टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी आईसीसी इस खेल को ग्लोबली प्रमोट करने के लिए काफी जद्दोजहद तो कर ही रही है और साथ में नए-नए प्रयोग कर रही है, ताकि नए दर्शकों को इसके साथ जोड़ा जा सके और साथ ही खेल में और ज्यादा निष्पक्षता लाई जा सके।
इसी क्रम में आईसीसी ने इस टी20 वर्ल्ड कप में कुछ नए नियम लाए हैं, जिससे टूर्नामेंट और भी ज्यादा रोमांचक और फेयर तरीके से हो सके। तो चलिए जानते हैं कि टी20 वर्ल्ड कप में कौन से नए नियम ऐड हुए हैं।
वेस्ट हाई फुल टॉस में अब बल्लेबाज ले सकते हैं DRS

टी20 वर्ल्ड कप में आईसीसी ने नो बॉल के लिए भी अब टीम को वेस्ट हाई फुल टॉस के लिए रिव्यू दिया है। इससे पहले बीमर बॉल का फैसला अंपायर का होता था। हालाँकि कई बार ऐसा होता था जब खिलाड़ी को लगता था कि गेंद उनकी कमर से ऊपर है, लेकिन अंपायर का मानना कुछ और होता था, जिसकी वजह से बल्लेबाज को अपना विकेट गंवाना पड़ता था।
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हालाँकि बल्लेबाज उससे संतुष्ट नहीं होता था और कभी-कभी तो मेन मौके पर ऐसी वेस्ट हाई फुल टॉस के एक फैसले से गेम पलट सकता था। इसलिए आईसीसी ने इस बार कमर की ऊंचाई वाली नो बॉल के लिए टीमों को रिव्यू दिया है, ताकि किसी संदेह की स्थिति में वे थर्ड अंपायर का सहारा ले सकें।
आपको बता दें कि यह नियम इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं है। कोई भी टीम या खिलाड़ी वेस्ट हाई फुल टॉस के लिए रिव्यू नहीं ले सकता है। हालाँकि इस टी20 वर्ल्ड कप में उसे डीआरएस लेने की आज़ादी है। आईपीएल में यह नियम पहले से ही लागू है। हालाँकि वाइड बॉल के लिए यह रूल नहीं है।
आईपीएल की तरह ही दो बार होगा ड्रिंक्स ब्रेक
टी20 क्रिकेट भले ही 20 ओवरों का होता है, लेकिन इसमें दर्शकों को ज्यादा इंटरेस्ट होता है और ज्यादा लोग इस फॉर्मेट को देखते भी हैं। ऐसे में यह ब्रॉडकास्टर्स के लिए पैसा कमाने का अच्छा मौका होता है। इसलिए वे कोशिश करते हैं कि इस दौरान ज्यादा से ज्यादा ऐड चलाए जा सकें।
इसी को देखते हुए आईसीसी ने इस बार आईपीएल की तर्ज पर दो स्ट्रेटेजिक टाइमआउट की तरह दो बार ड्रिंक्स ब्रेक कंपलसरी कर दिया है, ताकि खिलाड़ियों को भी ड्रिंक्स समय से मिल सकें और ब्रॉडकास्टर्स को ऐड दिखाने का मौका मिल सके। हर पारी में 6वें और 14वें ओवर के बाद ड्रिंक्स ब्रेक लिया जाएगा।







