Fastest to 400 Test Wickets: टेस्ट क्रिकेट हमेशा से गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा रहा है। पांच दिन के लंबे मुकाबले में बल्लेबाजों को आउट करना आसान काम नहीं होता, खासकर तब जब उन्हें पिच और समय का फायदा मिलता है। ऐसे में जो गेंदबाज 400 विकेट का आंकड़ा छूते हैं, वे क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं।
अब तक सिर्फ 18 गेंदबाज ही टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने का कारनामा कर पाए हैं। इनमें से भी कुछ ऐसे दिग्गज रहे हैं जिन्होंने बेहद कम मैचों में यह मुकाम हासिल किया। आइए जानते हैं उन 10 महान गेंदबाजों के बारे में, जिन्होंने सबसे तेजी से 400 टेस्ट विकेट लेने की उपलब्धि अपने नाम की।
ये हैं टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 400 विकेट चटकाने वाले टॉप 10 गेंदबाज
10. हरभजन सिंह – 96 टेस्ट में 400 विकेट
भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी 96 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे। वह भारत के लिए टेस्ट हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज भी थे और 2001 की ऐतिहासिक सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन आज भी याद किया जाता है।
हरभजन ने अपनी उछाल और टर्न से बल्लेबाजों को कई बार परेशान किया। उनकी गेंदबाजी में गुस्सा और जोश झलकता था, जिसने उन्हें खतरनाक स्पिनर बनाया। कुंबले के साथ मिलकर उन्होंने भारत को मजबूत स्पिन अटैक दिया।
9. वसीम अकरम – 96 टेस्ट में 400 विकेट
पाकिस्तान के ‘सुल्तान ऑफ स्विंग’ वसीम अकरम ने 96 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे। वह बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में सबसे बड़े नामों में गिने जाते हैं।
अकरम ने ट्रेडिशनल और रिवर्स स्विंग दोनों में महारत हासिल की थी। चाहे एशिया की धीमी पिचें हों या इंग्लैंड की उछाल भरी पिचें, अकरम हर जगह खतरनाक साबित हुए। वह न सिर्फ गेंदबाजी से बल्कि बल्लेबाजी में भी टीम के लिए योगदान देते थे।
8. शेन वॉर्न – 92 टेस्ट में 400 विकेट
दुनिया के महानतम लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने 92 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे। उन्होंने न सिर्फ विकेट लिए बल्कि लेग स्पिन को नई जान दी।
वॉर्न का करिश्मा सिर्फ मैदान पर नहीं बल्कि दर्शकों के दिलों में भी था। उनकी गेंदें बल्लेबाजों को हैरान कर देती थीं और उनका आत्मविश्वास उन्हें खास बनाता था। उनके नाम करियर के अंत में 700 से ज्यादा विकेट दर्ज हुए, जो उनकी महानता को साबित करता है।
7. ग्लेन मैक्ग्रा – 87 टेस्ट में 400 विकेट
ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा अपनी लाइन और लेंथ के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 87 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे और उस दौर में ऑस्ट्रेलिया की महान टीम के प्रमुख स्तंभ बने।
मैक्ग्रा ने खासकर इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज में कई बार अकेले ही मैच का पासा पलटा। वह तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा भरोसेमंद नाम रहे हैं और उनकी गेंदबाजी तकनीक आज भी उदाहरण मानी जाती है।
6. अनिल कुंबले – 85 टेस्ट में 400 विकेट
भारत के महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने 85 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे। उन्हें “जंबो” के नाम से जाना जाता था और लंबे बॉलिंग स्पेल डालना एवं लगातार दबाव बनाए रखना उनकी खासियत थी।
कुंबले बहुत ज्यादा स्पिन नहीं करते थे, लेकिन उनकी गेंदबाजी की सटीकता और धैर्य बल्लेबाजों को गलती करने पर मजबूर कर देता था। उन्होंने अपने करियर का अंत 619 विकेट के साथ किया, जो उस समय मुरलीधरन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा था।
