Wednesday, June 17

टी20 वर्ल्ड कप को लेकर आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में विवाद अभी थमा भी नहीं था कि बीसीबी को अपने ही खिलाड़ियों के बहिष्कार का सामना करना पड़ा गया। उनके बायकाट की वजह से बांग्लादेश प्रीमियर लीग का मैच भी अब तक शुरू नहीं हो पाया हैं। तो चलिए जानते हैं कि क्या मुद्दा है और क्यों दोनों टीमों ने मैच खेलने से इंकार कर दिया हैं।

खिलाड़ियों के बहिष्कार से मैच का टॉस भी नहीं हो पाया

Bangladesh Players Boycott BPL Match
Bangladesh Players Boycott BPL Match

बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) 2026 में 15 जनवरी को तब बवाल देखने को मिला जब मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में चट्टोग्राम रॉयल्स और नोआखली एक्सप्रेस के बीच होने वाले मुकाबले का टॉस तक नहीं हो सका। खिलाड़ियों के बहिष्कार की वजह टॉस भी नहीं कराया जा सका।

खबर लिखे जाने तक दोनों टीमें स्टेडियम नहीं पहुंची थीं। मीडिया ख़बरों के मुताबिक, शिपर अहमद ने कहा कि खिलाड़ी मैदान के बीच में खड़े हैं और उन्हें खुद नहीं पता कि आगे क्या होगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में BPL की टेक्निकल कमेटी ही सही जानकारी दे सकती है।

नजमुल इस्लाम के बयान से नाराज खिलाड़ी

खिलाड़ियों के इस कदम का ऐलान पहले ही बांग्लादेश क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन (CWAB) कर चुकी थी। एसोसिएशन ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम से उनके हालिया बयान को लेकर इस्तीफा देने की मांग की है।

नजमुल इस्लाम ने कहा था कि अगर बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करता है, तो इससे बोर्ड को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा लेकिन खिलाड़ियों को पेमेंट नहीं दी जाएगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए थे।

‘अच्छा प्रदर्शन नहीं तो पैसा वापस’ वाले बयान पर मचा घमासान

नजमुल इस्लाम ने यह भी कहा था कि बोर्ड खिलाड़ियों पर काफी पैसा खर्च करता है, लेकिन खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलते, तो उन पर खर्च किया गया पैसा वापस नहीं लिया जाता है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या बांग्लादेश ने आज तक कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता है।

तमीम इकबाल पर टिप्पणी से भी विवाद

इससे पहले नजमुल इस्लाम को तब भी कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी, जब उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “इंडियन एजेंट” कहा था। तमीम ने बोर्ड से अपील की थी कि मेगा इवेंट का बहिष्कार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे बांग्लादेश क्रिकेट को लंबे समय तक नुकसान हो सकता है।

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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