भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करके अपना वनडे रिकॉर्ड 12-0 कर लिया।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने अपना अदम्य साहस दिखाते हुए पाकिस्तान को उसके कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब दिया था। लेकिन पाकिस्तान अपने हरकतों से ना कभी बाज़ आने वाला है और ना ही वह कभी सुधरने वाला है, क्योंकि कुत्ते की दुम को चाहे जितने दिन एक नली में में डालकर रख दो, वह कभी सीधी नहीं होगी। कुछ ऐसा ही हाल हमारे ‘बेटे’ का है, जो बंटवारा भी कर चुका है और आए दिन कोई ना कोई गंदी हरकतें करता है।
हालाँकि, चाहे 1965 की जंग हो, 1971 की जंग हो, 1999 कारगिल युद्ध हो, पुलवामा अटैक हो या फिर पहलगाम अटैक, भारतीय सेना ने हर बार पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पहले ‘बाप’ ने सोचा कि ‘बेटे’ को कुछ थप्पड़ मारकर समझाने पर वह समझ जाएगा, लेकिन एक कहावत है- “लातों के भूत बातों से नहीं मानते”। पाकिस्तान पर यह लाइन बिल्कुल सटीक बैठती है।
1947 में जब हमारे नेताओं ने बंटवारे का फैसला किया था, तब शायद उन्होंने सोचा था कि शायद अब भारत चैन की सांस लेगा, लेकिन पाकिस्तान तो हाथ पकड़ाने पर सिर चढ़ने लगा। उसने हर बार छुपकर वॉर किया और मौका मिलने पर अपना झूठा प्रोपगेंडा फैलाया। यहाँ तक कि उनकी सेना, जो किसी देश का गौरव होती है, ने भी आतंकियों के साथ मिलकर भारत की पीठ पर छुरा घोपने का काम किया। (अगर किसी को इसका सबूत चाहिए तो सोशल मीडिया पर देख ले, जैसे पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर पर दिया था।)
हमेशा यह कहते सुना गया है कि, क्रिकेट और राजनीति को कभी एक साथ नहीं मिलाना चाहिए, क्योंकि यह एक जेंटलमैन गेम है, लेकिन यह बात उस पर लागू होती है, जो खुद जेंटलमैन हो। आतंकवाद का समर्थन करने वाले लोग तो कभी सभ्य हो ही नहीं सकते और वह लगातार अपनी ज़ाहिल सोच को दुनिया के सामने जरूर दिखाएंगे।
हाल ही में बीते एशिया कप 2025 में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ‘नापाक’ पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने अपनी आतंकी सोच को क्रिकेट के मैदान पर दिखाया। हर युद्ध में औंधे मुंह गिरने वाले पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत के खिलाफ खेले गए एशिया कप मुकाबलों में अपनी आतंकी सोच वाली सेना के झूठे प्रोपगेंडा को दुनिया के सामने दिखाया, जिसके चलते उनकी जगहंसाई भी हुई।
हालाँकि, पाकिस्तान और वहां के लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया उनके बारे में क्या सोच रही है और क्या कह रही है। क्योंकि गरीबी, ज़हालत और आतंक की सपरस्ती में जी रहे मुल्क के लिए सबसे बड़ी इज्जत यही है कि “कोई उनके बारे में सिर्फ बात ही कर ले”।
हारिस रऊफ ने भारत के खिलाफ किया था 6-0 का इशारा
पाकिस्तान का ‘गेमचेंजर’ तेज गेंदबाज हारिस रऊफ, जिसका काम अपनी टीम को जीते हुए मैच हराना है, को एशिया कप 2025 में भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज के मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था। खैर, उस मुकाबले में उसकी टीम ने वैसा ही प्रदर्शन किया, जिसके लिए अब वह जानी जाती है।
