Devdutt Padikkal ने Vijay Hazare Trophy में एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित करते हुए इतिहास रच दिया है।
भारतीय घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो हर सीजन खुद को अलग स्तर पर साबित करते हैं। देवदत्त पडिक्कल ऐसे ही बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
कर्नाटक के लिए खेलते हुए पडिक्कल ने राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में ऐसा कारनामा किया, जो उनसे पहले कोई भी बल्लेबाज नहीं कर सका। इस प्रदर्शन ने उन्हें घरेलू वनडे क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।
विजय हजारे ट्रॉफी में ऐतिहासिक उपलब्धि
देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी में इतिहास रचते हुए तीन अलग अलग सीजन में 600 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। यह रिकॉर्ड उनकी निरंतरता और तकनीकी मजबूती को साफ तौर पर दर्शाता है।
राजस्थान के खिलाफ एलीट ग्रुप A मुकाबले में जैसे ही उन्होंने यह आंकड़ा पार किया, घरेलू क्रिकेट में उनका नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया।
2019-20 से शुरू हुआ सुनहरा सफर
पडिक्कल ने पहली बार 2019-20 सीजन में विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी छाप छोड़ी थी। उस सीजन उन्होंने 11 मैचों में 609 रन बनाए थे और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे। यहीं से उन्हें एक खास वनडे बल्लेबाज के रूप में पहचान मिलने लगी।
2020-21 में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
अगले ही सीजन यानी 2020-21 में पडिक्कल ने अपने प्रदर्शन को और ऊंचाई पर पहुंचा दिया। उन्होंने सिर्फ सात पारियों में 737 रन बनाए और उनका औसत 147.40 का रहा। इस दौरान उन्होंने चार शतक लगाए और कर्नाटक को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन के बाद यह साफ हो गया कि पडिक्कल घरेलू 50 ओवर क्रिकेट के विशेषज्ञ बल्लेबाज बन चुके हैं।
2025-26 में फिर वही कहानी
2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी में भी पडिक्कल का बल्ला उसी लय में नजर आया। उन्होंने एक बार फिर 600 से ज्यादा रन पूरे किए और रन चार्ट में पहले स्थान पर पहुंचे। इस दौरान उनके बल्ले से 147, 124 और 113 जैसी बड़ी पारियां निकलीं।
उनकी सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही सीजन में लगातार सात बार 50 से ज्यादा रन बनाए, जिससे उनकी निरंतरता और मैच जिताने की क्षमता सामने आई।
राजस्थान के खिलाफ अहम पारी
राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में पडिक्कल ने 82 गेंदों पर 91 रन की अहम पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 12 चौके और दो छक्के लगाए। उन्होंने कप्तान मयंक अग्रवाल के साथ 184 रन की ओपनिंग साझेदारी की, जिससे कर्नाटक को मजबूत शुरुआत मिली।
राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी, लेकिन पडिक्कल और मयंक की जोड़ी ने उनके फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। अंत में इस मुकाबले में कर्नाटक ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 327 रन बनाए और राजस्थान के सामने 328 रनों का लक्ष्य रखा। अहमदाबाद की पिच पर दूसरी पारी में यह टारगेट काफी बड़ा है और कर्नाटक की टीम इस मैच को आसानी से जीत सकती है।
आगे की राह
देवदत्त पडिक्कल भारत के लिए दो टेस्ट और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके हैं। वह आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bengaluru की ओर से खेलते नजर आएंगे। पिछले सीजन में हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह बीच में बाहर हो गए थे, इसके बावजूद फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन किया। इस शानदार घरेलू सीजन के बाद पडिक्कल की नजरें एक बार फिर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने पर होंगी।
देवदत्त पडिक्कल का विजय हजारे ट्रॉफी में यह रिकॉर्ड साबित करता है कि वह सिर्फ एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि निरंतर प्रदर्शन करने वाले मैच विनर हैं। अगर वह इसी लय को बनाए रखते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में उनकी वापसी ज्यादा दूर नहीं दिखती।
क्रिकेट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

