Thursday, March 19

Renuka Thakur Rewarded With INR 1 Crore by CM Sukhu After India’s Women’s World Cup 2025 Triumph: भारतीय महिला क्रिकेट टीम के Women’s World Cup 2025 जीतने के बाद पूरे देश में खुशी का माहौल है और हर राज्य अपने खिलाड़ियों का सम्मान कर रहा है। इस ऐतिहासिक जीत में हिमाचल प्रदेश की बेटी रेणुका ठाकुर का प्रदर्शन भी बेहद अहम रहा, जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में उत्साह दोगुना हो गया है।

भारत की जीत के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने रेणुका ठाकुर के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय महिला टीम की जीत पर गर्व जताते हुए यह घोषणा की कि रेणुका को उनकी उपलब्धि और देश का नाम रोशन करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सीएम सुक्खू ने इस दौरान चैंपियन तेज गेंदबाज से फोन पर बात भी की और पूरी टीम को जीत की बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने किया सम्मान का ऐलान और की भावुक बातचीत

शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया के सामने इस बात की जानकारी दी कि भारत की बेटियों ने Women’s World Cup जीतकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।

उन्होंने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे आने वाले कई वर्षों तक याद किया जाएगा और युवा खिलाड़ियों के लिए यह जीत प्रेरणा का मजबूत आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय महिला टीम में हिमाचल की बेटी का शामिल होना राज्य के लिए गर्व की बात है और यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को बड़ा सपने देखने की हिम्मत देगी।

सीएम सुक्खू ने रेणुका ठाकुर से फोन पर बात करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश को उन पर गर्व है और सरकार की ओर से उन्हें 1 करोड़ रुपये की राशि सम्मानस्वरूप दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद Women’s World Cup का सेमीफाइनल और फाइनल मैच देखा और यह पहली बार था जब उन्होंने पूरे ध्यान से महिला क्रिकेट का मैच देखा। उन्होंने कहा कि टीम के खेल ने उनका ध्यान बांध लिया और हर खिलाड़ी का आत्मविश्वास देखने लायक था।

रेणुका ठाकुर की कहानी संघर्ष से सफलता की प्रेरणादायक यात्रा

रेणुका ठाकुर की सफलता सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस सपने की जीत है जो एक छोटे से गांव में शुरू होकर पूरे विश्व में चमक उठा है। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के पारसा गांव में जन्मी रेणुका ने बचपन से ही क्रिकेट के प्रति प्रेम दिखाया, लेकिन घर की परिस्थितियों में चुनौतियां भी मौजूद थीं।

रेणुका के पिता का निधन 1999 में हो गया था और वह तब केवल तीन साल की थीं। ऐसे समय में उनकी मां ने परिवार को संभाला और अपनी बेटी की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने रोहड़ू के स्थानीय मैदान में प्रैक्टिस शुरू की और धीरे-धीरे जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान स्थापित की। उनके परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया और गांव के लोगों ने भी उनके टैलेंट को बढ़ावा दिया।

तेज गेंदबाज रेणुका के भाई और भाभी ने भी उनके क्रिकेट करियर में लगातार साथ दिया। कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और बड़े मंच के दबाव के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेल में लगातार सुधार करती रहीं, जिसने उन्हें भारतीय महिला टीम तक पहुंचा दिया।

गांव में जश्न और माता की मन्नत हुई पूरी

भारतीय टीम की जीत के साथ पूरे देश में जश्न मनाया गया और हिमाचल में रेणुका के घर पर भी माहौल बेहद उत्साह से भरा हुआ है। रोहड़ू में उनके घर पर परिवार और गांव वालों ने जीत का जश्न मनाया और सोमवार को पूरे गांव के लिए भोज का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

यह सिर्फ जीत का जश्न नहीं था, बल्कि एक बेटी की उपलब्धि का सम्मान और खुशियों का साझा करना था। उनकी मां ने देवी-देवताओं से टीम की जीत की मन्नत मांगी थी और जीत के बाद पूरा परिवार मंदिर पहुंचा और धन्यवाद प्रार्थना की।

मैच से पहले और जीत के बाद रेणुका ने अपने भाई से बातचीत की और परिवार के साथ इस खुशी का पल साझा किया। परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक था, क्योंकि जिन सपनों को लेकर रेणुका ने छोटे से मैदान पर खेलना शुरू किया था, वही अब पूरे देश के सामने एक उदाहरण बन चुके हैं।

हिमाचल से भारतीय टीम तक पहुंचने वाली चौथी महिला खिलाड़ी

रेणुका ठाकुर हिमाचल की उन चुनिंदा महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय महिला टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है। उनसे पहले शिमला की सुषमा वर्मा भारतीय टीम के लिए खेल चुकी हैं और 2017 के Women’s World Cup का हिस्सा भी रही हैं।

इसके अलावा, हरलीन देओल भी हिमाचल से खेलती हैं और महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। यह उपलब्धि बताती है कि हिमाचल जैसी पहाड़ी भूमि से भी प्रतिभा निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकती है।

हिमाचल की बेटियों ने अपने खेल से देशभर में अपनी पहचान बनाई है और रेणुका का नाम इस लिस्ट में और भी गर्व के साथ जुड़ गया है। उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी, स्विंग और विकेट लेने की क्षमता से टीम में अपनी जगह मजबूत की है और वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन टीम के लिए अहम रहा। आज रेणुका सिर्फ हिमाचल की बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की शान बन चुकी हैं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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