99 Not Out in ODI: वनडे क्रिकेट के अब तक के 53 सालों के इतिहास में कई सारे बल्लेबाज दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 99 पर आउट होकर पवेलियन लौट चुके हैं। हालाँकि, कई सारे बल्लेबाजों की किस्मत ऐसी खराब रही है कि, वह 99 पर नॉटआउट रह गए और मात्र 1 रन से शतक पूरा नहीं कर सके।वनडे क्रिकेट इतिहास में अब तक 15 बल्लेबाज 99 पर नॉटआउट रह चुके हैं। पहली बार साल 1981 में कोई बल्लेबाज इस स्कोर पर नॉट आउट रहा था।
वनडे क्रिकेट में 99 पर नॉटआउट रहने वाले बल्लेबाजों की सूची में एक भारतीय बल्लेबाज का भी नाम शामिल है, जिसके शतक को रोकने के लिए गेंदबाज ने जानबूझकर नो बॉल फेंक दी थी। आप में से बहुत सारे क्रिकेट प्रेमी यह समझ चुके होंगे कि, हम किस बल्लेबाज के बारे में बात कर रहे हैं। उस वाकये और उस बल्लेबाज के बारे में हम आपको यहाँ पर विस्तार से भी बताएँगे। अब आइए जानते हैं उन सभी 15 बल्लेबाजों के बारे में, जो वनडे क्रिकेट में 99 पर नॉटआउट रहे हैं।
वनडे क्रिकेट में 99 पर नॉटआउट रहने वाले बल्लेबाजों की सूची (99 Not Out in ODI)
1. ब्रूस एडगर (Bruce Edgar)

न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज ब्रूस एडगर साल 1981 में भारत के खिलाफ ऑकलैंड में खेले गए एक वनडे मैच में 99 के निजी स्कोर पर नॉटआउट रह गए थे। 45-45 ओवरों के खेले गए उस मुकाबले में उनकी टीम ने 210/6 का स्कोर बनाया था। एडगर ने उस मैच में 136 गेंदों पर 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 99* रन बनाए थे।
2. डीन जोन्स (Dean Jones)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टॉप ऑर्डर बैट्समैन डीन जोन्स ने वर्ल्ड सीरीज कप 1985 में श्रीलंका के खिलाफ एडिलेड में खेले गए मुकाबले में 77 गेंदों पर 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 99* रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन ओवर समाप्त होने के चलते वह अपना शतक नहीं पूरा कर सके थे।
उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 2 विकेट खोकर 323 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर ने उस मैच में 118* रनों की नाबाद पारी खेली थी।
3. रिची रिचर्डसन (Richie Richardson)

वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज रिची रिचर्ड्स ने पाकिस्तान के खिलाफ साल 1985 में खेले गए शारजाह कप में 141 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में 197 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही वेस्टइंडीज को 5 गेंदें शेष रहते हुए 7 विकेट से जीत मिली थी।
4. एंडी फ्लावर (Andy Flower)

जिम्बाब्वे के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज एंडी फ्लावर ने साल 1999 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में खेले गए एक वनडे मैच में 111 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी थी और उन्हें 11 ओवर शेष रहते हुए 9 विकेट से हार भी झेलनी पड़ी थी।
5. एलिस्टेयर कैम्पबेल (Alistair Campbell)

जिम्बाब्वे के पूर्व सलामी बल्लेबाज एलिस्टेयर कैम्पबेल ने साल 2000 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बुलावायो में खेले गए एक वनडे मैच में 124 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम 265 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और उन्हें 13 गेंदें शेष रहते हुए जीत हासिल हुई थी।
6. रामनरेश सरवन (Ramnaresh Sarwan)

वेस्टइंडीज के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज रामनरेश सरवन ने नवम्बर 2002 में भारत के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए एक वनडे मैच में 104 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 324 रन बनाए थे और उन्हें 5 विकेट से हार का सामना पड़ा था।
7. ब्रैड हॉज (Brad Hodge)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज ब्रैड हॉज ने कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज 2007 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मेलबर्न में खेले गए एक वनडे मैच में 86 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम 291 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और उन्हें 10 गेंदें शेष रहते हुए 5 विकेट से जीत हासिल हुई थी।
8. मोहम्मद युसूफ (Mohammad Yousuf)

पाकिस्तान के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज मोहम्मद युसूफ ने नवम्बर 2007 में भारत के खिलाफ ग्वालियर में खेले गए एक वनडे मैच में 104 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 255 रन बनाए थे और उन्हें 6 विकेट से हार का सामना पड़ा था।
9. माइकल क्लार्क (Michael Clarke)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज माइकल क्लार्क ने जून 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल में खेले गए एक वनडे मैच में 106 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोजकर 290 रन बनाए थे और उन्हें 78 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
10. वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag)

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग श्रीलंका के खिलाफ दाम्बुला में खेले गए एक मैच में 100 गेंदों पर 99* रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इस मुकाबले में भारतीय टीम 171 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। जब भारत को जीत के लिए एक रन की आवश्यकता थी, तो सहवाग उस समय 99 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे।
उसके बाद सहवाग ने सूरज रंदीव की चौथी गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई और अपना शतक भी सेलिब्रेट किया। हालाँकि, थर्ड अंपायर से उस बॉल को नॉ बॉल करार दिया। दरअसल, गेंदबाज ने सहवाग का शतक पूरा होने से रोकने के लिए जानबूझकर नो बॉल फेंक दी थी, जिसके चलते नो बॉल से मिलने वाले एक्स्ट्रा रन से भारत को जीत मिल गई थी और सहवाग का छक्का उनके खाते में नहीं जुड़ा था।
11. मैल्कम वालर (Malcolm Waller)

जिम्बाब्वे के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज मैल्कम वालर ने साल 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बुलावायो में खेले गए एक वनडे मैच में 74 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम 329 रनों के एक बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही थी और उन्हें मात्र 1 गेंद शेष रहते हुए 1 विकेट से करीबी जीत हासिल हुई थी।
12. कैलम मैकलियोड (Calum MacLeod)

स्कॉटलैंड के सलामी बल्लेबाज कैलम मैकलियोड ने साल 2012 में कनाडा के खिलाफ आयर में खेले गए एक वनडे मैच में 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 127 गेंदों पर 99* रन बनाकर नॉटआउट रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम को 47 गेंदें शेष रहते हुए 4 विकेट से जीत हासिल हुई थी।
13. स्वप्निल पाटिल (Swapnil Patil)

आईसीसी वर्ल्ड कप क्वालीफायर 2014 के फाइनल मुकाबले में यूएई के विकेटकीपर बल्लेबाज स्वप्निल पाटिल ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 99 गेंदों पर 99* रनों की नाबाद पारी खेली थी। उस मुकाबले में उनकी टीम को 286 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
14. जेसन होल्डर (Jason Holder)

आईसीसी वर्ल्ड कप क्वालीफायर 2018 के ग्रुप स्टेज के एक मुकाबले में वेस्टइंडीज के तत्कालीन कप्तान जेसन होल्डर 101 गेंदों पर 99 रन बनाकर नाबाद रह गए थे। उस मुकाबले में उनकी टीम को 201 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 42 गेंदें शेष रहते हुए 6 विकेट से जीत हासिल हुई थी।
15. एविन लुईस (Evin Lewis)

साल 2020 में आयरलैंड के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेले गए एक वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज एविन लुईस 99 गेंदों पर 99 रन बनाकर नाबाद रहे थे। उस मुकाबले में उनकी टीम को 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 100 गेंदें शेष रहते हुए 5 विकेट से जीत हासिल हुई थी।

