Sheetal Devi: इस बार पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के कुल 84 एथलीट मेडल के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। वहीं इस बार भारत की तरफ से तीरंदाज शीतल देवी भी इन खेलों में भाग लेने वाली है। इसके अलावा भारत की यह 17 वर्षीय महिला तीरंदाज शीतल देवी (Sheetal Devi) इस समय कम्पाउंड ओपन महिला वर्ग में वर्ल्ड की नंबर 1 खिलाड़ी हैं।

जम्मू कश्मीर के एक छोटे गांव किश्तवाड़ की यह भारतीय पैरा खिलाड़ी शीतल देवी (Sheetal Devi) फोकोमेलिया नामक बीमारी से पीड़ित हैं। यह एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी है। इसके कारण अंग अविकसित या अनुपस्थित हो जाते हैं। इस समय शीतल देवी दुनिया की एकमात्र महिला तीरंदाज है जो अपने हाथों के इस्तेमाल के बिना केवल अपने पैरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करती हैं।
Sheetal Devi 15 साल की उम्र में पहली बार देखा था धनुष और तीर :-
शीतल देवी (Sheetal Devi) जब केवल 15 वर्ष की थी तो तब उसने पहली बार धनुष और तीर देखा था। शीतल देवी का जन्म जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के छोटे से गाँव में हुआ था। वहीं इस खेल के लिए उसकी पहुँच लगभग न के बराबर थी क्यूंकि जन्म से ही उनके दोनों हाथ नहीं थे। लेकिन उनका पूरा जीवन तब बदल गया था जब वह साल 2022 में अपने दो कोचों, कुलदीप वेदवान और अभिलाषा चौधरी से मिली थी।

इन दोनों ही कोचों ने शीतल देवी की जीतने की उसकी इच्छा और उसके साहसी स्वभाव से प्रभावित होकर उनको अमेरिकी तीरंदाज मैट स्टुट्ज़मैन से प्रेरित एक कस्टमाइज़्ड डिवाइस पर अपने पैरों और ऊपरी शरीर का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया था। क्यूंकि उस समय उनके परिवार के पास ऐसी मशीन खरीदने के लिए पैसे ही नहीं थे। लेकिन फिर भी उनके कोच कुलदीप ने स्थानीय स्तर पर एक धनुष खरीदा था और उनकी तब की जरूरतों को भी पूरा किया था।

शीतल देवी (Sheetal Devi) की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि वह अपने शरीर को इतना मजबूत कैसे बनाएगी कि वह अपनी पीठ और पैरों की मदद से तीर चला सके। तब कोच अभिलाष ने कहा कि, हमें यह पता लगाना था कि उसके पैरों की ताकत को कैसे संतुलित किया जाए। इसे कैसे संशोधित किया जाए और तकनीकी रूप से इसका उपयोग कैसे किया जाए।” लेकिन फिर भी शीतल के पैर काफी मजबूत हैं लेकिन हमें यह पता लगाना था कि वह अपनी पीठ का उपयोग कैसे करेगी।

इसके लिए इन तीनों ने एक प्रशिक्षण दिनचर्या बनाई और उसको फॉलो किया। उनका यह प्रशिक्षण एक रबर बैंड, थेराबैंड से शुरू हुआ और धीरे-धीरे एक वास्तविक धनुष में बदल गया। इसके बाद फिर शीतल ने 5 मीटर के लक्ष्य को मारने से लेकर चार महीने के भीतर एक असली धनुष का उपयोग करके 50 मीटर के लक्ष्य को मारा था।

इसके बाद फिर दो साल बाद इस तीरंदाज ने 2023 में एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में 10 अंक हासिल किए और बाद में अपने देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। वहीं इस समय शीतल देवी पैरा विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली महिला बिना हाथ वाली तीरंदाज भी बनीं है।
Sheetal Devi एशियाई पैरा गेम्स 2023 में रचा था इतिहास :-

शीतल देवी ने एशियाई पैरा गेम्स 2023 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। उस समय चीन के हांगझाऊ में हुए एशियाई पैरा खेलों में शीतल देवी ने पैरा खेलों में दो गोल्ड मेडल समेत तीन मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। इसके अलावा शीतल देवी एक ही संस्करण में दो गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी बनी थी। इसके लिए उनको अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
Sheetal Devi ऐसे हुई थी करियर की शुरुआत :-
जम्मू कश्मीर के एक छोटे गांव किश्तवाड़ के किसान परिवार में जन्मी शीतल देवी ने 15 साल की उम्र तक धनुष-बाण नहीं देखा था। लेकिन उनके जीवन में निर्णायक मोड़ साल 2022 में आया जब उन्होंने एक परिचित की सिफारिश पर जम्मू के कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड खेल परिसर का दौरा किया था। यह उनके घर से लगभग 200 किमी (124 मील) दूर है।

वहां पर उन्होंने अभिलाषा चौधरी और उनके दूसरे कोच कुलदीप वेदवान से मुलाकात की थी। इन दोनों ही कोचों ने शीतल देवी को तीरंदाज़ी की दुनिया से परिचित कराया था। इसके बाद फिर शीतल देवी जल्द ही कटरा शहर में एक ट्रेनिंग शिविर में चली गईं थी। फिर इसके बाद शीतल देवी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
शीतल देवी के पदक और उपलब्धियां :-
विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप 2023 रजत पदक – महिला व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन तीरंदाजी
एशियाई पैरा गेम्स 2023 स्वर्ण पदक – महिला व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन तीरंदाजी
एशियाई पैरा गेम्स 2023 स्वर्ण पदक – मिश्रित युगल कंपाउंड ओपन तीरंदाजी
एशियाई पैरा गेम्स 2023 रजत पदक – महिला युगल कंपाउंड ओपन तीरंदाजी
2023 में ओपन श्रेणी में विश्व की नंबर 1 महिला कंपाउंड पैरा तीरंदाज
खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2023 स्वर्ण पदक – महिला व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन तीरंदाजी
अर्जुन पुरस्कार 2023
एशियाई पैरालंपिक समिति द्वारा वर्ष 2023 का सर्वश्रेष्ठ युवा एथलीट
विश्व तीरंदाजी द्वारा वर्ष 2023 का सर्वश्रेष्ठ महिला पैरा तीरंदाज
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