Rohit Sharma: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का बल्ला पूरी तरह से शांत है। तभी तो अपनी 4 पारियों में उन्होंने अभी तक कुल 22 रन ही बनाए हैं। इस जारी सीरीज के पहले दो मुकाबलों में वह मिडिल ऑर्डर में खेलने उतरे थे। जबकि इस मेलबर्न टेस्ट में वह (Rohit Sharma) ओपनिंग करने उतरे है। लेकिन फिर भी उनको कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच अब सुनील गावस्कर ने उनकी खराब फॉर्म की वजह पता दी है।

पूर्व भारतीय दिग्गज गावस्कर ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट के दौरान रोहित (Rohit Sharma) के धीमे रिफ्लेक्स पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया है कि इस समय रोहित (Rohit Sharma) के फुटवर्क में दिक्कत दिख रही है। तभी तो अब चौथे टेस्ट में यशस्वी जयसवाल को ओपनिंग करने और केएल राहुल को तीसरे नंबर पर भेजने का फैसला रोहित के लिए कारगर नहीं रहा है। इस मैच में वह (Rohit Sharma) केवल 3 रन बनाकर पैट कमिंस की गेंद पर आउट हो गए। इस मुकाबले में उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट गेंद पर हाफ-पुल शॉट खेलने की कोशिश की और मिड-ऑन पर स्कॉट बोलैंड को कैच दे बैठे।
Rohit Sharma ने बनाए 4 पारियों में 22 रन :-
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के इस खराब फॉर्म में गिरावट की वजह उनकी बढ़ती उम्र और क्रिकेट से ब्रेक को माना जा रहा है। तभी तो अब भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने उनके रिफ्लेक्स और फुटवर्क में आई कमी पर चिंता जताई है।

इसके आगे उन्होंने कहा है कि उम्र के साथ शरीर की प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है और ब्रेक के बाद लय हासिल करने में थोड़ा समय लगता है। तभी तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज में रोहित (Rohit Sharma) ने अभी तक चार पारियों में सिर्फ 22 रन ही बनाए हैं।
भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने क्या कहा :-
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में शूमार सुनील गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा है कि, “इस शॉट को वह आमतौर पर खेलते हैं। फ्रंट फुट से हाफ-पुल। लेकिन अब मुझे लगता है कि वो यहां पर दो विचारों में थे कि पूरा पुल शॉट खेलें या नहीं और फिर बस इसे टैप करने की कोशिश की जैसे कैचिंग प्रैक्टिस में करते हैं। वहीं ऐसा तब होता है जब आप 36, 37 साल के होते हैं और आप क्रिकेट खेलने के बीच लंबा गैप लेते हैं।”

इस बीच उन्होंने आगे कहा कि, “इसी कारण के चलते हुए अब आप देख रहे हैं कि शायद उनका वैसा फुटवर्क नहीं है जैसा आप उनसे उम्मीद करेंगे। आपकी जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है शरीर थोड़ा धीमा रिएक्ट करने लग जाता है। इस समय आपका दिमाग आपको जो कुछ भी कहता है तब आपका शरीर बस वो नहीं करता है। वहीं अगर आप 37 साल की उम्र में लगातार खेल रहे हैं तो कोई बात नहीं। इस समय आप अपनी बैट-स्पीड, सब कुछ जानते हैं। लेकिन जिस पल आप ब्रेक लेते हैं, आपको बहुत, बहुत सावधान और बहुत, बहुत सचेत रहना चाहिए।”
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