Wednesday, June 17

आईपीएल 2026 फिर से पिछले बार की तरह काफी अच्छी शुरुआत की थी। उन्होंने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले जीते तो लग रहा था कि वो इस बार प्लेऑफ में जगह बना सकती हैं।

हालाँकि कुछ मैचों के बाद ही अब वो टूर्नामेंट से बाहर हो गयी हैं और इसका मुख्य कारण उनके कप्तान अक्षर पटेल की खराब फॉर्म और निर्णय हैं। इस सीजन बल्ले और गेंद से उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा हैं। ऐसे में उन्हें इस साल के बाद कप्तानी छोड़ देनी चाहिए।

5 कारण क्यों अक्षर पटेल को छोड़ देनी चाहिए दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी

1. ख़राब कैप्टैन्सी रिकॉर्ड

अक्षर पटेल का आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए कप्तानी में प्रदर्शन बहुत ही ख़राब रहा हैं। उन्होंने अब तक दो सीजन में कुल मिलाकर 23 मैचों में कप्तानी की हैं जिसमें सिर्फ 9 में जीत और 12 में हार का सामना करना पड़ा हैं। इसके अलावा एक मुकाबला टाई रहा और एक रद्द हुआ है।

इस सीजन तो उनकी कप्तानी में रिकॉर्ड और भी ज्यादा ख़राब है। दिल्ली ने खेले 11 में सिर्फ 4 जीत और 7 में हार का सामना करना पड़ा हैं।

2. बल्लेबाजी में फ्लॉप

बल्लेबाजी में अक्षर का प्रदर्शन इस सीजन बेहद खराब रहा है। उन्होंने अब तक 8 पारियों में सिर्फ 44 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 5.50 और स्ट्राइक रेट 74.58 का रहा है, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी ख़राब माना जाता है।

एक फिनिशर और कप्तान होने के बावजूद अक्षर मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए है। कोलकता नाईट राइडर्स के खिलाफ भी उन्होंने 22 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए थे। यह आईपीएल की सबसे धीमी पारियों में से थी।

3. ख़राब गेंदबाजी प्रदर्शन

अक्षर पटेल को हमेशा ऐसे ऑलराउंडर के रूप में देखा गया है जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं, लेकिन इस सीजन गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन औसत रहा है। उन्होंने 11 पारियों में सिर्फ 10 विकेट हासिल किए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बेंगलुरु के खिलाफ 2/18 का रहा।

हालांकि उनकी इकॉनमी 8.33 रही, लेकिन विकेट लेने की निरंतरता नहीं दिखी। उनका गेंदबाजी औसत 30.56 और स्ट्राइक रेट 22.00 का रहा है। कई मैचों में वह मिडिल ओवरों में विकेट निकालने में असफल रहे, जिसका सीधा नुकसान दिल्ली को उठाना पड़ा।

दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि अक्षर पटेल बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संघर्ष कर रहे हैं, और उस पर कप्तानी का अतिरिक्त दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है। कप्तान बनने से पहले उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहता हैं लेकिन अब उन पर साफ़ प्रेसर दिख रहा हैं।

4. कप्तानी में बल्ले और गेंद से लगातार खराब प्रदर्शन

अक्षर पटेल ने जब से कप्तानी संभाली हैं तब से ही उनका प्रदर्शन लगातार ख़राब होता जा रहा हैं। पिछले दो सीजन में उन्होंने 23 मैचों में कप्तानी की हैं जिसमें उनके बल्ले से सिर्फ 14 की औसत से 307 रन निकले हैं और इस दौरान उन्होंने कोई अर्धशतक भी नहीं लगाया हैं।

वहीँ गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन कप्तान बनाने के बाद बहुत ख़राब हैं। उन्होंने 23 मैचों में सिर्फ 15 विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी भी 8.32 की हैं। वो न तो विकेट ले पा रहे हैं और न ही रन बना पा रहे हैं।

5. प्रोफेशनल क्रिकेट में कप्तानी का कम अनुभव

अक्षर पटेल को कप्तानी का बिलकुल भी अनुभव नहीं था उसके बाद भी उन्हें केएल राहुल की जगह कप्तानी करने का मौका दिया गया था। इंटरनेशनल क्रिकेट में तो उन्होंने कभी यह जिम्मेदारी कभी मिली ही नहीं है और घरेलू क्रिकेट में भी यदा कदा कप्तानी की हैं।

उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में गुजरात के लिए फर्स्ट क्लास में दो मैच में कप्तानी की और दोनों ड्रा रहे। वहीँ टी20 में 16 मुकाबलों में 10 में जीत और 6 में हार का सामना करना पड़ा। वहीँ लिस्ट में 5 में से 2 में जीत और 3 में हार झेलनी पड़ी हैं। कुल मिलकर अक्षर के पास कप्तानी का अनुभव नहीं है जो कि उनके ऑन फील्ड डिसिशन में भी नजर आता हैं। जिसके चलते टीम को कई अहम मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा हैं।

गुजरात के लिए अक्षर पटेल की कप्तानी का रिकॉर्ड

फर्स्ट क्लास : 2 मैच – 2 ड्रॉ

टी20: 16 मैच – 10 जीत, 6 हार

लिस्ट ए: 5 मैच – 2 जीत, 3 हार

अक्षर पटेल का आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड

मैच: 24

जीत: 9

हार: 13

रद्द: 1

टाई: 1

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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