राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बिहार की एक बड़ी और खास खेल परियोजना है। यह स्टेडियम ऐतिहासिक शहर राजगीर में बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि बिहार में फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट खेला जा सके। यह स्टेडियम राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंदर बन रहा है यह करीब 90 एकड़ जमीन में फैला होगा। जब यह स्टेडियम पूरी तरह बन जाएगा, तब यह बिहार क्रिकेट टीम का घरेलू मैदान बन जाएगा और इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच भी कराए जा सकेंगे।
स्टेडियम का स्थान और पहुंच
- यह स्टेडियम राजगीर, जिला नालंदा, बिहार में बन रहा है।
- पटना से लगभग 100 किलोमीटर और नालंदा खंडहरों से 20 किलोमीटर दूर है।
- यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है, जिससे स्टेडियम का वातावरण और भी शानदार बन जाएगा।
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की डिज़ाइन और तकनीक
- डिज़ाइन में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (ऑस्ट्रेलिया) से प्रेरणा ली गई है।
- स्टेडियम पूरी तरह से हरित (eco-friendly) होगा।
- इसमें सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा और जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकें लगाई जाएंगी।
खेल सुविधाएं
- 13 पिचें, जो अलग-अलग तरह के मैचों के लिए होंगी।
- फ्लडलाइट्स, जिससे रात में भी मैच खेले जा सकेंगे।
- ड्रेसिंग रूम, जिम, खिलाड़ियों के लिए आरामदायक लॉन्ज और अन्य सभी सुविधाएँ होंगी।
- दर्शकों के लिए पार्किंग, फूड कोर्ट और बैठने की आरामदायक व्यवस्था भी होगी।
टिकट कीमतें और स्टैंड की जानकारी
दर्शकों के लिए तीन बड़े स्टैंड होंगे- पश्चिम स्टैंड, पूर्व स्टैंड और रिवर्स पवेलियन स्टैंड। स्टेडियम में चार मुख्य प्रवेश द्वार होंगे- एक खिलाड़ियों के लिए, एक अधिकारियों के लिए और दो दर्शकों के लिए, ताकि भीड़ आसानी से अंदर और बाहर निकल सके। इसमें अंतरराष्ट्रीय मैच मानकों के अनुरूप आधुनिक कुर्सियाँ, फ्लडलाइट्स, साउंड सिस्टम और एक इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड भी शामिल होगा, जिससे क्रिकेट प्रशंसकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। एक स्टैंड या पवेलियन का नाम भारत के दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी के नाम पर रखा जा सकता है।

राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के टिकटों की कीमत अभी तय नहीं हुई है। चूँकि निर्माण कार्य अभी भी जारी है, उद्घाटन की तारीख घोषित होने के बाद टिकटों की जानकारी साझा की जाएगी।
उद्घाटन तिथि और क्षमता
इस स्टेडियम का उद्घाटन 5 अक्टूबर 2025 को किया गया था। इस स्टेडियम में 40,000 से 45,000 लोगों के बैठने की जगह होगी। इतनी बड़ी क्षमता के साथ यह भारत के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक बन जाएगा। इसमें से लगभग 3,000 सीटें वीवीआईपी (VVIP) मेहमानों के लिए अलग से रखी जाएंगी, जहाँ खास लोग बैठेंगे जैसे सरकारी अधिकारी, खिलाड़ी और अन्य प्रमुख मेहमान।
राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का अधिकार और संचालन
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का स्वामित्व अब बिहार क्रिकेट संघ (BCA) के पास है और इसका संचालन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। पहले यह परियोजना बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के अधीन थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बिहार क्रिकेट संघ को सौंप दिया गया है। इसके बाद न सिर्फ स्टेडियम के निर्माण कार्य में तेजी आई है, बल्कि यह भी सुनिश्चित हो गया है कि यहां खेले जाने वाले सभी मैच BCCI के नियमों और मानकों का पालन करेंगे। स्वामित्व के इस बदलाव से स्टेडियम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेज़बानी करने का बेहतर अवसर मिलेगा, जिससे बिहार में क्रिकेट को नई दिशा और पहचान मिलेगी।
प्रभाव और उद्देश्य
बिहार के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और मैच खेलने का मौका मिलेगा। इससे राज्य में खेलों को बढ़ावा मिलेगा और नौकरी व रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। यह स्टेडियम आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी आयोजित कर सकता है।
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