भारतीय टीम के खिलाड़ियों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी (BCCI) ने घरेलू क्रिकेटरों के लिए करते हुए सैलरी बढ़ाने का पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोट्स के मूताबिक घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी बढ़ाई जा सकती है। रिपोट्स के मूताबिक रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में 10 मैच खेलने वाले खिलाड़ी को 75 लाख से 1 करोड़ रुपये तक दिए जा सकते हैं। अगर बात करें वर्तमान में घरेलू क्रिकेटरों की कमाई की तो एक रणजी सीजन के उन्हें करीब 25 लाख रुपये तक मिलते हैं।
जल्द लिया जाएगा फैसला
खबर है कि इस फैसले को बीसीसीआई जल्द ही अमल में ला सकती है। क्रिकबज की रिपोर्ट की मानें तो, अजित अगरकर की सिलेक्शन कमेटी को इसको लागू करने के बारे में सुझाव देने का काम सौंपा गया है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेटरों की फीस को दोगुनी होनी चाहिए वाले फैसले पर सहमत नजर आ रही है। इसके बाद माना जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड घरेलू क्रिकेटरों को 75 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक दे सकता है।
क्या है इसके पीछे का कारण?
घरेलू क्रिकटरों के फीस बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा कारण रेड बॉल को बढ़ावा देना है। जैसा कि पहले ही बता चुके हैं कि बीसीसीआई पिछले कुछ समय से रेड गेंद को समर्थन देने के पीछे काम कर रहा है। जिसके तहत एक साल में 75 प्रतिशत से ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों की फीस 300 गुना तक बढ़ जाएगी।
गौरतलब है कि घरेलू क्रिकेटरों को उनके अनुभव के आधार पर पैसे दिए जाते हैं। इस वक्त बीसीसीआई 40 मैच से ज्यादा खिलाड़ियों को प्रतिदिन 60,000 रुपये और 21 से 40 मैच खेलने वालों को करीब 50,000 रुपये व 20 मैच खेलने वालों को 40,000 रुपये देने का काम करती है।
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