1983 विश्व कप में कपिल देव की टनब्रिज वेल्स में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई वनडे इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है। दुनिया के महान ऑलराउंडरों में से एक कपिल देव ने 138 गेंद पर 16 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 175 रन बनाए थे। पर बीबीसी के हड़ताल के कारण इस मैच का भी एक फुटेज उपलब्ध नहीं है। उस मैच का सीधा प्रसारण नहीं किया गया था, क्योंकि विश्व कप का प्रसारणकर्ता ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन 1983 में 18 जून को हड़ताल पर था।
इसलिए इनके पारी को आज भी याद किया जाता है, क्योंकि कपिल की पारी के बिना, भारतीये टीम निश्चित रूप से मैच हार जाती। नाबाद 175 रनों की पारी ने भारतीय टीम को यह विश्वास दिलाया कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति से पार पा सकते हैं।
1983 के वनडे मैच में कपिल देव ने ऐसा क्या किया था कि आज भी उनको याद किया जाता है

ज़िम्बाब्वे और भारत के बीच हुए वनडे मैच में खेले गए कपिल देव के इनिंग को याद किया जाता है। टीम इंडिया के 17 रनों पर 5 विकेट गिरने के बाद कपिल क्रीज़ पर आये और छठे विकेट के लिए रॉजर बिन्नी के साथ मिलकर 60 रनों की पार्टनरशिप की। फिर क्रीज़ पर आये रवि शास्त्री सिर्फ एक रन ही बना पाए और इस तरह से 78 रनों पर टीम इंडिया सात विकेट गंवा चुकी थी।
सभी दर्शको को ऐसा महसूस हो रहा था कि भारतीय टीम अब वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगी। लेकिन फिर मैदान पर आये मदन लाल, कपिल देव ने लाल के साथ मिलकर 62 रनों की पार्टनरशिप कर टीम की स्तिथि को मजबूत कर दिया। 140 रनों पर टीम इंडिया ने अपना आठवां विकेट खोया। स्कोर अब भी बहुत कम नजर आ रहा था, लेकिन फिर विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी के साथ मिलकर कपिल ने इतिहास रच दिया।
दोनों अंत तक डटे रहे और एक-दूसरे के साथ मिलकर 126 रन जोड़े। अब टीम इंडिया का स्कोर 266 हो चुका था। इस मैच में देव के द्वारा 175 रन की पारी खेली गयी थी। 266 के स्कोर का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 235 रनों पर सिमट गई और भारत ने यह मैच 31 रनों से जीत लिया था।
क्या था कारण जिसके चलते कपिल देव के इस यादगार इनिंग का नहीं हो सका लाइव टेलीकास्ट

इंडियन टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि उन्हें इस बात का थोडा भी अफसोस नहीं है कि 1983 विश्व कप के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी नाबाद 175* रनों की इस पारी को टेलीकास्ट नहीं किया गया था। 1983 विश्व कप में जीत भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी खेल उपलब्धियों में से एक माना जाता है। यह कहते हुए कि जीत संभव नहीं होती अगर टीम इंडिया के कप्तान कपिल 18 जून, 1983 को जिम्बाब्वे के खिलाफ टुनब्रिज वेल्स मैदान में एक यादगार पारी नहीं खेलते।
इस दौरान लाइव ब्रॉडकास्ट इस लिए नहीं हुआ, क्योंकि उस समय का एकमात्र ब्रॉडकास्टर बीबीसी उस वक्त हड़ताल पर थी। दूरसंचार ऑपरेटर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कपिल ने कहा ने कहा कि मुझे लोगों की आलोचना करना पसंद नहीं है लोग कहते हैं कि आपको बुरा नहीं लगता कि इसे रिकॉर्ड नहीं किया गया था और मैं हमेशा ‘नहीं’ कहता हूं, क्योंकि यह मेरे दिमाग में दर्ज है। आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच इस मैच को लेकर सम्मान प्यार देखा जाता हैं।
1983 में कपिल देव के इस यादगार लम्हे के ऊपर बन चुकी हैं फिल्म

अभिनेता रणवीर सिंह ने 2021 रिलीज़ हुई इस फिल्म में मुख्य अभिनेता के रूप में भूमिका अदा किया हैं इसमें रणवीर ने कपिल देव के प्रसिद्ध ‘नटराज’ शॉट को खेलते हुए नज़र आए हैं। यह भारत की ऐतिहासिक 1983 क्रिकेट विश्व कप जीत पर आधारित हैं।

