टीम इंडिया के दिग्गज स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने पिछले साल के अंत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को हैरान कर दिया था। इसी बीच जब दिग्गज स्पिन गेंदबाज के चेन्नई सुपर किंग्स को छोड़कर जाने की बात ही शुरू हुई थी कि उन्होंने इस लीग करियर पर भी पूर्ण विराम लगा दिया है। वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका करियर हमेशा चर्चा में रहा है, भले ही वो फिर मैच खेल रहे हों या नहीं।
रविचंद्रन अश्विन को क्रिकेट का सबसे स्मार्टेस्ट ब्रेन भी माना जाता है। उनको इस खेल के हर नियम के बारे में पता है और उनका स्टांस भी उन रूल्स के लिए क्लियर है। तो चलिए नज़र डालते हैं स्पिन लीजेंड के करियर से जुड़े उन विवादों के बारे में, जिनकी वजह से उनको काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
3. बटलर और अश्विन मांकडिंग विवाद (Butler-Ashwin Mankading Incident)

दरअसल इस विवाद से पहले रविचंद्रन अश्विन का करियर काफी साफ-सुथरा था। लेकिन साल 2019 के आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच मैच खेला जा रहा था। आरआर की टीम को मैच जीतने के लिए 185 रन चाहिए थे और वो आसानी से लक्ष्य का पीछा करती हुई दिख रही थी। जॉस बटलर एक तरफ सेट होकर 69 रनों पर खेल रहे थे कि तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने उनके करियर को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।
दरअसल बटलर कुछ देर से रन चुराने के चक्कर में लगातार अपनी क्रीज़ जल्दी छोड़ रहे थे, जिसे अश्विन ने नोटिस किया और जब वो नॉन-स्ट्राइकर एंड पर गेंद फेंकने के पहले रन भागने की कोशिश कर रहे थे तब इस दिग्गज गेंदबाज ने उन्हें रन आउट कर दिया।
जिसके बाद इस मुद्दे ने काफी बड़ा विवाद का रूप ले लिया कि उन्हें बल्लेबाज को एक वार्निंग देनी चाहिए थी। लेकिन उनका कहना था कि वो चेतावनी क्यों दें जब लाइन बनी है तो उन्हें भी इसका पालन करना चाहिए और उसके अंदर रहना चाहिए। इस रन आउट के बाद राजस्थान की टीम लय भटक गई और जीता हुआ मैच हार गई।
2. अश्विन का आईपीएल में रिटायर्ड आउट होना (Ravichandran Ashwin Retired Out In IPL)

रविचंद्रन अश्विन बहुत ही शानदार गेंदबाज हैं लेकिन वो अपनी बल्लेबाज़ी को भी उतना ही ज़्यादा हाइली रेट करते हैं। उनको इस क्षेत्र में भी जिम्मेदारी लेनी पसंद है। इसलिए वो आईपीएल में भी काफी बार ऊपर खेलने के लिए आए हैं। ऐसे ही साल 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच खेला जा रहा था।
आरआर की टीम के विकेट जल्दी गिर जाने के चलते अश्विन को प्रमोट किया गया और वो बड़े शॉट्स लगाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन उसमें सफल नहीं हो रहे थे। जिसके चलते वो आखिरी ओवर में रिटायर्ड हो गए ताकि रियान पराग बल्लेबाज़ी करने आ सकें। उनका ये फैसला सही भी साबित हुआ और राजस्थान की टीम अंत में कुछ रनों से ये मैच जीत गई।
1. डेवाल्ड ब्रेविस रिप्लेसमेंट मुद्दा (Dewald Brevis IPL Replacement Signing Incident)

रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर के आखिरी समय में खेल के साथ-साथ सोशल मीडिया, ख़ासकर यूट्यूब पर भी काफी समय देना शुरू कर दिया था। वो आखिरी समय में मैच के प्रीव्यू के वीडियो बनाया करते थे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वो क्रिकेट के हर ज़रूरी मुद्दे पर वीडियो बनाते हैं।
दरअसल, कुछ समय पहले उन्होंने अपने चैनल “एश की बात” में अपने ही टीम के साथी खिलाड़ी की साइनिंग पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि चेन्नई सुपर किंग्स ने डेवाल्ड ब्रेविस को चुपके से ज़्यादा पैसे देकर साइन किया है।
जिसके बाद चेन्नई की टीम ने बतौर सभी दस्तावेज़ पेश कर इस मामले पर अपना पक्ष रखा था कि उन्होंने बिल्कुल आईपीएल के नियमों के चलते ही ब्रेविस को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन किया था। दरअसल सीएसके ने तेज गेंदबाज़ गुरजनप्रीत सिंह की जगह पर ब्रेविस को टीम में जगह दी थी।







