महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India Women Cricket Team) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। पिछले मुकाबले में चोटिल होने के चलते टीम की प्रमुख ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल (Shreyanka Patil) अब पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
बता दें कि, 23 वर्षीय श्रेयंका को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए भारत के दूसरे ग्रुप मैच के दौरान पॉवरप्ले में फील्डिंग करते हुए टखने में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। इसके बाद मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि वह टूर्नामेंट में आगे हिस्सा नहीं ले पाएंगी।
प्रेमा रावत को मिला श्रेयंका की जगह भारतीय टीम में मौका
श्रेयंका के बाहर होने के बाद उनकी जगह प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 24 वर्षीय प्रेमा अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर सकी हैं। हालांकि घरेलू क्रिकेट और भारत ए टीम के लिए उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है।
प्रेमा पिछले दो सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम के लिए वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में छह मुकाबले खेल चुकी हैं, जिसमें उन्होंने तीन विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत के दौरान उन्होंने पांच मैचों में आठ विकेट चटकाए थे।
इतना ही नहीं, पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ए टीम के लिए भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। वह उस सीरीज में तीन टी20 मैचों में सात विकेट लेकर संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रही थीं।
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महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के लिए क्यों अहम थीं श्रेयंका पाटिल?
श्रेयंका पाटिल सिर्फ एक ऑफ स्पिनर नहीं बल्कि भारत की सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक थीं। खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उनके आंकड़े शानदार रहे हैं। उन्होंने वीमेंस प्रीमियर लीग में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ 109 गेंदों में 11 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनका औसत 14.09 और स्ट्राइक रेट 9.9 का रहा है। यह भारतीय गेंदबाजों में सबसे प्रभावशाली रिकॉर्ड्स में से एक है।
इसके अलावा, श्रेयंका की फील्डिंग भी भारतीय टीम के लिए बड़ा हथियार रही है। मैदान पर उनकी फुर्ती और रन बचाने की क्षमता टीम को अतिरिक्त मजबूती देती थी। ऐसे में उनका टीम से बाहर होना हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
WPL में भारतीय गेंदबाजों का बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ प्रदर्शन:
| गेंदबाज | गेंद | विकेट | औसत | स्ट्राइक रेट | इकॉनमी | डॉट % |
| श्रेयंका पाटिल | 109 | 11 | 14.09 | 9.9 | 8.53 | 41.2 |
| दीप्ति शर्मा | 136 | 10 | 15.4 | 13.6 | 6.79 | 40.4 |
| नंदनी शर्मा | 67 | 5 | 20.2 | 13.4 | 9.04 | 29.8 |
| श्री चरणी | 64 | 4 | 24 | 16 | 9 | 23.4 |
| रेणुका ठाकुर | 146 | 6 | 31.66 | 24.3 | 7.8 | 46.5 |
| राधा यादव | 69 | 2 | 41 | 34.5 | 7.13 | 33.3 |
| क्रांति गौड़ | 43 | 1 | 48 | 43 | 6.69 | 44.1 |
| अरुंधती रेड्डी | 92 | 2 | 52.5 | 46 | 6.84 | 35.8 |
डेथ ओवरों में भी भारत की सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल थीं पाटिल
श्रेयंका की सबसे बड़ी ताकत डेथ ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रही है। वीमेंस प्रीमियर लीग के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने डेथ ओवरों में अब तक 147 गेंदें फेंकते हुए 17 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनका औसत 11.88, स्ट्राइक रेट 8.6 और इकॉनमी रेट 8.24 रही है।
भारतीय टीम की मौजूदा बॉलिंग यूनिट में ऐसे आंकड़े बहुत कम गेंदबाजों के पास हैं। नंदिनी शर्मा के अलावा शायद ही कोई भारतीय गेंदबाज डेथ ओवरों में इतनी प्रभावी दिखाई दी हो। यही वजह है कि श्रेयंका का बाहर होना सिर्फ एक खिलाड़ी की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि भारत की पूरी गेंदबाजी रणनीति पर असर डाल सकता है।
WPL में भारतीय गेंदबाजों का डेथ ओवरों में प्रदर्शन:
| गेंदबाज | गेंदें | विकेट | औसत | स्ट्राइक रेट | इकॉनमी | डॉट % |
| दीप्ति शर्मा | 258 | 17 | 26.64 | 15.1 | 10.53 | 26.2 |
| श्रेयंका पाटिल | 147 | 17 | 11.88 | 8.6 | 8.24 | 35.3 |
| अरुंधती रेड्डी | 113 | 3 | 70.66 | 37.6 | 11.25 | 22.1 |
| नंदनी शर्मा | 90 | 12 | 9.58 | 7.5 | 7.66 | 32.2 |
अब भारत के पास क्या विकल्प हैं?
भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ा सवाल प्लेइंग इलेवन को लेकर है। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट उनकी जगह प्रेमा रावत को सीधे प्लेइंग XI में मौका दे सकता है, जबकि अनुभवी राधा यादव भी एक मजबूत विकल्प हैं।
दोनों ही खिलाड़ी अच्छी फील्डिंग करती हैं और लोअर मिडिल ऑर्डर में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकती हैं। हालांकि, श्रेयंका जिस तरह बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ और डेथ ओवरों में प्रभाव डालती थीं, उस भूमिका को भरना आसान नहीं होगा।
21 जून को मैनचेस्टर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जाने वाले मुकाबले से पहले भारत को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट श्रेयंका की अनुपस्थिति में किस कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतरती है।
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