हिंदुस्तान में क्रिकेट की दिवानगी का स्तर अन्य देशों की तुलना में बहुत ज्यादा है। पुरी दुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां पर अन्य खेलों से ज्यादा क्रिकेट प्यार मिलता है। यहां के फैंस क्रिकेट को मंदिर और इसके खिलाड़ियों को भगवान तक का दर्जा दे देते हैं। ऐसे में हर क्रिकेट प्रेमी खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट समझने से भी पीछे नहीं हटता है। जब कोई बल्लेबाज या गेंदबाज असफल होता है तो ऐसे में टीवी सेट से चिपके हुए फैंस उनको अप्रत्यक्ष रूप से सलाह देने से भी पीछे नहीं हटते हैं। बावजूद इसके कुछ खेल के नियम ऐसे भी जहां पर खुद को एक्सपर्ट समझने वाले लोगों की बोलती बंद हो जाती है। इसी कड़ी में आज हम क्रिकेट में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले अंपायर्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। जिसमें हम आपको अंपायर बनने से लेकर इनकी कमाई तक सारी बातें साझा करने वाले हैं।
क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अंपायर
अंपयार के बिना क्रिकेट की कल्पना करना संभव नहीं है। एक अंपायर ही है जो इस खेल में अपनी अहम भूमिका निभाता है। मैदान पर खिलाड़ियों को आउट देने देने से लेकर बॉल बदलने तक अंपायर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बाहर बैठे हुए लोगों को लगता है कि अंपायर का काम आसान होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। एक अंपायर के मैदान में रहकर सही फैसला देना किसी चुनौती से कम नहीं है। ये काम बेहद मुश्किल माना जाता है। ये ही कारण है कि अंपायरिंग को क्रिकेट का सबसे चुनौतीपूर्ण जॉब कहा जाता है।

अंपायर बनने के लिए क्या है योग्यता?
किसी भी व्यक्ति को खासकर हिंदुस्तान में अंपायर बनने के लिहाज से किसी भी शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं होती है। लेकिन अंपायर के रूप में करियर बनाने वाले लोगों को क्रिकेट के सारे नियमों की गहन जानकारी होना जरूरी है। इससे भी जरूरी बात अंपायर बनने के लिए व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट होना बेहद महत्वपूर्ण है।
कितनी होती है सैलरी?
अगर बात करें बीसीसीआई में अंपायरिंग करने की तो बता दें कि यहां पर व्यक्ति की वरिष्ठता के आधार पर उसरी सैलरी निर्धारित की जाती है। यहां पर ग्रेड A से लेकर ग्रेड D तक के अंपायर्स होते हैं और हर ग्रेड के अलग-अलग तरह से फीस मिलती है। ग्रेड A के अंपायर की सैलरी 40 हजार रुपये प्रतिदिन और ग्रेड B के अंपायर को बीसीसीआई 30 हजार रुपये सैलरी प्रदान करता है।

