विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में लगातार दूसरा शतक लगाया है, जो उनकी 84वां अन्तर्राष्ट्रीय शतक है।
विराट कोहली ने रायपुर में खेले जा रहे दूसरे वनडे के दौरान अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए एक और धमाकेदार शतक जड़ दिया और इसी के साथ उन्होंने वनडे करियर में अपना 53वां शतक पूरा कर लिया। यह शतक उनके लिए और भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरे मैच में सेंचुरी बनाकर टीम इंडिया को एक बार फिर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी इस पारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी, जबकि दूसरे छोर पर ऋतुराज गायकवाड़ ने भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए 105 रन बनाए।
भारत की शुरुआत और शुरुआती झटकों के बाद वापसी
भारत की शुरुआत तेज और सकारात्मक रही, क्योंकि रोहित शर्मा ने सिर्फ आठ गेंदों में 14 रन बनाकर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, वह चौथे ओवर में आउट हो गए, जिससे भारत को पहला झटका लगा। इसके बाद यशस्वी जायसवाल ने संभलकर खेलते हुए रन जोड़ने की कोशिश की, लेकिन नौवें ओवर में वह भी 22 रन बनाकर आउट हो गए और भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे।
इन दो विकेटों के बाद भारतीय पारी थोड़ी मुश्किल में नजर आई, लेकिन कोहली और गायकवाड़ ने मिलकर न सिर्फ पारी को स्थिर किया, बल्कि तेजी से रन जोड़कर मैच का रुख अपने पक्ष में कर लिया। उनकी साझेदारी ने टीम को मजबूती दी और विपक्षी गेंदबाजों के दबाव को पूरी तरह कम कर दिया।
कोहली और गायकवाड़ की रिकॉर्ड साझेदारी ने बदल दिया मैच
विराट कोहली शुरुआत से ही अपनी लय में दिखाई दिए और हर गेंद को धैर्य के साथ खेलते हुए धीरे धीरे पारी को बड़ा रूप दिया। उन्होंने 90 गेंदों में 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 100 रन पूरे किए, जिनमें सात चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था और हर ओवर में रनगति बढ़ती हुई नजर आई। यह पारी एक अनुभवी खिलाड़ी की समझदारी और क्लास का बेहतरीन उदाहरण बन गई।
दूसरी ओर ऋतुराज गायकवाड़ ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 83 गेंदों में शानदार 105 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके और 2 छक्के शामिल रहे और उन्होंने अपनी टाइमिंग के साथ साथ शॉट सिलेक्शन से भी सबको प्रभावित किया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 195 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने भारत को एक मजबूत स्कोर की दिशा में पहुंचा दिया।
दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की कठिन परीक्षा
दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज लगातार कोशिश करते रहे लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने उनकी योजनाएं ज्यादा असरदार साबित नहीं हुईं। मार्को यांसिन ने दो विकेट जरूर लिए लेकिन बाकी गेंदबाज अपनी लाइन और लेंथ को लेकर संघर्ष करते दिखे। केशव महाराज को दस ओवर में 70 रन पड़े और वे कोई विकेट हासिल नहीं कर सके, जिससे भारत को मिडिल ओवर्स में तेज गति से रन बनाने का मौका मिला।
नांद्रेबर्गर और लुंगी एनगिडी भी शुरुआती झटकों के बाद रन रोकने में नाकाम रहे और लगातार बाउंड्री देते रहे। कुल मिलाकर भारतीय बल्लेबाजों ने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया और रनगति को बढ़ाते हुए एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
खबर लिखे जाने तक, भारत ने 38.0 ओवरों में भारत ने तीन विकेट खोकर 275 रन बना लिए हैं। यह स्कोर बताता है कि भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ मैच में नियंत्रण बनाए रखा है। कोहली और गायकवाड़ की शतकीय पारियों ने टीम को विशाल लक्ष्य की ओर बढ़ा दिया है और आने वाले ओवरों में KL राहुल और बाकी बल्लेबाजों के पास स्कोर को और ऊंचा ले जाने का मौका है।
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