आईपीएल 2025 के दौरान जब देश में हलचल और तनाव का माहौल था, तब पंजाब किंग्स के कुछ विदेशी खिलाड़ी काफी घबरा गए थे। युद्धविराम की घोषणा के बाद उन्होंने भारत छोड़कर अपने-अपने देश लौटने का मन बना लिया था। इस फैसले ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी थी।
IPL 2025 में, रिकी पोंटिंग पंजाब किंग्स के लिए एक हीरो साबित हुए। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण आईपीएल को बीच में रोकना पड़ा और पोंटिंग अपने घर वापस जाने की तैयारी में थे। हालांकि, सीजफायर की खबर आने के बाद, उन्होंने प्लेन से उतरकर विदेशी खिलाड़ियों को भारत में ही रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
पोंटिंग ने संभाली कमान, दिया दमदार संदेश

ऐसे मुश्किल समय में टीम के हेड कोच और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग सामने आए। उन्होंने खिलाड़ियों से एक खुली बातचीत की और कहा, “जब भारत के लोग खुद शांत और मजबूत बने हुए हैं, तो हमें भी डरकर भागने की जरूरत नहीं है। हमें यहीं रहकर उनके साथ खड़ा रहना चाहिए।”
पोंटिंग की बातों का हुआ गहरा असर
पोंटिंग का ये इमोशनल और प्रेरणादायक मैसेज खिलाड़ियों के दिल को छू गया। ज्यादातर विदेशी खिलाड़ियों ने वापसी का फैसला टाल दिया और टीम के साथ बने रहे। इससे टीम का माहौल भी बेहतर हुआ और खिलाड़ियों के बीच एकजुटता और आत्मविश्वास नजर आया।
मार्को यानसेन भारत के बाहर

धर्मशाला में आठ मई को IPL मैच रद्द होने के बाद कुछ विदेशी खिलाड़ी ट्रेन से दिल्ली पहुंचे थे। इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया के मार्कस स्टोइनिस, आरोन हार्डी, जोश इंगलिस और जेवियर बार्टलेट शामिल थे। टीम के एक सदस्य ने बताया कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए ऐसी युद्ध जैसी स्थिति नई थी, इसलिए उनका डरना स्वाभाविक था।
स्टोइनिस की अगुवाई में वे जल्द से जल्द देश छोड़ना चाहते थे। मगर पोंटिंग ने उन्हें समझाया और सीजफायर के बाद भारत में रुकने के लिए तैयार कर लिया। ये वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
सिर्फ साउथ अफ्रीका के मार्को यानसेन ही ऐसे खिलाड़ी थे, जो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होने के बावजूद भारत छोड़ चुके हैं। हालांकि वह फिलहाल दुबई में हैं और आईपीएल दोबारा शुरू होने की खबरों के बीच जल्द टीम से जुड़ सकते हैं। अच्छी खबर यह है कि पंजाब किंग्स के ज्यादातर स्टार भारतीय और विदेशी खिलाड़ी भारत में ही मौजूद हैं, जिससे टीम टूर्नामेंट के फिर से शुरू होने पर मजबूत स्थिति में होगी।
सिर्फ कोच नहीं, सच्चे लीडर हैं पोंटिंग

पोंटिंग ने दिखा दिया कि वो सिर्फ कोच नहीं, एक सच्चे लीडर भी हैं। उन्होंने ये साबित किया कि क्रिकेट मैदान के बाहर भी असली मैच लड़ा जाता है, हिम्मत, भरोसे और साथ के दम पर। उनकी इस सोच ने पंजाब किंग्स को मुश्किल समय में भी मजबूत बनाए रखा।
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