वीमेंस क्रिकेट ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त तरक्की की है। जहां, एक समय क्रिकेट को केवल मेंस के खेल के रूप में देखा जाता था। वहीं, आज महिला क्रिकेटर भी अपने दमदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप की तरह वीमेंस वर्ल्ड कप ने भी कई दिग्गज खिलाड़ियों को अपनी पहचान बनाने का मौका दिया है।
बड़े मंच पर उन्होंने ऐसी यादगार पारियां खेल डाली है जो लम्बे समय तक याद की जाएंगी। इन पारियों की बदौलत न सिर्फ न सिर्फ टीम को जीत मिली बल्कि महिला वर्ल्ड कप इतिहास में एक खास जगह भी बनाने में सफल हुई।
ये हैं वीमेंस वर्ल्ड कप के इतिहास की 5 सबसे बड़ी पारियां
5. स्टेफनी टेलर (Stafanie Taylor)- 171 रन

वेस्टइंडीज की पूर्व कप्तान स्टेफनी टेलर ने 2013 के वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ 171 रनों की धमाकेदार पारी खेल डाली थी। इस ताबड़तोड़ बल्लेबाज ने अपनी तूफानी पारी में 18 चौके और 2 छक्के लगाए थे। उस पारी में उन्होंने लंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी।
उनकी इस पारी की बदौलत वेस्टइंडीज की टीम ने पहाड़ जैसा स्कोर बनाया था, जिसके चलते विंडीज टीम ने आसानी से ये मैच जीत लिया था। यह पारी वीमेंस इतिहास में आज भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।
4. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) 171* रन
टीम इंडिया की मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 2017 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171* रनों की पारी खेलकर पूरी दुनिया को हैरान करके रख दिया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस तरह की पारी सेमीफाइनल जैसे मुकाबले में खेलना काफी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। क्योंकि नॉकऑउट मुकाबलों में उनको हराना बेहद ही मुश्किल होता है।
बारिश से प्रभावित मैच में भारत की शुरुआत काफी ख़राब हुई थी। लेकिन हरमनप्रीत कौर उस दिन किसी और ही मूड में थी। उन्होंने मैदान पर आते ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया और चौके-छक्के लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 20 चौके और 7 छक्के लगाए थे। इस पारी की बदौलत भारतीय टीम फाइनल में पहुँचने में सफल हुई थी। हालाँकि वहां पर उन्हें इंग्लैंड के हाथों रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
3. चार्लेट एडवर्ड्स (Charlotte Edwards) 173 रन

इंग्लैंड की पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज शार्लट एडवर्ड्स ने 1997 वर्ल्ड कप में आयरलैंड के खिलाफ 173 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इस धाकड़ बल्लेबाज ने अपनी कमाल की पारी में 19 चौके लगाए थे। उन्होंने इस पारी में शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश किया था।
उन्होंने हर गेंदबाज को रिमांड पर लिया था और इंग्लैंड को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। यह पारी वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है और इस खिलाड़ी के करियर को नई ऊंचाई पर भी ले गई।
2. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Attapattu) 178 रन

चमारी अट्टापट्टू श्रीलंका की सबसे धाकड़ खिलाड़ियों में से एक है। वो अकेले दम पर ही अपनी टीम की बल्लेबाजी को सालों तक कैरी कर चुकी है। यहीं काम उन्होंने साल 2017 वर्ल्ड कप में भी किया था। जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में वीमेंस वनडे के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली डाली थी।
उस पारी में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। उस मैच में उन्होंने ग्राउंड के हर कोने में चौके-छक्के की झड़ी लगाते हुए 178 रन ठोक डाले थे। इतनी धमाकेदार पारी खेलने के बाद भी श्रीलंका की टीम इस मुकाबले में लगभग एकतरफ़ा तरीके से हारी थी।
1. बेलिंडा क्लार्क (Belinda Clark) 229* रन

वीमेंस वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक पारी खेलने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज बल्लेबाज बेलिंडा क्लार्क के नाम पर दर्ज है। उन्होंने भारत में हुए 1997 विश्व कप में ये पारी खेली थी। उस मैच में उन्होंने चौके-छक्कों की बरसात कर डाली और अकेले दम पर ही विपक्षी टीम को मैच से बाहर कर दिया।
यह पारी वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहली डबल सेंचुरी थी। जिसके बाद मेंस क्रिकेट में 13 सालों के बाद सचिन तेंदुलकर ने डबल सेंचुरी बनाई थी। लेकिन, क्लार्क ने यह रिकॉर्ड 1997 में ही अपने नाम कर लिया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से जीत दर्ज की थी।
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