हर दो साल में अंडर-19 क्रिकेट में नए खिलाड़ी आते हैं। जिसमे युवा खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल दिखाते हैं, चाहे वह बल्लेबाजी हो या गेंदबाज़ी। लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं कि ये सब आगे चलकर टीम इंडिया का हिस्सा बन पाएं। सीनियर लेवल तक पहुंचना आसान नहीं होता। कई खिलाड़ी तो घरेलू क्रिकेट में भी पहचान नहीं बना पाते। आज हम आपको ऐसे 5 भारतीय अंडर-19 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने शानदार खेल दिखाया, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सके।
5 खिलाड़ी जो अंडर-19 क्रिकेट में सुपरस्टार थे, भारत के लिए कभी नहीं खेल पाए एक भी इंटरनेशनल मैच
आशीष जैदी

आशीष जैदी ने भारत के लिए 6 अंडर-19 टेस्ट मैच खेले, इस दौरान 43 विकेट झटके। 3 बार उन्होंने मैच में 10 विकेट लिए। एक पारी में 9 विकेट लेने का भी कारनामा किया। इस तेज गेंदबाज़ ने उत्तर प्रदेश के लिए 1988 से 2006 के बीच 110 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 378 विकेट लिए, लेकिन भारतीय टीम की तरफ से एक भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेल सके।
यो महेश

यो महेश अंडर-19 वनडे में भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाज़ों में से एक रहे। 27 मैचों में उन्होंने 53 विकेट झटके। वह 2006 अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा भी थे। उन्होंने 50 फर्स्ट क्लास, 61 लिस्ट ए और 46 टी20 मैच खेले। कुल मिलाकर 250 से ज्यादा विकेट लेने के बावजूद वह कभी भारत की सीनियर टीम के लिए डेब्यू नहीं कर सके।
तन्मय श्रीवास्तव

अंडर-19 विश्व कप 2008 जीतने वाली भारतीय टीम में तन्मय श्रीवास्तव भी शामिल थे। वह अंडर-19 क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज़्यादा 2472 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे। 2008 के अंडर-19 विश्व कप में भी उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज़ ने सबसे ज़्यादा रन बनाए थे। घरेलू क्रिकेट में लगभग 14 साल खेलने के बाद भी उन्हें टीम इंडिया की तरफ से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। अब तन्मय अंपायर बन चुके हैं।
बाबा अपराजित

2012 अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में बाबा अपराजित भी शामिल थे। वह अब तक कुल 8 अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच भारत के लिए खेल चुके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 141 रन रहा। 21 यूथ वनडे में उन्होंने 33 विकेट लेने के साथ-साथ 500 रन भी बनाए। घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए मैचों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला।
विजय जोल

2014 अंडर-19 विश्व कप में विजय जोल भारत के कप्तान थे। वह यूथ वनडे में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा 1404 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे। उन्होंने दो यूथ टेस्ट खेले, जिनमें दो शतकों की मदद से 301 रन बनाए। हालांकि सीनियर स्तर पर वह खास प्रदर्शन नहीं कर सके। 2019 के बाद से उन्होंने कोई प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला है।






