World Boxing Championship: भारत की महिला मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया के बाद मीनाक्षी हुड्डा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बार जैस्मिन ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर फीदरवेट वर्ग का खिताब जीतकर अपने नाम किया था। इसके बाद इस बार डेब्यू कर रहीं मीनाक्षी ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाखस्तान की नाजिम काइजेबे को 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है।
मीनाक्षी हुड्डा ने जीता स्वर्ण पदक :-

भारत की स्टार महिला मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया के बाद अन्य भारतीय मुक्केबाज मीनाक्षी हुड्डा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बार पहले भारत की जैस्मिन ने 57 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद अब मीनाक्षी ने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया है। वहीं इस बार भारत ने विदेशी धरती पर महिला वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार पदक जीते हैं।
मीनाक्षी ने ओलंपिक पदक विजेता को दी मात :-
भारत की स्टार महिला मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर फीदरवेट वर्ग का खिताब जीतकर अपने नाम किया था। इसके बाद फिर इस बार अपना डेब्यू कर रहीं भारतीय मुक्केबाज मीनाक्षी ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाखस्तान की नाजिम काइजेबे को 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है।

इसके चलते हुए उन्होंने जुलाई में विश्व कप में मिली हार का अपना बदला भी पूरा कर लिया है। इसके अलावा अन्य भारतीय मुक्केबाज नुपूर शेरोन (80 प्लस किलो) और पूजा रानी (80 किलो) को गैर ओलंपिक भारवर्ग में क्रमश: रजत और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा है। इसके चलते हुए भारत ने इस प्रतियोगिता में चार पदक जीते हैं, जो विदेशी धरती पर उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।
दिग्गजों की सूची में शामिल हुई मीनाक्षी :-
इस प्रतियोगिता में जीत के साथ अब जैसमीन और मीनाक्षी विश्व चैम्पियन बनने वाली भारतीय मुक्केबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। क्यूंकि इससे पहले छह बार की चैंपियन एम सी मेरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), दो बार की विजेता निकहत जरीन (2022 और 2023), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), नीतू गंघास (2023), लवलीना बोरगोहेन (2023) और स्वीटी बूरा (2023) भारत के लिए यह खिताब जीत चुकी हैं।

इसके अलावा 24 साल की मुक्केबाज मीनाक्षी इस फाइनल मैच में बैकफुट पर सहज दिखीं और उन्होंने सीधे मुक्के जड़े थे। जबकि कजाखस्तान की 31 वर्षीय अनुभवी मुक्केबाज पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रही थीं। इस मैच में पहला राउंड गंवाने के बाद काइजेबे ने दूसरे राउंड में आक्रामक रुख अपनाया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय मुक्केबाज के शरीर पर वार किए और 3-2 से दूसरा राउंड जीत लिया। लेकिन फिर मीनाक्षी ने तुरंत पलटवार किया। तब उन्होंने मौके की जरूरत को देखते हुए तीसरे राउंड में अधिक आक्रामकता दिखाई और पूरे दबदबे के साथ विरोधी मुक्केबाज पर मुक्के बरसाए और जीत दर्ज कर ली।
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