Thursday, June 18

केकेआर टीम के मेंटर गौतम गंभीर कई बार कह चुके हैं कि एक टीम की सफलता में सिर्फ एक खिलाड़ी का हाथ नहीं होता है। उनका मानना है कि किसी भी टीम को चैंपियन बनाने में टीम के सभी खिलाड़ी और पर्दे के पीछे से अपनी भूमिका निभाने वालों का योगदान होता है। ऐसे में इस बार भी कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाने में टीम से जुड़े हुए सभी लोगों का योगदान है। लेकिन हम आपको इस साल कोलकाता को चैंपियन बनाने में 4 लोगों के बारे में बारे में बताते हैं।

गौतम गंभीर

आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने तीसरी बार इसके खिताब को अपने नाम किया। साल 2012 में पहली बार केकेआर ने आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया था। उस वक्त गौतम गंभीर टीम के कप्तान थे। इसके दो साल के बाद भी कोलकाता ने आईपीएल का खिताब जीता। इस वक्त भी गौतम गंभीर ही टीम के कप्तान थे। अब करीब 10 साल के बाद केकेआर ने आईपीएल की ट्रॉफी को जीता है और अब गौतम गंभीर इस टीम में मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। जिसका मतलब हुआ कि गौतम जब-जब इस टीम के साथ जुड़े हैं, तब उन्होंने फ्रेंचाइजी को ऊचांई पर पहुंचाने का काम किया है। इस बार कोलकाता की सफलता के पीछे गौतम ने पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण किरदार निभाया है।

सुनिल नारायण

आईपीएल 2024 में कोलकाता को खिताब दिलाने में जिस खिलाड़ी ने गेंद और बल्ले दोनों से सबसे ज्यादा योगदान दिया है उसका नाम सुनिल नारायण है। फाइनल मुकाबले के बाद मोस्ट वैल्यूवेल प्लेयर का अवॉर्ड सुनिल नारायण को दिया गया। सुनिल नारायण के बल्ले से इस सीजन कुल 488 रन निकले। इसके अलावा उन्होंने गेंदबाजी में 17 विकेट अपने नाम किए।

मिचेल स्टार्क

मिचेल स्टार्क को केकेआर ने आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी रकम 24.75 करोड़ रुपये देकर खरीदा था। आईपीएल के पहले चरण में स्टार्क का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था। इसके बाद लोग उन पर खर्च किए गए पैसे के बारे में चर्चा करने लगे और हर जगह केकेआर के इस फैसले की आलोचना होने लगी। लेकिन स्टार्क ने प्लेऑफ के मैचों में दमदार प्रदर्शन कर सभी आलोचकों के मूंह बंद कर दिए। स्टार्क ने इस सीजन में कुल 42.5 ओवर डाले। इस दौरान उन्होंने 10.61 की औसत के साथ गेंदबाजों करते हुए 17 विकेट अपने नाम किए।

श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर ने टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल न होने के बाद आईपीएल 2024 में सबको करारा जवाब दे दिया है। हांलाकि इस सीजन में अय्यर के बल्ले से कुछ एक ही बड़ी पारियां निकली, लेकिन अधिकांश मौके पर उन्होंने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। इसके अलावा उन्होंने कप्तान के तौर पर शानदार निर्णय लिया। ये ही कारण रहा कि केकेआर की टीम तीसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी को जीतने में कामयाब रही।

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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