National Wrestling Championships: अहमदाबाद में खेली गई नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के शीर्ष पहलवानों ने दमदार प्रदर्शन किया है। इसके अलावा अहमदाबाद में खेली गई यह प्रतियोगिता पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद पहली बड़ी राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता थी। वहीं इस प्रतियोगिता का समापन रविवार को ग्रीको-रोमन मुकाबलों के साथ हो गया है।
भारत के शीर्ष पहलवानों ने किया शानदार प्रदर्शन :-

नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के शीर्ष पहलवानों ने काफी दमदार प्रदर्शन किया है। वहीं इस बार यह प्रतियोगिता अहमदाबाद में आयोजित की गई थी। वहीं अब इस प्रतियोगिता में पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत और विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम पंघाल ने स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोर ली है। इस दौरान सबसे खास बात यह रही है कि इन दोनों पहलवानों ने अपने परंपरागत वजन वर्ग से अलग श्रेणियों में उतरकर खिताब जीतकर पाने नाम किए हैं।
अमन सहरावत ने 61 किग्रा में जीता स्वर्ण पदक :-
इससे पहले 57 किग्रा वर्ग में मुकाबला करने वाले अमन सहरावत ने इस बार 61 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में हिस्सा लिया था। लेकिन इससे पहले अमन को इसी साल क्रोएशिया में खेली गई वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान वजन ज्यादा होने पर अयोग्य ठहराया गया था। इसके बाद भारतीय कुश्ती महासंघ ने उनको एक साल के लिए निलंबित कर दिया था।

लेकिन अब उनका यह निलंबन हटा लिया गया है। इसके चलते हुए ही उन्होंने अहमदाबाद में प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया है। इसके चलते हुए अब उन्होंने वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए फाइनल मैच में निखिल को 10-0 से हराया था। लेकिन इससे पहले उन्होंने क्वार्टरफाइनल में आदित्य नारायण को 12-1 और ललित को 10-0 से हरा दिया था। जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने चोटिल भौंह और खून बहने के बावजूद अनुज कुमार को 13-2 से हराया था।
मैच जीतने के बाद अमन ने दी प्रतिक्रिया :-
इस मैच को जीतने के बाद अमन ने एएनआई से बात करते हुए रेसलिंग प्रीमियर लीग 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और विनेश फोगाट की वापसी पर अपनी राय रखी थी। इस बीच उन्होंने कहा कि, “अब मुझे काफी अच्छा लग रहा है। क्यूंकि WPL एक नेक्स्ट-लेवल प्रतियोगिता है। स्टेडियम और सुविधाएं शानदार हैं।

अब इससे साल 2028 के लिए कुश्ती का भविष्य उज्ज्वल दिखाई देता है।” इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर कहा कि साल 2026 संस्करण में कुश्ती शामिल नहीं है। लेकिन वह 2030 के लिए पूरी मेहनत करेंगे। इसके बाद उन्होंने विनेश फोगाट की वापसी पर कहा कि, “‘उनका फैसला अच्छा है। साल 2028 ओलंपिक में उनसे हमें पदक की उम्मीद है।”
अंतिम पंघाल ने 55 किग्रा में जीता स्वर्ण पदक :-

इसके अलावा इस बार दो बार की विश्व चैंपियन अंतिम पंघाल ने भी अपने सामान्य 53 किग्रा की बजाय 55 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था। वहीं इस बार उन्होंने क्वार्टरफाइनल में हंसिका को 8-0 से हराया था। जबकि इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में अहिल्या शिंदे को 14-8 से हरा दिया था। इसके बाद फिर उन्होंने फाइनल मैच में ज्योति को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है।
अन्य मुकाबलों में भी दिखा दम :-

इसके अलावा इस बार अंडर-23 विश्व चैंपियन में पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में विशाल कालिरामन को 10-0 से हराकर खिताब जीता है। जबकि इसके अलावा एशियन U23 गोल्ड मेडलिस्ट विक्की ने 97 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। जबकि महिला वर्ग में 62 किग्रा की एशियन चैंपियन मनीषा भानवाला ने 57 किग्रा में उतरकर नेहा शर्मा को 2-1 से हरा दिया है। इसके अलावा 68 किग्रा फाइनल में ओलंपियन निशा दहिया ने सृष्टि को हराकर गोल्ड मेडल जीता है।
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