Test Cricket: क्रिकेट के सबसे लंबे और कठिन फॉर्मेट को टेस्ट क्रिकेट के नाम से जाना जाता है। इसके चलते हुए टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में अभी तक के इतिहास में कुछ रोमांचक मैच भी जीते हैं। वहीं इस बीच कुछ ऐसे मैच भी हुए हैं जिनमें भारतीय टीम के निचलेक्रम के खिलाड़ियों ने काफी जुझारू प्रदर्शन करते हुए मैच को ड्रॉ भी कराया है। आइए टीम इंडिया के ऐसे दिलचस्प मैचों के बारे में भी जान लेते हैं जिनमें भारत ने अपनी दूसरी पारी में 9 विकेट खोने के बावजूद मैच ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की है।
1. भारत बनाम इंग्लैंड :-
इस मामले में पहले पायदान पर भारतीय टीम का मैनचेस्टर टेस्ट आता है। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 294 रन बनाए थे। वहीं तब भारतीय टीम की तरफ से लाला अमरनाथ और वीनू मांकड़ ने 5-5 इंग्लिश बल्लेबाजों को आउट किया था।

इसके बाद इन रनों के जवाब में भारतीय टीम केवल 170 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी। इस मैच में पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली इंग्लिश टीम ने अपनी दूसरी पारी को 5 के नुकसान पर 153 रन बनाकर घोषित कर दिया था। इसके बाद अंत में जीत के लिए मिले 278 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने भी अपने 9 विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाकर इस मैच को ड्रा कराया था।
2. भारत बनाम इंग्लैंड :-
इस सूचि में दूसरे पायदान पर भारतीय टीम का लॉर्ड्स टेस्ट मैच आता है। साल 2007 में भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट को ड्रॉ कराने में सफलता प्राप्त की थी। क्यूंकि इस मैच में जीत के लिए मिले 380 रन का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 5वें दिन के खेल की समाप्ति तक अपने 9 विकेट के नुकसान पर कुल 282 रन बना लिए थे।

इसके अलावा भारतीय टीम की दूसरी और मैच की चौथी पारी में महेंद्र सिंह धोनी ने तब 159 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेली थी। तब उस समय भारतीय टीम के लिए क्रीज पर धोनी के साथ श्रीसंत नाबाद खेल रहे थे।
3. भारत बनाम वेस्टइंडीज :-
इस सूचि में तीसरे पायदान पर भारत और वेस्टइंडीज की टीम के बीच खेला गया मैच आता है। वहीं यह मैच साल 2011 में मुंबई में खेला गया था। इस मैच को भारतीय टीम ने केवल 1 रन से ही ड्रा कराया था। इस वानखेड़े स्टेडियम मैच में खेलते हुए वेस्टइंडीज की टीम ने पहले 590 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद इन रनों के जवाब में भारतीय टीम केवल 482 रन ही बना पाई।

उस समय भारत के लिए रविचंद्रन अश्विन ने शानदार शतक (103) भी लगाया था। वहीं पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली वेस्टइंडीज टीम की दूसरी पारी केवल 134 रनों पर ही सिमट गई। इसके बाद जीत के लिए मिले 243 के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने खेल के 5वें दिन के समय के समाप्त होने तक अपने 9 विकेट के नुकसान पर 242 रन बनाए थे।
4. इस मैच में अंतिम गेंद पर आउट हुए थे अश्विन :-
साल 2011 में भारत और वेस्टइंडीज की टीम के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टेस्ट मैच खेला गया था। वहीं भारतीय टीम को वानखेड़े टेस्ट जीतने के लिए आखिरी गेंद पर 1 रन की जरूरत थी। लेकिन उस समय रविचंद्रन अश्विन 9वें विकेट के रूप में रन आउट हो गए थे। इसके अलावा भारत की दूसरी पारी में तब केवल 64 ओवर का ही खेल संभव हो पाया था।
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