5. रंगना हेराथ – 84 टेस्ट में 400 विकेट
श्रीलंका के लेफ्ट-आर्म स्पिनर रंगना हेराथ का करियर इस बात का उदाहरण है कि धैर्य और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी इतिहास बना सकता है। उन्होंने 84 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे।
मुरलीधरन के बाद जब टीम को नए स्पिन लीडर की तलाश थी, तब हेराथ ने जिम्मेदारी उठाई। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने ज्यादातर विकेट 30 साल की उम्र के बाद लिए। धीमी गति, कोण का इस्तेमाल और हल्की-फुल्की वैरिएशन उनकी ताकत रही। वह आज भी टेस्ट इतिहास के सबसे सफल लेफ्ट-आर्म स्पिनर हैं।
4. डेल स्टेन – 80 टेस्ट में 400 विकेट
दक्षिण अफ्रीका के “फालाबोर्वा एक्सप्रेस” डेल स्टेन अपनी रफ्तार और रिवर्स स्विंग से बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम थे। उन्होंने भी 80 टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए थे।
स्टेन की गेंदबाजी की खासियत थी उनकी स्पीड और आखिरी पलों में गेंद को स्विंग कराने की कला। हालांकि चोटों ने उनके करियर को छोटा कर दिया, लेकिन जब भी उन्होंने गेंदबाजी की, तो अपने स्पेल से मैच का रुख पलट दिया।
3. रिचर्ड हैडली – 80 टेस्ट में 400 विकेट
न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली को तेज गेंदबाजी की दुनिया का पहला बड़ा सुपरस्टार माना जाता है। उन्होंने 80वें टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए और यह करने वाले पहले गेंदबाज बने।
हैडली ने स्विंग और सीम की मदद से बल्लेबाजों को बार-बार परेशान किया। खास बात यह रही कि उन्होंने ज्यादातर वक्त अकेले ही न्यूजीलैंड की बॉलिंग अटैक की जिम्मेदारी संभाली। उनका नाम आज भी महानतम गेंदबाजों में शुमार किया जाता है।
2. रविचंद्रन अश्विन – 77 टेस्ट में 400 विकेट
भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने 77 टेस्ट में 400 विकेट लेकर दूसरा सबसे तेज गेंदबाज बनने का गौरव पाया।
अश्विन की सबसे बड़ी ताकत उनकी निरंतरता और दिमागी खेल है। वह सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि हर ओवर में बल्लेबाजों के दिमाग से खेलते हैं। समय के साथ उन्होंने अपने खेल में बदलाव किए और कैरम बॉल जैसी नई गेंदें भी आजमाईं। इसी वजह से वह भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बने।
1. मुथैया मुरलीधरन – 72 टेस्ट में 400 विकेट
श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन इस सूची में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने सिर्फ 72 टेस्ट में 400 विकेट लेकर दुनिया को हैरान कर दिया था। उनकी खासियत थी उनकी अनोखी गेंदबाजी एक्शन, लगातार एक जैसी सटीक गेंदबाजी और गजब की स्पिन।
मुरलीधरन अक्सर अकेले ही श्रीलंका की गेंदबाजी संभालते थे और विरोधी बल्लेबाजों की कमर तोड़ देते थे। उन्होंने आगे चलकर 800 विकेट लिए, जो आज भी एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेजी से 400 विकेट किसने लिए हैं?
मुथैया मुरलीधरन ने सिर्फ 72 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की।
Q2. भारत से कौन-कौन से गेंदबाज इस सूची में शामिल हैं?
अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन।
Q3. वसीम अकरम ने कितने टेस्ट में 400 विकेट लिए?
उन्होंने 96 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की।
Q4. शेन वॉर्न के नाम कुल कितने विकेट हैं?
शेन वॉर्न ने अपने करियर में 700 से ज्यादा विकेट लिए।
Q5. 400 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले पहले गेंदबाज कौन थे?
न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली 400 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज थे।
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