इसके बाद, सुपर 4 के मुकाबले में हारिस को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, तो उसने अपनी सोच दुनिया के सामने दिखा दी। वह गेंद फेंकने के बाद भारतीय खिलाड़ियों और दर्शकों के सामने 6-0 के इशारे कर रहा था। यह ईशारा था कि जब पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, तो पाकिस्तान ने भारत के 6 राफेल विमान ध्वस्त कर दिए थे (सोशल मीडिया पर)।
क्रिकेट के मैदान पर अपनी ज़हालत दिखाने के लिए मशहूर रऊफ और उसकी टीम को तो भारत ने उसी मैच में उसकी औकात दिखा दी। लेकिन इसी मैच में साहिबजादा फरहान जो टी20 में 120 के स्ट्राइक रेट को अग्रेसिव अप्रोच समझता है, ने भी गनशॉट सेलिब्रेशन किया था (जिसमें उसने ज्यादा उत्तेजित होकर उल्टा बैट पकड़ लिया था)। इन दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी ने फटकार भी लगाई और कुछ मैच फीस भी काटी।
हालाँकि, दोनों भिखमंगो और पूरी पाकिस्तान टीम को उनके सेलिब्रेशन का फायदा मिला। इस सेलिब्रेशन से पूरे पाकिस्तान में उनकी काफी तारीफ हुई और उन्हें वापस जाने पर सम्मानित भी किया गया। इसका मतलब साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट खेलने नहीं, बल्कि अपना प्रोपगेंडा फैलाने आता है। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर टीवी पर बैठकर स्पोर्ट्समैन स्पिरिट की बातें करते हैं, जिसको सुनकर ऐसा लगता है कि ”कोई आतंकी साधू बनने के टिप्स दे रहा है”।
भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ कर दिया 12-0
इन दिनों भारत की मेजबानी में महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप खेला जा रहा है, जहाँ हाइब्रिड मॉडल पर कुछ मैच कोलम्बो में भी खेले जा रहे हैं। 05 अक्टूबर को भारतीय महिला टीम ने कोलम्बो में 247/10 का स्कोर डिफेंड करते हुए पाकिस्तान महिला टीम को 88 रनों के बड़े अंतर से हराया। लेकिन इस मैच में भी पाकिस्तान टीम की खिलाड़ियों ने अपना वही प्रोपगेंडा फैलाने की कोशिश की, जिसका हमारी बेटियों ने ठीक वैसा ही जवाब दिया, जैसा हमारे देश की सेना समय-समय पर पड़ोसी देश को देते आई है।
भारत ने इस मैच में पाकिस्तान को हराकर वनडे क्रिकेट में उनके खिलाफ अपना रिकॉर्ड 12-0 कर लिया। अब इन आंकड़ों को साझा करके सोशल मीडिया पर लोग हारिस रऊफ और पाकिस्तान को खूब ट्रोल कर रहे हैं। मजेदार बात यह है कि, क्रिकेट खेलने के नाम पर अपना झूठ बेचने वाली पाकिस्तान टीम पिछले 24 वर्ल्ड कप मुकाबलों में से सिर्फ एक मैच में ही जीत हासिल कर चुकी है।
अब सवाल है कि, क्या आईसीसी को पाकिस्तान टीम को हमेशा के लिए बैन कर देना चाहिए या नहीं? क्योंकि वह हमेशा अपने सेना और आतंकियों के प्रोपगेंडा को क्रिकेट के मैदान पर फैलाते हैं और आईसीसी के नियमों के मुताबिक कोई भी देश मैदान पर मैच के दौरान अपने देश की सेना या किसी विशेष मुद्दे का प्रचार नहीं कर सकती है।
आप सभी को याद होगा कि, वर्ल्ड कप 2019 के दौरान जब एमएस धोनी बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहनकर कीपिंग करते थे, तो आईसीसी ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें उसे पहनने से रोक दिया था। फिर जब पूरी पाकिस्तान टीम अपनी सेना और आतंकियों का प्रोपगेंडा फैलाने का काम कर रही है, तो उस पर बैन क्यों नहीं? यह सोचने लायक है।
नोट: इस आर्टिकल में लिखे गए सभी शब्द और वाक्य लेखक के निजी विचार हैं।
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