38 साल की उम्र में भी जोकोविच ने ग्रैंड स्लैम के लंबे मुकाबलों में अपनी असाधारण फिटनेस और मानसिक ताकत साबित की।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और महान खिलाड़ी समय के साथ और मजबूत होते जाते हैं। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला मौजूदा चैंपियन जानिक सिनर से था, जो पिछले दो सालों से शानदार फॉर्म में चल रहे थे।
यह मैच बेहद कठिन और लंबा रहा, लेकिन जोकोविच ने चार घंटे नौ मिनट तक चले मुकाबले में 3-6, 6-3, 4-6, 6-4, 6-4 से जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बना ली। यह उनके करियर का 38वां ग्रैंड स्लैम फाइनल है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
फेडरर की बराबरी वाला बड़ा रिकॉर्ड
इस मैच के साथ जोकोविच ने ग्रैंड स्लैम इतिहास में एक खास मुकाम हासिल कर लिया। यह उनका 48वां पांच सेट वाला मैच था, जिससे उन्होंने रोजर फेडरर की बराबरी कर ली। ओपन एरा में इतने पांच सेट मैच खेलने वाले वह सिर्फ तीसरे खिलाड़ी बने हैं।
इस सूची में स्टैन वावरिंका 49 मैचों के साथ सबसे आगे हैं, जबकि लेटन हेविट और फर्नांडो वर्दास्को 45 मैचों के साथ आगे के स्थानों पर आते हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना कितना मुश्किल होता है।
लंबी लड़ाइयों में जोकोविच की खास ताकत
जोकोविच सिर्फ लंबे मैच खेलते ही नहीं हैं, बल्कि उन्हें जीतते भी हैं। ग्रैंड स्लैम के पांच सेट मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 38 जीत और 10 हार का है, जो बेहद शानदार माना जाता है। इसके मुकाबले फेडरर का रिकॉर्ड 31 जीत और 17 हार का रहा है।
पांच सेट के मैच जीतने के लिए फिटनेस, मानसिक मजबूती, रणनीति और धैर्य की जरूरत होती है और जोकोविच इन सभी पहलुओं में लगातार बेहतर रहे हैं। यही वजह है कि मैच जितना लंबा होता जाता है, वह उतने ही खतरनाक खिलाड़ी बन जाते हैं।
21 साल बाद भी वही जुनून
जोकोविच का पहला पांच सेट मुकाबला 2005 में विंबलडन में हुआ था, जब वह अभी 18 साल के ही थे। लगभग 21 साल बाद भी वह उसी ऊर्जा और विश्वास के साथ खेल रहे हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं।
सिनर के खिलाफ इस मैच में उन्होंने 18 में से 16 ब्रेक प्वाइंट बचाए और दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत हासिल की। यह प्रदर्शन दिखाता है कि दबाव के क्षणों में भी उनका अनुभव और संयम कितना मजबूत है।
महानता की नई परिभाषा
38 साल की उम्र में इस स्तर पर प्रदर्शन करना अपने आप में असाधारण है और जोकोविच लगातार यह साबित कर रहे हैं कि महानता सिर्फ प्रतिभा से नहीं बल्कि लंबे समय तक निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन से बनती है।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का यह मैच उनके करियर के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक माना जाएगा और यह साफ है कि टेनिस की दुनिया में उनका प्रभाव अभी खत्म होने वाला नहीं है।
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