CWG 2030: आगामी 2023 कॉमनवेल्ट गेम्स की मेजबानी इस बार भारत के अहमदाबाद को करनी है। तभी तो अब इन कॉमवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहे अहमदाबाद शहर को भारत की खेल राजधानी बनाने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली गई है। लेकिन इसके लिए अभी चार साल का समय बचा है। वहीं इससे पहले ही अब इसके लिए सभी आयोजकों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आइए जानते हैं कि इसको लेकर क्या प्लान बनाया गया है।
स्टेडियमों और कांप्लेक्स का निर्माण होगा 2029 तक पूरा :-
आगामी 2023 कॉमनवेल्ट गेम्स की मेजबानी इस बार भारत के अहमदाबाद शहर को करनी है। इसके चलते हुए अब इन कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहे अहमदाबाद शहर को भारत की खेल राजधानी बनाने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली गई है।

तभी तो साल 2030 में इन खेलों के लिए स्टेडियमों और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का जाल बिछाने की पूरी तैयारी हो गई है। वहीं इस समय कुछ स्टेडियम व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स तैयार हैं। जबकि बड़ी संख्या में अन्य स्टेडियमों और कांप्लेक्स का निर्माण साल 2029 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम को मुख्य केंद्र बनाने की है तैयारी :-

इसके चलते हुए अब दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद मोदी स्टेडियम को इन खेलों का मुख्य केंद्र बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। क्यूंकि इस क्रिकेट स्टेडियम के आसपास 335 एकड़ के क्षेत्र में सरदार वल्लभ भाई स्पोर्ट्स एन्क्लेव स्थापित किया जा रहा है। वहीं इसमें एक्वेटिक सेंटर, टेनिस सेंटर, मल्टीपरपज एरीना शामिल हैं। इसके अलावा इस शहर में एथलेटिक, फुटबाल, हॉकी स्टेडियम के अलावा शूटिंग रेंज भी स्थापित किए जा रहे हैं।
टेनिस शो कोर्ट भी बनाया जाएगा :-
इसके अलावा सरदार वल्लभ भाई एन्क्लेव में होने वाले निर्माण साल 2029 के दूसरे से तीसरे क्वार्टर तक तैयार हो जाएगा। जबकि टेनिस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेनिस शो कोर्ट भी बनेगा। इसके अलावा गुजरात पुलिस अकादमी में बनने वाले एथलेटिक्स स्टेडियम की क्षमता 50 हजार रखी जाएगी। इस बार ज्यादातर निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से होगा।

इसके अलावा अहमदाबाद शहर में इन कॉमवेल्थ गेम्स से पहले साल 2029 में विश्व पुलिस फायर गेम्स भी होने वाले हैं। इसके अलावा यह शहर साल 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का भी प्रबल दावेदार है। इसके अलावा विजयी भारतीय फाउंडेशन के संस्कार धाम में भी राष्ट्रमंडल खेलों के कुछ इवेंट होने की संभावना है। इस बीच फाउंडेशन के सीओओ आदित्य अवस्थी के अनुसार राष्ट्रीय खेल करा चुके कांप्लेक्स में साल 2028 तक एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती की सुविधाएं पूरी तरह से विकसित कर दी जाएंगी।
गांधीनगर में बिछाए जाएंगे दो एस्ट्रोटर्फ :-

इसके अलावा गुजरात सरकार की तरफ से इस वक्त नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा 835 करोड़ रुपये की लागत से वीर सावरकर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण कराया जा चुका है। वहीं इस स्पोर्ट कांप्लेक्स में एक्वेटिक स्टेडियम वुशु, ताइक्वांडो का हाई परफॉरमेंस सेंटर, अत्याधुनिक इंडोर हॉल और स्पोर्ट्स कम्यूनिटी सेंटर स्थापित किया जा चुका है। इसके अलावा नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले से ही तैयार है। जबकि आईआईटी गांधीनगर में हॉकी के लिए दो एस्ट्रोटर्फ बिछाने की योजना बनाई गई है।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।







