Sunday, February 15

Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने यह घोषणा इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए की, जिसमें उन्होंने लिखा कि अब वह टेस्ट फॉर्मेट में भारत के लिए नहीं खेलेंगे। कोहली ने अपने 14 साल लंबे टेस्ट करियर में 123 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 9230 रन बनाए। इसी कड़ी में आइए जानते हैं, चीकू नाम के पीछे की कहानी।

किसने रखा विराट का नाम चीकू

The journey from 'Chiku' of Vikaspuri to the emperor of world cricket
Virat Kohli/Getty Images

विराट कोहली को ‘चीकू’ नाम उनके कोच अजीत चौधरी ने दिया। एक बार दिल्ली और मुंबई के बीच रणजी मैच के दौरान विराट ने नया हेयरकट कराया था, जिससे वह ‘चंपक’ कॉमिक्स के चीकू खरगोश जैसे दिखने लगे। तब से यह नाम उनके साथ जुड़ गया।

अंडर-15 और अंडर-17 में विराट का जलवा

विराट कोहली ने अंडर-15 में 78.00 की औसत से 390 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे। इसके बाद अंडर-17 में उन्होंने पंजाब के खिलाफ 254 रन और बड़ौदा के खिलाफ 235 रन की पारियां खेलीं, जिससे टीम को नॉकआउट में पहुंचने में मदद मिली। इस प्रदर्शन ने उन्हें दिल्ली अंडर-17 टीम में स्थान दिलाया।

फिटनेस और समर्पण थी सफलता की कुंजी

The journey from 'Chiku' of Vikaspuri to the emperor of world cricket
The journey from ‘Chiku’ of Vikaspuri to the emperor of world cricket/Getty Images

विराट कोहली की फिटनेस और समर्पण ने उन्हें एक उत्कृष्ट खिलाड़ी बनाया। उन्होंने अपने पसंदीदा खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर फिटनेस पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी मेहनत और कोच के मार्गदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक महान खिलाड़ी बनने में मदद की।

कोच अजीत चौधरी की भूमिका

कोच अजीत चौधरी ने विराट कोहली के शुरुआती करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विराट की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही मार्गदर्शन दिया। उनके अनुसार, विराट का क्रिकेट के प्रति जुनून और समर्पण ही उन्हें महान खिलाड़ी बनाता है। विराट कोहली की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी खिलाड़ी उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। उनकी कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शांत डेब्यू, फिर मचा किंग कोहली के नाम का शोर

विराट कोहली ने साल 2008 में वनडे अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह अपने पहले वनडे मैच में 22 गेंदों पर मात्र 12 रन ही बना सके। हालांकि, इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह हर साल इस फॉर्मेट में लगातार रन बनाते रहे और 2025 में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। इतना ही नहीं, उनके नाम इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक (51) जड़ने का भी रिकॉर्ड दर्ज है।

विराट ने 2011 में भारत की विश्व विजेता टीम का मुख्य हिस्सा थे और फाइनल मैच में गंभीर के साथ उनकी साझेदारी ने मेजबान टीम को न सिर्फ मैच में बनाए रखा, बल्कि गौतम (97) और धोनी (92*) की शानदार पारियों के बाद भारत ने खिताबी जीत भी हासिल की।

कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भी कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की। उनकी कप्तानी में भारत ने टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीते और वह घरेलू सरजमीं पर एक भी सीरीज न हारने वाले पहले भारतीय कप्तान भी बने। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 30 शतक लगाए, जिसमें सात दोहरे शतक भी शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज भी जीती थी, जो उनकी टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन कप्तानी का जीता-जागता उदाहरण है।

इतना ही नहीं, टी20 अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी विराट कोहली का काफी जलवा रहा। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के बाद इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था, तब वह 4188 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में रोहित शर्मा (4231 रन) के बाद दूसरे स्थान पर थे। हालांकि, अब वह बाबर आजम (4223 रन) के बाद तीसरे स्थान पर आ गए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2022 में मेलबर्न में खेली गई उनकी 82 रनों की पारी आज भी फैंस के ज़ेहन में बसा हुआ है।

कोहली के किंग बनने का सफर यही नहीं रूका। उन्होंने आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी लगातार रन बनाए हैं। उनके नाम आठ हजार से ज्यादा रन और आठ शतक दर्ज हैं। वह टी20 फॉर्मेट में 13 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं, जो यह साबित करता है कि कोहली किसी एक फॉर्मेट के नहीं बल्कि सभी फॉर्मेट के किंग हैं।

ICC टूर्नामेंट्स में विराट कोहली का दबदबा

ICC टूर्नामेंट्स में विराट कोहली का दबदबा आज भी कायम है। उन्होंने 2023 के वर्ल्ड कप में 11 मैचों में 765 रन बनाए और एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर के 673 रनों का रिकॉर्ड लंबे अंतर से तोड़ा। हालांकि, दुर्भाग्यवश भारत यह फाइनल हार गया, लेकिन कोहली का प्रदर्शन इतिहास में दर्ज हो गया।

कोहली ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक 37 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 59.83 की औसत से 1795 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 5 शतक और 12 अर्धशतक भी निकले हैं।

कोहली टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने 35 मैचों में 58.72 की औसत से 1292 रन बनाए हैं, जिसमें 15 अर्धशतक शामिल हैं।

मजेदार बात यह है कि, विराट ने चैंपियंस ट्रॉफी में भी अपना दबदबा बरकरार रखा है। 2025 में भारत को खिताब जिताने वाले कोहली ने 18 चैंपियंस ट्रॉफी मैचों में 74.70 की औसत से 747 रन बनाए हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में क्रिस गेल (791 रन) के बाद दूसरे स्थान पर हैं।

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Sports Content Writer शिव मंगल सिंह (Shiv Mangal Singh) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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