टेस्ट क्रिकेट, इस खेल का सबसे कठिन फॉर्मेट है। क्योंकि, इसमें स्किल, धैर्य और फिटनेस का टेस्ट होता है। हालांकि पिछले कुछ सालों से बहुत बदलाव देखने को मिले हैं। अब ये मैच ड्रा नहीं होते हैं, जिससे लोगों को देखने में मजा नहीं आता है, लेकिन लगातार नतीजे आ रहे हैं, जिसके कारण लोगों की दिलचस्पी बहुत बढ़ रही है।
इस फॉर्म ऑफ गेम में बहुत से ऐसे खिलाड़ी आए हैं जिन्होंने अपने खेल से प्रशंसक बनाए हैं। अपने खेल के दम पर उन्होंने खेल को सालों तक डॉमिनेट किया है। तो चलिए जानते हैं कि 21वीं सदी के उन धाकड़ खिलाड़ियों के बारे में जिनको विसडेन ने अपनी बेस्ट इलेवन में जगह दी है।
ये खिलाड़ी बनाएंगे जगह
1. वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag)
8586 रन, 49.34 औसत, 23 100s, 32 50s, हाई स्कोर: 319

टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को विसडेन ने अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन में जगह दी है। इस धाकड़ खिलाड़ी ने अपने आक्रामक खेल के चलते दुनिया भर के बड़े से बड़े गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ाई थीं। अपने अनोखे अंदाज के दम पर वो एक सत्र में मैच बदलने की क्षमता रखते थे।
2. ग्रेम स्मिथ (Graeme Smith)
9,265 रन, 48.25 औसत, 27 100s, 38 50s, हाई स्कोर 277

साउथ अफ्रीका के दिग्गज ओपनिंग बल्लेबाज ग्रेम स्मिथ टेस्ट क्रिकेट के धुरंधर बल्लेबाज थे। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से टीम को बहुत से मैच जिताए हैं। 22 साल की उम्र में कप्तानी संभालने के बाद से ही इस धाकड़ ओपनर ने अपनी टीम को टेस्ट में नंबर वन बनाया था।
कई सालों तक उनकी कप्तानी न सिर्फ टीम नंबर एक के पायदान पर थी बल्कि लगभग हर देशों में सीरीज जीतने में सफल हुई थी, जिसमें उनकी बल्लेबाजी का भी अहम रोल था।
3. रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting)
60.96 औसत, 11,286 रन, 35 शतक, 52 अर्धशतक, हाईएस्ट स्कोर: 257

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने इस शताब्दी के शुरू होने के बाद से अपने करियर को लगभग 360 डिग्री घुमा दिया था। बड़े मैचों में बल्ले के साथ रन बनाकर अपनी टीम को लीड करना हो या फिर ट्रिकी रन चेस करना हो, वो हर जगह मौजूद थे। इस शताब्दी के बाद उन्होंने खेले मैचों में लगभग 60 की औसत से रन बनाए और 41 में से 35 शतक भी आए थे।
4. स्टीव स्मिथ (Steve Smith)
56.02 औसत, 10,477 रन; 36 शतक, 43 अर्धशतक, बेस्ट स्कोर: 239

एक लेग स्पिनर से लेकर दुनिया के सबसे महानतम बल्लेबाज बनने तक स्टीव स्मिथ का सफर काफी शानदार रहा है। उन्होंने शुरुआती कुछ सालों के बाद गेंदबाजी छोड़कर अपना फोकस बल्लेबाजी पर लगाया।
अनऑर्थोडॉक्स तकनीक के चलते लोग उनके लंबे समय तक खेलने पर संदेह कर रहे थे, लेकिन उन्होंने सभी को गलत साबित कर दिया है। उनकी निरंतरता डॉन ब्रैडमैन के लेवल की है। जहाँ इस दिग्गज ने हर परिस्थिति में रन बनाए हैं।
5. जैक कैलिस (Jacques Kallis)
58.66 औसत, 11,440 रन; 40 शतक, 48 अर्धशतक, सर्वोच्च स्कोर: 224
33.58 औसत, 239 विकेट; 4 विकेट, बेस्ट बॉलिंग 6-54

साउथ अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर और इस खेल के महानतम खिलाड़ियों में शुमार जैक कैलिस ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से अपनी टीम को अनगिनत बार संकट से उभारा है। वो इस खेल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जिसके कारण ही अफ्रीकी टीम दुनियाभर में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल हुई।
6. एबी डिविलियर्स (AB Deviliers)
50.66 औसत, 8,765 रन; 22 शतक, 46 अर्धशतक, हाईएस्ट स्कोर: 278*

दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक एबी डिविलियर्स ने इस खेल के सभी फॉर्मेट में रन बनाए हैं। उनकी गेम को समझने की क्षमता और गियर बदलने की कला के चलते उन्हें टीम में तरजीह मिली है। इस धाकड़ बल्लेबाज ने न सिर्फ हर देश में रन बनाए बल्कि मैच भी जिताए हैं।
2012 एडिलेड हो या फिर 2014 में घातक जॉनसन के सामने अफ्रीका में रन बनाना हो या 2018 में बोलकर ऑस्ट्रेलिया को हराना हो, ये काबिलियत कम ही खिलाड़ियों में होती है।
7. एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist)
5,130 रन 46.63 औसत, 5,130 रन; 16 शतक, 23 अर्धशतक, सर्वोच्च स्कोर: 204*

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने कीपिंग की परिभाषा बदलकर रख दी थी। उनके आने से पहले कीपर का काम सिर्फ कीपिंग के लिए चुना जाता था, लेकिन उसके बाद चयन के लिए बल्लेबाजी पहली प्राथमिकता बन गई थी।
गिलक्रिस्ट के आक्रामक अंदाज की वजह से वो एक ही सत्र में मैच बदलने का दम रखते थे। जितनी अच्छी उनकी बल्लेबाजी उतनी ही शानदार कीपिंग थी। बैटिंग के आगे उनकी कीपिंग कहीं छिप सी जाती है।
8. शेन वार्न (Shane Warne)
25.17 औसत, 357 विकेट; 21 पांच विकेट हॉल, बेस्ट बॉलिंग इनिंग: 7-94

ऑस्ट्रेलिया के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे महान स्पिन गेंदबाज शेन वार्न ने स्पिन गेंदबाजों के प्रति लोगों के सोचने का नजरिया बदलकर रख दिया था। उनके पहले कोई भी ट्रेडिशनल लेग स्पिन्नर इतना सफल नहीं हुआ था और न अब तक कोई हुआ है।
उनकी जादूई स्पिन की वजह से ही उन्हें ‘किंग ऑफ स्पिन’ कहा जाता था। वो ऑस्ट्रेलिया जैसी कंडीशन में खेलते थे, जहाँ स्पिन गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं थी, फिर भी वो इस फॉर्मेट में सेकंड लीडिंग विकेटटेकर्स हैं।
9. डेल स्टेन (Dale Steyn)
22.95 औसत, 439 विकेट; 26 फाइफर, बीबीआई: 7-51

साउथ अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन किसी भी कंडीशन में गेंद को स्विंग कराने की कला तो रखते ही थे, लेकिन वो जिस पेच के साथ ऑपरेट करते थे उसमें स्विंग खेलना काफी मुश्किल हो जाता था।
भले ही चोट की वजह से उनका करियर छोटा हो गया हो, लेकिन इसके बाद भी उनका डर बल्लेबाजों के मन में लंबे समय तक था। इसका प्रमाण इससे ही मिलता है कि वो लगभग 5 साल तक आईसीसी गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर एक के पायदान पर बने हुए थे।
10. पैट कमिंस (Pat Cummins)
22.10 औसत, 309 विकेट; 14 फाइफर, बेस्ट बॉलिंग इनिंग: 6-23

ऑस्ट्रेलिया के वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान पैट कमिंस मौजूदा समय के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। उनके पास बेजान पिच पर भी बल्लेबाजों को तंग करने की कला है। चोट के चलते वो लगभग 6 साल टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाए, लेकिन जब उन्होंने वापसी की तो दोबारा कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इस दशक के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों का रिकॉर्ड भी उनके सामने खराब है। उनके पास अच्छी आउटस्विंगर और इनस्विंगर तो हैं ही, लेकिन उनकी तेज रफ्तार और अटैक करते हुए बाउंसर सबसे डेडली बॉल है।
11. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah)
19.82 औसत, 219 विकेट; 15 पांच विकेट हॉल, बीबीआई: 6-27

अपने यूनिक एक्शन की वजह से बल्लेबाजों को व्हाइट बॉल में परेशान करने वाले बुमराह को कोई भी टेस्ट क्रिकेट के लिए नहीं देख रहा था। लेकिन रवि शास्त्री और विराट कोहली ने न सिर्फ उन्हें इस फॉर्मेट में पुश किया बल्कि अब वो इस समय सबसे खतरनाक गेंदबाज हैं। हालांकि चोटों की वजह से उनके शरीर पर लगातार असर पड़ रहा है और अब वो हर मैच खेलने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
उसके बाद भी जब वो खेल रहे हैं तब उनको खेलना बहुत मुश्किल हो रहा है और वो हर बार विकेट चटका रहे हैं। बुमराह सबसे कम एवरेज के साथ 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकलौते गेंदबाज हैं।







