सनातन प्रीमियर लीग (SPL) 2026 की शुरुआत 12 मार्च को मध्य प्रदेश के इंदौर में हो गई है। चार दिवसीय टूर्नामेंट का पहला मैच छत्रपति शिवाजी वॉरियर्स और साउथ द्रविड़ चोल रॉकर्स के बीच खेला गया। सनातन प्रीमियर लीग के उद्घाटन मैच में छत्रपति शिवजी ने साउथ द्रविड़ को 61 रनों से दी मात।
साउथ द्रविड़ ने टॉस जीतकर किया गेंदबाजी का फैसला
उद्घाटन मैच में टॉस के लिए देवकीनंदन ठाकुर और अनिरुद्धाचार्य भी मौजूद थे। अनिरुद्धाचार्य ने टॉस किया और साउथ द्रविड़ चोल रॉकर्स के कप्तान गरीबा ठाकुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के कप्तान राहुल शर्मा भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे।
छत्रपति शिवाजी की रही खराब शुरुआत
साउथ द्रविड़ के गेंदबाज अपने कप्तान के फैसले पर बिल्कुल खरे उतरे। तेज गेंदबाज योगेश ने मैच की दूसरी ही गेंद पर ओपनर अरुण गौतम को खाता खोले बिना ही पवेलियन भेज दिया। अगली गेंद पर सिप्पी और ह्रितिक के बीच मिसकम्युनिकेशन हुआ, जिसके चलते ह्रितिक को रन आउट के रूप में अपना विकेट गंवाना पड़ा।
साउथ द्रविड़ के गेंदबाज लगातार अंतराल में विकेट झटककर विपक्षी टीम को दबाव में डाल रहे थे। उन्होंने तीसरे ओवर में ही उनके 3 विकेट गिरा दिए थे। हालाँकि कप्तान राहुल ने सूर्यवंशी के साथ टीम को संकट से उभारा और रन गति को भी बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन साउथ द्रविड़ के गेंदबाज कसी हुई गेंदबाजी कर रहे थे, जिसके चलते विकेट मिल रहे थे। महाराष्ट्र की टीम एक समय 7 ओवरों की शुरुआत में 61 रनों पर 5 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी।
मयंक ने आखिरी ओवर में पलटा मैच
साउथ द्रविड़ की टीम मैच में पूरी तरह से हावी थी। लेकिन आखिरी ओवर में धीरज ने अपनी पावर का नजारा पेश किया। उन्होंने भावेश के आखिरी ओवर में 3 छक्के और एक चौका जड़ते हुए 22 रन बटोरे। मयंक ने 11 गेंदों में नाबाद 36 रन बनाए। महाराष्ट्र की टीम ने 10 ओवरों में 120 रन जड़े।
महाराष्ट्र के गेंदबाजों के आगे नहीं टिक पाई साउथ द्रविड़ की टीम
यह लक्ष्य भले ही बड़ा था, लेकिन असंभव नहीं था। साउथ द्रविड़ के ओपनिंग बल्लेबाजों के पास महाराष्ट्र की सटीक गेंदबाजी का कोई जवाब ही नहीं था। वे शुरुआती 3 ओवरों में सिर्फ 17 रन ही बना पाए। रिक्वायर्ड रन रेट बढ़ने की वजह से साउथ द्रविड़ की टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा था, जिसके चलते सभी बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने के प्रयास में अपना विकेट गंवा रहे थे।
साउथ द्रविड़ की टीम दबाव में बिखर गई और मात्र 59 रनों पर बिखर गई। छत्रपति शिवाजी वॉरियर्स ने आसानी से यह मैच 61 रनों से जीत लिया। उनकी तरफ से हिमांशु सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए।






