विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में देवदत्त पदिक्कल दो अलग-अलग सीजन में 700 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी भारत का सबसे प्रतिष्ठित घरेलू वनडे टूर्नामेंट है। इस टूर्नामेंट में हर सीजन युवा और अनुभवी बल्लेबाजों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलता है। कई बार ऐसा भी हुआ है जब किसी एक खिलाड़ी ने पूरी सीरीज में लगातार रन बनाकर इतिहास रच दिया।
एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाना केवल बड़े स्कोर तक सीमित नहीं होता। इसमें निरंतरता, मैच दर मैच जिम्मेदारी और टीम को जीत के करीब ले जाने की क्षमता शामिल होती है। नीचे दिए गए बल्लेबाजों ने अपने अपने सीजन में यही सब करके खुद को रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया।
ये हैं विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
6. देवदत्त पडिक्कल (कर्नाटक) – 721 रन* (2025-26)
कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में 8 मैचों में अब तक 721 रन बनाए हैं और अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुँचा दिया है। उन्होंने इस सीजन क्वार्टरफाइनल मुकाबले तक 4 शतक और 2 अर्धशतक भी लगाए हैं।
अभी पदिक्कल की टीम को सेमीफाइनल मुकाबला भी खेलना है, जहाँ उनके पास इस लिस्ट में और ऊपर जाने का मौका है। यदि उनकी टीम फाइनल तक पहुँचती है और वह अगले दो मुकाबलों में 107 रन बना देते हैं, तो वह एक विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएँगे।
5. मयंक अग्रवाल (कर्नाटक) – 723 रन (2017-18)
मयंक अग्रवाल का 2017-18 का सीजन कर्नाटक क्रिकेट के लिए बेहद अहम रहा था। उन्होंने उस सीजन 8 मैचों में 723 रन बनाए थे और अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस सीजन उनका औसत 90.37 का रहा और उन्होंने 3 शतक एवं 4 अर्धशतक भी लगाए।
4. देवदत्त पडिक्कल (कर्नाटक) – 737 रन (2020-21)
देवदत्त पडिक्कल ने 2020-21 के विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के लिए शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने उस सीजन 7 मैचों में 737 रन बनाए थे, जिसमें 4 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने उस सीजन 152 रनों की एक बड़ी पारी खेली थी। हालाँकि, उनकी टीम को सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जिसने बाद में फाइनल में यूपी को हराकर खिताब भी जीता था।
3. करुण नायर (विदर्भ) – 779 रन (2024-25)
करुण नायर ने अपना घरेलू क्रिकेट करियर कर्नाटक की ओर से शुरू किया था, लेकिन नियमित प्रदर्शन ना कर पाने के चलते उन्हें यह टीम छोड़ना पड़ा। उन्होंने 2024-25 का सीजन विदर्भ की ओर से खेला और यह सीजन बतौर बल्लेबाज उनके अब तक के घरेलू क्रिकेट करियर का सबसे अच्छा सीजन रहा।
नायर ने ना सिर्फ रणजी ट्रॉफी में विदर्भ को चैंपियन बनाया, बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में भी पहुँचाया। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 9 मैचों में 389.50 की औसत से 779 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और एक अर्धशतक शामिल थे। इस सीरीज में वह 6 बार नाबाद लौटे थे। इस सीजन के बाद उनकी लम्बे समय बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी भी हुई थी।
2. पृथ्वी शॉ (मुंबई) – 827 रन (2020-21)
पृथ्वी शॉ का 2020-21 का विजय हजारे सीजन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन उदाहरण रहा। उन्होंने उस सीजन 8 मैचों में 165.40 की औसत से 827 रन बनाए। शॉ ने उस बीच 4 शतक और एक अर्धशतक भी लगाया, जिसमें 227 रनों की करियर बेस्ट पारी भी शामिल रही।
पृथ्वी शॉ ने अपनी दमदार बल्लेबाजी के दम पर मुंबई को फाइनल में भी पहुँचाया था, जहाँ उन्होंने यूपी के खिलाफ 313 के रन चेज में मात्र 39 गेंदों पर 78 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को अपनी टीम के कब्जे में ला दिया था। अंत में मुंबई ने 5 विकेट से जीत हासिल की और खिताब जीता था।
1. नारायण जगदीशन (तमिलनाडु) – 830 रन (2022-23)
तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज नारायण जगदीशन ने विजय हजारे ट्रॉफी 2022-23 में जो किया, वह घरेलू क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है। उन्होंने उस सीजन सिर्फ 8 मैचों में 138.33 की औसत से 830 रन बनाए और विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।
जगदीशन ने उस सीजन 277 रनों की एक बड़ी पारी भी खेली, जो आज भी दुनिया में लिस्ट A क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी पारी है। तमिलनाडु के इस बल्लेबाज ने 5 शतक भी लगाए थे, जो एक विजय हजारे ट्रॉफी सीजन में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है।
[नोट: यहाँ दिए गए सभी आंकड़े 13 जनवरी 2026 तक अपडेटेड हैं।]
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