टी20 वर्ल्ड कप में कई बार छोटे स्कोर भी बड़े बन गए, जब गेंदबाजों ने दबाव में मैच पलट दिया।
टी20 क्रिकेट को आमतौर पर बड़े स्कोर और तेज रन रेट के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कई बार ऐसा हुआ है जब 120 के आसपास का स्कोर भी पहाड़ बन गया और गेंदबाजों ने मैच को अपनी मुट्ठी में कर लिया।
2007 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में कई हाई स्कोर बने, लेकिन कुछ मुकाबले ऐसे भी रहे जहां पिच मुश्किल थी, दबाव ज्यादा था और बल्लेबाजी आसान नहीं रही। ऐसे हालात में टीमों ने छोटे टोटल को भी शानदार गेंदबाजी के दम पर बचाया और इतिहास रच दिया। आइए उन पांच मुकाबलों पर नजर डालते हैं जहां सबसे कम स्कोर सफलतापूर्वक डिफेंड किए गए।
ये हैं टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के 5 सबसे छोटे स्कोर जो डिफेंड हुए
1. 113 – दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश, न्यूयॉर्क, 2024
इस मैच में न्यूयॉर्क की पिच चर्चा का विषय बनी हुई थी क्योंकि बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल हो रहा था। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 113 रन बनाए और एक समय ऐसा लग रहा था कि यह स्कोर काफी नहीं होगा, क्योंकि एक समय टीम 23 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा चुकी थी।
लेकिन हेनरिक क्लासेन की 46 रनों की पारी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में बांग्लादेश ने भी सावधानी से शुरुआत की और मिड ओवर में मैच उनके पक्ष में झुकता दिख रहा था।
हालांकि, जैसे ही साझेदारी टूटी, विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और दक्षिण अफ्रीका ने दबाव बनाए रखा। अंत में बांग्लादेश लक्ष्य से 4 रन पीछे रह गया और 113 रन का छोटा स्कोर मैच जिताने के लिए काफी साबित हुआ।
2. 119 – भारत बनाम पाकिस्तान, न्यूयॉर्क, 2024
भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा दबाव से भरा होता है और इस मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 119 रन बनाए और शुरुआत में ही बड़े विकेट गिर गए।
ऋषभ पंत ने 41 रन बनाकर टीम को थोड़ा सहारा दिया, लेकिन कुल स्कोर चुनौतीपूर्ण नहीं लग रहा था। पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा संभलकर शुरू किया और एक समय मैच उनके कंट्रोल में दिख रहा था।
यहीं से भारत के गेंदबाजों ने मैच पलटा। जसप्रीत बुमराह ने अहम विकेट लिए और बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाई। लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ा और पाकिस्तान लक्ष्य से 6 रन दूर रह गया। यह मैच दिखाता है कि टी20 में 120 रन भी काफी हो सकते हैं, अगर टीम की गेंदबाजी अनुशासित हो।
3. 119 – श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड, चट्टोग्राम, 2014
2014 का वर्ल्ड कप श्रीलंका के लिए यादगार रहा और ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह मुकाबला खास था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 119 रन बनाए और बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाए।
न्यूजीलैंड के पास मौका था कि वह आराम से लक्ष्य हासिल कर ले, लेकिन रंगना हेराथ ने मैच की तस्वीर बदल दी। उन्होंने 5 विकेट लेकर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह तोड़ दिया। पूरी टीम सिर्फ 60 रनों पर सिमट गई और 119 का स्कोर बड़ा साबित हुआ। यह मुकाबला दिखाता है कि स्पिन गेंदबाजी सही दिन पर मैच अकेले जिता सकती है।
4. 123 – अफगानिस्तान बनाम वेस्टइंडीज, नागपुर, 2016
नागपुर की धीमी पिच पर अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 123 रन बनाए। वेस्टइंडीज के पास मजबूत बल्लेबाजी थी और लक्ष्य मुश्किल नहीं लग रहा था।
लेकिन अफगान गेंदबाजों ने शुरुआत से दबाव बनाया और विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। हर गेंदबाज ने योगदान दिया और रन गति कभी बढ़ने नहीं दी। अंत में वेस्टइंडीज 6 रन से मैच हार गया और अफगानिस्तान ने बड़े मंच पर यादगार जीत दर्ज की।
5. 126 – न्यूजीलैंड बनाम भारत, नागपुर, 2016
इस मैच से पहले भारत को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद थी। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 126 रन बनाए और स्कोर बहुत बड़ा नहीं था।
लेकिन नागपुर की पिच पर स्पिनरों ने कमाल कर दिया। मिशेल सैंटनर, ईश सोढ़ी और नाथन मैक्कलम ने मिलकर भारतीय बल्लेबाजी को झकझोर दिया।
भारत सिर्फ 79 रनों पर ऑलआउट हो गया और 126 का स्कोर आसानी से डिफेंड हो गया। यह मुकाबला दिखाता है कि सही रणनीति और पिच की समझ छोटे लक्ष्य को भी बड़ा बना सकती है।
टी20 वर्ल्ड कप में अक्सर बड़े स्कोर सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन ये मुकाबले याद दिलाते हैं कि गेंदबाजी भी उतनी ही अहम है। छोटे स्कोर को बचाने के लिए सिर्फ विकेट लेना काफी नहीं होता, बल्कि धैर्य, अनुशासन और सही समय पर सही फैसला लेना जरूरी होता है।
इस टी20 वर्ल्ड कप में भी दबाव, पिच और हालात कई मैचों को लो स्कोरिंग बना सकते हैं और फिर वही टीम आगे बढ़ेगी जो छोटे लक्ष्य को भी बड़े इरादे से बचा सके।
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