Thursday, February 26

एसोसिएट टीमों के खिलाड़ियों ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बड़े देशों के खिलाफ बेखौफ खेल दिखाकर साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी ताकत अब नजरअंदाज नहीं की जा सकती।

20 टीमों वाला टूर्नामेंट आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप स्टेज कई मायनों में खास रहा, लेकिन सबसे बड़ी कहानी एसोसिएट टीमों के उभरते सितारों की रही। इन टीमों ने न सिर्फ प्रतिस्पर्धा की, बल्कि कई मैचों में फुल मेंबर देशों की टीमों को कड़ी चुनौती देते हुए इस टूर्नामेंट का स्तर भी ऊंचा कर दिया।

ग्रुप स्टेज में एसोसिएट देशों की ओर से बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन हर विभाग में ऐसे खिलाड़ी सामने आए, जिन्होंने बड़े मंच पर दबाव झेलते हुए मैच का रुख बदलने की क्षमता दिखाई। इसी दमदार प्रदर्शन के आधार पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 की एसोसिएट टीम ऑफ द टूर्नामेंट का चयन किया गया है।

ये है टी20 वर्ल्ड कप 2026 की एसोसिएट टीम ऑफ द टूर्नामेंट

1. युवराज सामरा (Yuvraj Samra) – कनाडा

कनाडा के 19 वर्षीय ओपनर युवराज सामरा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एसोसिएट देशों की सबसे बड़ी खोज बनकर उभरे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 36.00 की औसत और 156.52 की स्ट्राइक रेट से कुल 144 रन बनाए। हालांकि, उनका असली प्रभाव न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 110 रनों की ऐतिहासिक पारी से आया।

उस मैच में उन्होंने तेज गेंदबाज मैट हेनरी पर आक्रामक प्रहार किए, जेम्स नीशम और कोल मैककॉन्ची जैसे गेंदबाजों को भी नहीं बख्शा। यह शतक टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एसोसिएट बल्लेबाज का पहला शतक था। हालांकि, बाकी मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और 17 रन से आगे नहीं बढ़ पाए, लेकिन उस एक मैच ने उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिला दी।

2. शयान जहांगीर (Shayan Jahangir) – यूएसए

यूएसए के विकेटकीपर बल्लेबाज शयान जहांगीर ने इस टूर्नामेंट में 30.33 की औसत और 137.81 की स्ट्राइक रेट से 91 रन बनाए। हालांकि, विकेटकीपर बल्लेबाजों में जहांगीर का प्रदर्शन औसत रहा, लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने का काम किया।

पाकिस्तान के खिलाफ मैच में जब टीम के छह बल्लेबाज सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हो गए थे, तब उन्होंने 34 गेंदें खेलकर मैच को अंत तक जीवित रखा। साइम अयूब, मोहम्मद नवाज और अबरार अहमद के खिलाफ जैसे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनका फुटवर्क और स्ट्राइक रोटेशन खास रहा।

3. बैस डी लीडे (Bas de Leede) – नीदरलैंड्स

नीदरलैंड्स के स्टार ऑलराउंडर बैस डी लीडे ग्रुप स्टेज के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 52.66 की औसत से 158 रन बनाए और गेंद से 5 विकेट भी लिए। पाकिस्तान और भारत के खिलाफ नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने उपयोगी पारियां खेलीं।

हालांकि, नामीबिया के खिलाफ उनकी नाबाद 72 रनों की पारी सबसे खास रही। उसी मैच में उन्होंने तीन ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में लगातार योगदान ने उन्हें टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।

4. दीपेंद्र सिंह ऐरी (Dipendra Singh Airee) – नेपाल

नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी पूरे टूर्नामेंट में अपनी टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 56.33 की औसत और 144.44 की स्ट्राइक रेट से 169 रन बनाए। ऐरी ने वानखेड़े की धीमी पिच पर इंग्लैंड के खिलाफ 29 गेंदों में 44 रनों की पारी खेलकर सबको चौंका दिया।

इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ 58 रनों की संयमित पारी में उन्होंने विकेट बचाते हुए स्कोर खड़ा किया, जब दूसरे बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे। अंत मे स्कॉटलैंड के खिलाफ 23 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई।

5. गेरहार्ड इरास्मस (Gerhard Erasmus) – नामीबिया

नामीबिया के कप्तान और ऑलराउंडर गेरहार्ड इरास्मस ने बल्ले से ज्यादा गेंद से प्रभाव छोड़ा। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 11.85 की औसत से 7 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी 7.54 रही। इरास्मस ने भारत के खिलाफ 4 विकेट लेकर उन्होंने मजबूत बल्लेबाजी क्रम को झटका दिया, जिसमें ईशान किशन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल जैसे बल्लेबाज शामिल थे।

6. शुभम रंजाने (Shubham Ranjane) – यूएसए

यूएसए के ऑलराउंडर शुभम रंजाने ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया और सबको प्रभावित किया। उन्होंने स टूर्नामेंट में 4 मैचों में 70.50 की औसत और 180.76 की स्ट्राइक रेट से 141 रन बनाए, जो इस टीम में सबसे आक्रामक बल्लेबाजी आंकड़ों में से एक है।

