Sophie Devine ODI career in numbers: न्यूजीलैंड की ऑलराउंडर सोफी डिवाइन ने इंग्लैंड के खिलाफ महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के मैच के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया। यह मुकाबला उनके शानदार करियर का आखिरी वनडे था।
बता दें कि, डिवाइन ने 2006 में सिर्फ 17 साल की उम्र में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, और तब से लेकर अब तक वह न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक बन गईं। लगभग 19 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने जो आंकड़े छोड़े हैं, वे आने वाले खिलाड़ियों के लिए मिसाल हैं।
बीच में छोड़ा क्रिकेट, लेकिन लौटीं और छा गईं
डिवाइन का करियर हमेशा सीधा नहीं चला। साल 2011 से 2012 के बीच उन्होंने दो साल का ब्रेक लिया और इस दौरान न्यूजीलैंड हॉकी टीम के लिए खेला। लेकिन क्रिकेट के मैदान में उनकी वापसी और भी दमदार रही। उनकी वापसी के बाद उन्होंने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि टीम की कप्तान के रूप में भी अहम जिम्मेदारी निभाई और टीम को कई अहम जीत दिलाईं।
159 वनडे और ऐतिहासिक आंकड़े
इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले तक सोफी डिवाइन ने 159 वनडे खेले, जो न्यूजीलैंड की किसी भी महिला खिलाड़ी द्वारा खेले गए मैचों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उनसे ज्यादा वनडे सिर्फ सूज़ी बेट्स ने खेले हैं, जिनका आंकड़ा 178 मैचों का है।
डिवाइन न्यूजीलैंड की अकेली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे में 4000 से ज्यादा रन (4256) और 100 से ज्यादा विकेट (110) लिए हैं। पूरी दुनिया में सिर्फ तीन महिला क्रिकेटर ही यह डबल हासिल कर पाई हैं।
शुरुआत में गेंदबाज, बाद में शानदार बल्लेबाज बनीं
करियर के शुरुआती सालों में डिवाइन को बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला। अपने पहले वनडे में उन्होंने नंबर 11 पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 6 रन बनाए थे। लेकिन 2013 के बाद सबकुछ बदल गया। उन्होंने टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी शुरू की और उसी साल पहली बार उनका औसत 30 के पार गया।
धीरे-धीरे वह न्यूजीलैंड की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार हो गईं। इस दौरान उन्होंने 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाजों में सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट दर्ज किया।
हर पोजीशन पर खेलने वाली खिलाड़ी
डिवाइन की खासियत उनकी बहुमुखी क्षमता थी। उन्होंने अपने करियर में वनडे के सभी 11 बल्लेबाजी क्रमों पर बल्लेबाजी की है, जो अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है। साल 2015 से उन्हें ओपनर की भूमिका मिली और इस पोजीशन पर उन्होंने 34 पारियां खेलीं। ओपनर के रूप में उन्होंने 5 शतक लगाए। यह आंकड़ा न्यूजीलैंड के लिए सूज़ी बेट्स (12 शतक) के बाद दूसरा सबसे बड़ा है।
रिकॉर्ड्स से भरा करियर
डिवाइन ने कुल 9 वनडे शतक लगाए, जिनमें से चार कप्तान के रूप में और छह विदेशी धरती पर आए। उन्होंने विदेशों में 2447 रन बनाए, जो भी न्यूजीलैंड की किसी भी महिला खिलाड़ी का दूसरा सर्वाधिक आंकड़ा है।
साल 2017 के वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 93 रन (41 गेंदों पर) की तूफानी पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 9 छक्के जड़े थे। यह महिला वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड था, जिसे बाद में चमारी अटापट्टू ने 2023 में बराबर किया।
डिवाइन ने अपने करियर में कुल 75 छक्के लगाए, जो महिला वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस मामले में सिर्फ डिएंड्रा डॉटिन (91) उनसे आगे हैं।
आखिरी वर्ल्ड कप में भी दमदार प्रदर्शन
हालांकि न्यूजीलैंड का अभियान इस वर्ल्ड कप में सफल नहीं रहा, लेकिन डिवाइन ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 66.5 की औसत से 266 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 112 रन की शतकीय पारी खेली, जब टीम का स्कोर 0 रन पर दो विकेट था।
इसके बाद उन्होंने 85 और 63 रन की पारियां भी खेलीं, फिर भी उनकी टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी। यह वही कहानी थी जो उनके करियर में कई बार दोहराई गई कि डिवाइन ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन टीम जीत नहीं पाई।
संघर्ष और समर्पण की मिसाल सोफी डिवाइन
सोफी डिवाइन का पूरा करियर इस बात की मिसाल है कि अगर जज़्बा और लगन हो तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। वो सिर्फ रन बनाने या विकेट लेने वाली खिलाड़ी नहीं थीं, बल्कि उन्होंने न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट को नई पहचान दी।
अब जब उन्होंने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा है, तो यह साफ है कि उनका नाम हमेशा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में रहेगा, जिन्होंने खेल को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून बनाया।
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