निराश किया। यह साल चोटों, विवादों, गिरते फॉर्म और अधूरे सपनों से भरा रहा जिसने टेनिस फैंस को बार-बार सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर यह सब कैसे हुआ।

2025 में कई खिलाड़ी एक खास मुकाम के बेहद करीब पहुंचकर भी उससे दूर रह गए और कई ऐसे भी थे जिनकी सीजन की शुरुआत उम्मीद जगाने वाली रही, लेकिन अंत में कहानी बिल्कुल उलट निकली।

इस साल का दौर खासतौर पर उन घटनाओं से भरा रहा, जिन्होंने ATP टूर की अनिश्चितता को और ज्यादा उजागर किया। उनकी चोटें अचानक उनके सपनों के रास्ते में दीवार की तरह खड़ी हो गईं, लगातार अच्छे प्रदर्शन करने वाले दिग्गज अचानक तालमेल खो बैठे और एक विवाद ने लोगों के भरोसे को हिला दिया। आइए जानते हैं ATP 2025 सीजन की उन पांच बड़ी घटनाओं के बारे में, जिन्होंने फैंस को सबसे ज्यादा निराश किया।

ये रहीं ATP 2025 सीजन की सबसे बड़ी 5 निराशाजनक कहानियां

1. ग्रिगोर दिमित्रोव का विंबलडन सपना चोट की वजह से टूट गया

ग्रिगोर दिमित्रोव के लिए 2025 का विंबलडन एक नया इतिहास लिखने का सही मौका लेकर आया था, क्योंकि उनके फॉर्म और खेल में वह धार नजर आ रही थी जो कई सालों से गायब थी। क्वार्टरफाइनल में यानिक सिनर के खिलाफ उन्होंने शुरुआत में वही पुराना जादू दिखा दिया, जिसमें तेज सर्विस, सटीक फोरहैंड और डिफेंसिव खेल को तोड़ देने वाला स्लाइस शामिल था। उन्होंने लगातार दो सेट जीतकर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को बैकफुट पर धकेल दिया और सेंटर कोर्ट पर माहौल उम्मीदों से भर गया।

लेकिन तभी एक अचानक आई चोट ने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया और उनके कदम भारी हो गए। दिमित्रोव का मूवमेंट प्रभावित हुआ, उनकी गति खत्म हो गई और अंत में उन्हें मैच छोड़ना पड़ा। जब वह कोर्ट से बाहर जा रहे थे तो हर किसी के चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी क्योंकि ऐसा लग रहा था कि यह वही दिन हो सकता था जब वह अपने करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल खेलते। यह पलों की दूरी पर मौजूद एक सपने का टूटना था जो पूरे सीजन की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बन गया।

2. नोवाक जोकोविच का 25वें ग्रैंड स्लैम से दूर रह जाना

नोवाक जोकोविच 2025 में 100 कैरियर टाइटल्स का आंकड़ा छूकर एक नई उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे, लेकिन उनका सबसे बड़ा लक्ष्य हाथ से फिसल गया। 38 साल की उम्र में भी उनका खेल उच्च स्तर पर था और वह लगातार क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचते रहे, लेकिन दूसरी हफ्ते में आने वाली शारीरिक दिक्कतों ने हर बार उन्हें रोक दिया।

ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में मिली हार ने यह साफ कर दिया कि वह अभी भी खतरनाक हैं, लेकिन पहले जैसे अजेय नहीं। यानिक सिनर के खिलाफ उनकी मुश्किलों ने इस बात पर और जोर दिया कि टूर पर अब नई पीढ़ी मजबूत कदमों से आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद 100 खिताबों का मील का पत्थर दिखाता है कि खेल से उनका प्रभाव अभी खत्म नहीं हुआ, लेकिन 25वें ग्रैंड स्लैम की राह 2025 में उनके लिए अधूरी ही रह गई।

3. होल्गर रूण की चोट जिसने करियर को मोड़ पर रोक दिया

होल्गर रूण ने 2025 में शानदार वापसी करते हुए फिर से टॉप 10 की ओर कदम बढ़ाए और सीजन के अंत तक ट्यूरिन फाइनल्स की रेस में मजबूती से बने रहे। लेकिन इंडोर स्विंग के दौरान अचानक उभरी कमर की परेशानी ने उनकी लय बिगाड़ दी, और स्टॉकहोम ओपन के सेमीफाइनल में लगी एड़ी की गंभीर नस फटने वाली चोट ने उनके पूरे सीजन को एक झटके में खत्म कर दिया।

यह चोट न सिर्फ उनके टूर फाइनल्स के सपने को खत्म कर गई, बल्कि इसने उनके करियर की दीर्घकालिक मजबूती पर सवाल खड़ा कर दिया। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि युवा खिलाड़ी होने के बावजूद अत्यधिक ट्रेनिंग लोड और लगातार टूर्नामेंट खेलना शरीर पर भारी पड़ सकता है। फैंस को अब इंतजार है कि 2026 में वह अपनी पुरानी ताकत और ऊर्जा के साथ लौट पाते हैं या नहीं।

4. डेनियल मेदवेदेव का फॉर्म और आत्मविश्वास दोनों खोना

डेनियल मेदवेदेव का 2025 सीजन ऐसा रहा, जिसे वह जल्दी भूलना चाहेंगे, क्योंकि वह न तो फॉर्म को बरकरार रख पाए और न ही बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ पाए। उनकी सबसे बड़ी निराशा यह रही कि उन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम में मिलाकर केवल एक ही मैच जीता, जबकि वह सालों तक टूर पर सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी माने जाते रहे हैं।

उनकी पुरानी रणनीतिक समझ, बेजोड़ डिफेंसिव क्षमता और लंबी रैलियों में धैर्य जैसे गुण लगातार कम होते दिखे। हार का दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपने लंबे समय के कोच गिल्स सर्वारा से भी अलग होने का फैसला किया। यह बदलाव बताता है कि 2025 ने उन्हें मानसिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर झकझोर दिया और अब 2026 उनके लिए खुद को फिर से खड़ा करने का मौका होगा।

5. यानिक सिनर का डोपिंग विवाद जिसने टूर को बांट दिया

यानिक सिनर का डोपिंग विवाद 2025 की सबसे जोरदार चर्चाओं में से एक रहा, क्योंकि तीन महीने का बैन भले ही जानकारी नियमों का उल्लंघन करने के कारण लगा था, लेकिन इसकी टाइमिंग ने विवाद को और बढ़ा दिया। उनकी सजा बिल्कुल उस अवधि में लागू हुई जब बड़े टूर्नामेंट नहीं थे, जबकि सजा खत्म होते ही वह क्ले सीजन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन के लिए उपलब्ध हो गए। आलोचकों ने इसे सिस्टम की कमजोरी बताया और कई पूर्व खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि बड़े नामों को नियमों में ढील दी जाती है।

इसके अलावा, नोवाक जोकोविच की टिप्पणी ने भी बहस को और गर्म कर दिया, क्योंकि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से टूर के दोहरे मापदंडों पर सवाल खड़े किए। इस विवाद ने फैंस के भरोसे को चोट पहुंचाई और यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या नियम सभी के लिए बराबर हैं। हालांकि, सिनर ने अपनी वापसी के बाद खेल पर फोकस किया, लेकिन 2025 का यह अध्याय उनकी छवि पर एक दाग बनकर रह गया जिसे मिटने में समय लगेगा।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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