Players To Carry Bat In Duleep Trophy History: फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यदि कोई बल्लेबाज अपनी टीम के लिए पारी की शुरूआत करता है और अपनी टीम के ऑलआउट होने तक नाबाद रहता है यानी अंत तक टिका रहता है, तो इसे ‘बैट कैरी (Bat Carry)’ करना कहा जाता है। हाल ही में, दिलीप ट्रॉफी 2024-25 में इंडिया बी के सलामी बल्लेबाज और कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली इंडिया सी के खिलाफ खेले गए मुकाबले की पहली पारी में 286 गेंदों पर 157 रनों की शानदार पारी खेली और अंत तक नाबाद रहकर बैट कैरी किया।
हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी खिलाड़ी ने दिलीप ट्रॉफी में बैट कैरी करने का कारनामा किया है। इससे पहले 6 अन्य बल्लेबाज यह कारनामा कर चुके हैं। इनमें से कई सारे बल्लेबाजों ने टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है, लेकिन ईश्वरन अभी भी अपने टेस्ट डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं। दिलीप ट्रॉफी इतिहास में बैट कैरी करने वाले खिलाड़ियों में कई बेहतरीन बल्लेबाजों का भी नाम शामिल है। इसीलिए, यहाँ हम आपको दिलीप ट्रॉफी इतिहास में बैट कैरी करने वाले सभी 7 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
दिलीप ट्रॉफी इतिहास में बैट कैरी वाले सभी 7 खिलाड़ी | 7 Players To Carry Bat In Duleep Trophy History
7. सुरेन्द्र भावे (Surendra Bhave)

महाराष्ट्र के पूर्व सलामी बल्लेबाज सुरेन्द्र भावे ने दिलीप ट्रॉफी 1993/94 में वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए ईस्ट जोन के खिलाफ दूसरी पारी में 103 गेंदों पर 28* रन बनाए थे। उन्होंने इस मुकाबले में तत्कालीन कप्तान रवि शास्त्री के साथ पारी की शुरुआत की थी और अंत तक नाबाद रहे थे। उस पारी में उनकी टीम मात्र 103 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी और उन्हें एक पारी और 101 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
6. वसीम जाफ़र (Wasim Jaffer)

मुंबई और विदर्भ के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने दिलीप ट्रॉफी 1999/00 में वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ पहली पारी में बैट कैरी करते हुए 431 गेंदों पर 171* रन बनाए थे। उन्होंने इस मुकाबले में बड़ौदा के कॉनर विलियम्स के साथ पारी की शुरुआत की थी और अंत तक नाबाद रहे थे। उस पारी में उनकी टीम ने 367/10 का स्कोर बनाया था। हालाँकि उस मैच में उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था।
5. आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra)

दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने दिलीप ट्रॉफी 2001/02 में नॉर्थ जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए वेस्ट जोन के खिलाफ दूसरी पारी में 438 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 253 गेंदों पर 119* रन बनाए थे। उन्होंने इस मुकाबले में विक्रम राठौड़ के साथ पारी की शुरुआत की थी और अंत तक नाबाद रहे थे। उस मुकाबले में उनकी टीम 253 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी और उन्हें 178 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
4. शिव सुंदर दास (Shiv Sunder Das)

ओड़िसा के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिव सुंदर दास ने दिलीप ट्रॉफी 2003/04 में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए इंग्लैंड A के खिलाफ पहली पारी में एमएस धोनी के साथ पारी की शुरुआत की थी। वह उस पारी में 294 गेंदों पर 129* रन बनाकर अपनी टीम के 283 के स्कोर पर ऑलआउट होने तक नाबाद थे। उस मुकाबले में ईस्ट जोन को 93 रनों से जीत मिली थी।
3. गौतम गंभीर (Gautam Gambhir)

दिल्ली के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने दिलीप ट्रॉफी 2003/04 में नॉर्थ जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए वेस्ट जोन के खिलाफ दूसरी पारी में 203 गेंदों पर 111* रनों की शानदार पारी खेली थी। उस पारी में उनकी टीम 191 रनों पर ऑलआउट हो गई थी और विपक्षी टीम को 299 रनों का टारगेट मिला था, जिसे चेज करते हुए उन्हें 21 रनों से हार झेलनी पड़ी।
2. विनायक माने (Vinayak Mane)

मुंबई और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सलामी बल्लेबाज विनायक माने ने दिलीप ट्रॉफी 2003/04 में वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ दूसरी पारी में 249 गेंदों पर 127 रनों की शानदार पारी खेली थी। उस पारी में उनकी टीम 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 277 रनों पर ऑलआउट हो गई थी, जिसके चलते उन्हें 21 रनों से हार झेलनी पड़ी। यह वही मुकाबला था, जिसमें गौतम नॉर्थ जोन के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी अपनी दूसरी पारी में बैट कैरी किया था।
1. अभिमन्यु ईश्वरन (Abhimanyu Easwaran)