रंजाने ने भारत के खिलाफ चोट से जूझते हुए भी 22 गेंदों में 37 रन बनाए और पाकिस्तान के खिलाफ 30 गेंदों में 51 रन की पारी खेलकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। नीदरलैंड्स के खिलाफ 24 गेंदों में 48 रन की तेज पारी ने टीम को 190 से ऊपर पहुंचाकर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने मध्यम गति की गेंदबाजी से टीम को अतिरिक्त विकल्प भी दिया।

7. बेन मनेंटी (Ben Manenti) – इटली

इटली के ऑलराउंडर बेन मनेंटी इस टूर्नामेंट में अपनी टीम के लिए एक्स फैक्टर साबित हुए। उन्होंने बल्ले से 138 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट भी लिए। उन्होंने नेपाल के खिलाफ चार ओवर में 2 विकेट लेकर मैच की दिशा बदल दी और इटली को टी20 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक पहली जीत दिलाने में भूमिका निभाई।

इसके बाद मनेंटी की इंग्लैंड के खिलाफ 25 गेंदों में 60 रनों की आक्रामक पारी ने विपक्ष को हिलाकर रख दिया था। फिर अंत में स्कॉटलैंड के खिलाफ 52 रनों की पारी और वेस्टइंडीज के खिलाफ उपयोगी गेंदबाजी ने उनके प्रभाव को और मजबूत किया।

8. माइकल लीस्क (Michael Leask) – स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड के स्पिन ऑलराउंडर माइकल लीस्क ने इस टूर्नामेंट में 13.55 की औसत से 9 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी 7.62 रही। इटली के खिलाफ उन्होंने पहले तो अंतिम ओवर में तेज रन बनाए और फिर गेंद से 4 विकेट लेकर मैच पर कब्जा कर लिया। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अहम बल्लेबाजों को आउट किया और नेपाल के खिलाफ अपने अंतिम मैच में भी उन्होंने सभी तीन विकेट दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए।

9. शैडली वान शाल्कविक (Shadley van Schalkwyk) – यूएसए

यूएसए के तेज गेंदबाज शैडली वान शाल्कविक टूर्नामेंट के सबसे घातक गेंदबाजों में रहे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में मात्र 7.76 की औसत से 13 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी भी सिर्फ 6.80 रही। वह ग्रुप स्टेज तक टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे।

शाल्कविक ने भारत के खिलाफ पॉवरप्ले में तीन विकेट लेकर मैच का माहौल बदल दिया था। फिर पाकिस्तान के खिलाफ भी उन्होंने 4 विकेट लेकर टीम को मुश्किल में डाला। हालांकि, इन दोनों मैचों में उनकी टीम को जीत नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ भी मिलाकर 6 विकेट चटकाए। यूएसए के इस तेज गेंदबाज की लगातार सटीक लाइन और हार्ड लेंथ ने उसे इस टूर्नामेंट में सबसे प्रभावी तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया।

10. आर्यन दत्त (Aryan Dutt) – नीदरलैंड्स

नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त नई गेंद से भी खतरनाक साबित हुए। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 17.80 की औसत से 5 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी 6.84 रही। पाकिस्तान और भारत दोनों के खिलाफ शुरुआती ओवरों में विकेट लेकर उन्होंने टॉप ऑर्डर को झटका दिया। उनकी सटीक लाइन और लगातार डॉट गेंदों ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया।

11. क्रिशन कालुगामगे (Crishan Kalugamage) – इटली

इटली के लेग स्पिनर कालुगामगे ने इस टूर्नामेंट में 7 विकेट लिए। इस दौरान उनकी औसत 16.57 और इकॉनमी 7.73 रही। उन्होंने नेपाल के खिलाफ 3 विकेट लेकर टीम की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी। हालांकि, वह इंग्लैंड के खिलाफ भले ही महंगे साबित हुए, लेकिन अहम बल्लेबाजों को आउट किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ भी उन्होंने टॉप ऑर्डर के विकेट लेकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

12वां खिलाड़ी: माइकल जोन्स (Michael Jones) – स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड के बल्लेबाज माइकल जोन्स ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 35.50 की औसत और 142 की स्ट्राइक रेट से 142 रन बनाए। उन्होंने कई मैचों में स्थिर शुरुआत देकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और जरूरत पड़ने पर आक्रामक बल्लेबाजी भी की। इसीलिए, उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एसोसिएट टीम ऑफ द टूर्नामेंट में 12वें खिलाड़ी के रूप में जगह दी गई है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की एसोसिएट टीम ऑफ द टूर्नामेंट देखने के बाद यह साफ है कि एसोसिएट देशों के खिलाड़ी अब आईसीसी टूर्नामेंट में सिर्फ भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि मुकाबला जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं। इस टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन ने भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के संतुलन को बदलने की क्षमता दिखा दी है।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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