Fastest to 350 ODI wickets: वनडे क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच हमेशा एक अनोखी जंग देखने को मिलती है। हर मैच में गेंदबाजों के सामने चुनौती होती है कि वे सीमित ओवरों में बल्लेबाजों को रोकें और अपनी टीम को जीत दिलाएं। यही वजह है कि जब कोई गेंदबाज लंबे समय तक लगातार विकेट निकालता हुआ दिखाई देता है, तो वह सिर्फ अपनी टीम नहीं बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान खींच लेता है।
वनडे फॉर्मेट में 350 विकेट तक पहुंचना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। लेकिन इस उपलब्धि तक सबसे कम मैचों में पहुंचना किसी गेंदबाजी कौशल से कम नहीं। आज हम उन पांच दिग्गज गेंदबाजों की बात कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे कम मैचों में यह मुकाम हासिल किया। इस खास सूची में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के दो दो दिग्गजों के साथ श्रीलंका के एक महान स्पिनर का नाम भी शामिल है।
ये हैं वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज 350 विकेट लेने वाले टॉप 5 गेंदबाज (Fastest to 350 ODI Wickets)
1. ब्रेट ली – 202 मैचों में 350 विकेट
ब्रेट ली अपनी तेज रफ्तार और बाउंसर के लिए जाने जाते थे और उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों को हमेशा असहज किया। ऑस्ट्रेलिया के इस तेज गेंदबाज ने केवल 202 मैचों में 350 विकेट हासिल कर यह अद्भुत रिकॉर्ड बनाया। यह यात्रा आसान नहीं थी क्योंकि ली ने अपने करियर में चोटों का भी सामना किया, फिर भी वह हमेशा मैच विनर के रूप में लौटे।
ली की सफलता में उनकी लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति, सटीक लाइन लेंथ और नवीनता ने बड़ी भूमिका निभाई। यॉर्कर और शॉर्ट बॉल का संयोजन उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। यह रिकॉर्ड बताता है कि ली सिर्फ गति के भरोसे नहीं बल्कि दिमागी समझ और तकनीक के दम पर भी विपक्षी बल्लेबाजों को मात देते थे।
2. वकार यूनुस – 218 मैचों में 350 विकेट
पाकिस्तान के वकार यूनुस रिवर्स स्विंग के बादशाह कहे जाते हैं। उन्होंने 218 मैचों में 350 विकेट पूरे किए। वकार ने अपने करियर में कई बार बल्लेबाजों को पीछे हटकर खेलने पर मजबूर किया। उनकी गेंदबाजी विशेषकर आखिरी ओवरों में खतरनाक मानी जाती थी और उनका यॉर्कर बल्लेबाजों के पैरों को जड़ कर देता था।
वकार की खासियत यह थी कि वे नई गेंद से भी स्विंग निकालते थे और जैसे जैसे गेंद पुरानी होती, उनकी रिवर्स स्विंग बल्लेबाजों को समझ ही नहीं आती थी। उनका एक लक्ष्य हमेशा बल्लेबाज के स्टंप या पैरों को निशाना बनाना रहा। इस कौशल ने उन्हें उन गेंदबाजों में शामिल किया जो हमेशा विकेट लेने के लिए गेंदबाजी करते थे, न कि रन रोकने के लिए।
3. मुथैया मुरलीधरन – 229 मैचों में 350 विकेट
श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने 229 मैचों में 350 विकेट हासिल किए। स्पिन गेंदबाजी की दुनिया में उनकी तरह लगातार खतरा शायद ही कोई और बन पाया हो। ऑफ स्पिन के साथ उनकी ‘दूसरा’ बल्लेबाजों के लिए हमेशा रहस्य रही।
मुरलीधरन की लाइन लेंथ और गहराई से बल्लेबाज को पढ़ने की क्षमता ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया। वे विकेटों की तलाश में रहते हुए भी गेंदबाजी में कंट्रोल नहीं खोते थे। साल 2004 में कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जो उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव था। स्पिनर होने के बावजूद कम मैचों में यह माइलस्टोन बताता है कि मुरली ने सिर्फ विकेट ही नहीं बल्कि क्रिकेट इतिहास में अपनी विशेष जगह भी बनाई।
4. ग्लेन मैक्ग्रा – 233 मैचों में 350 विकेट
ग्लेन मैक्ग्रा अपनी लाइन और लेंथ के लिए मशहूर रहे। उन्होंने 233 मैचों में 350 विकेट तक का सफर तय किया। उनकी गेंदबाजी में कोई खास फैंसी वेरिएशन नहीं थी, लेकिन उनकी सटीकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। बल्लेबाजों को मजबूर करना कि वे गलत शॉट खेलें, यही उनकी रणनीति रहती थी।
मैक्ग्रा के पास असाधारण नियंत्रण था और वे लगातार सही जगह पर गेंद डालते थे। चाहे पिच स्विंग दे या ना दे, वे बल्लेबाजों से गलती निकालने का तरीका ढूंढ लेते थे। यह रिकॉर्ड साबित करता है कि क्रिकेट में केवल गति नहीं बल्कि लगातार सही लाइन लेंथ पर गेंदबाजी करने से भी सफलता हासिल होती है।
5. वसीम अकरम – 244 मैचों में 350 विकेट
वसीम अकरम को ‘सुल्तान ऑफ स्विंग’ कहा जाता है और यह नाम उन्होंने अपने प्रदर्शन से कमाया। उन्होंने 244 मैचों में 350 विकेट पूरे किए थे। उन्होंने यह उपलब्धि 1998 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में हासिल की थी।
अकरम की खूबी उनकी विविधता थी। वे स्विंग, सीम और स्लोअर गेंद का ऐसा संयोजन करते थे कि बल्लेबाज भ्रमित हो जाता था। उनका एंगल, रफ्तार और रिदम बल्लेबाजी क्रम को हमेशा परेशान करता था। उन्हें देखने के बाद ही यह समझ आता था कि गेंदबाजी केवल कला नहीं बल्कि विज्ञान भी है।
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