Saturday, February 14

Yo-Yo Test: खेलों की दुनिया में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत है। खासतौर पर क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और रग्बी जैसे गेम्स में खिलाड़ियों की दौड़ने की क्षमता और स्टैमिना सीधे प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि दुनिया भर की कई टीमें खिलाड़ियों की फिटनेस मापने के लिए यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test) का सहारा लेती हैं।

इस टेस्ट की शुरुआत 1990 के दशक में डेनमार्क के स्पोर्ट्स फिज़ियोलॉजिस्ट जेंस बैंग्स्बो (Jens Bangsbo) और उनकी टीम ने की थी। धीरे-धीरे यह टेस्ट इतना चर्चित हो गया कि आज फुटबॉल, क्रिकेट और रग्बी जैसी टीमों में खिलाड़ी की चयन प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है। भारतीय क्रिकेट टीम भी लंबे समय से यो-यो टेस्ट को अनिवार्य फिटनेस मानक मानती आई है।

यो-यो टेस्ट क्या है?

यो-यो टेस्ट एक मैक्सिमल एरोबिक एंड्योरेंस टेस्ट है, जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर की दूरी पर रखे मार्करों के बीच दौड़ते हैं। हर लेवल के बाद दौड़ने की स्पीड थोड़ी बढ़ा दी जाती है। इसमें, हर 40 मीटर रन के बाद खिलाड़ियों को 5 या 10 सेकंड का एक्टिव ब्रेक मिलता है (यह टेस्ट के प्रकार पर निर्भर करता है)। यह टेस्ट तब तक चलता है, जब तक खिलाड़ी निर्धारित समय और स्पीड के अनुसार दौड़ पाने में फेल ना हो जाए।

यो-यो टेस्ट कितने प्रकार के होते हैं?

जेंस बैंग्स्बो ने यो-यो टेस्ट की 6 आधिकारिक वैरिएशन्स बनाई थीं। इनमें से सबसे आमतौर पर Yo-Yo Intermittent Recovery Test Level 1 (YYIR1) वेरिएशन का इस्तेमाल किया जाता है। नीचे यो-यो टेस्ट के सभी वैरिएशंस बताए जा रहे हैं।

  1. Yo-Yo Endurance Test Level 1 – लगातार दौड़ना, शुरुआती स्पीड 8 km/hr
  2. Yo-Yo Endurance Test Level 2 – लगातार दौड़ना, शुरुआती स्पीड 11.5 km/hr
  3. Yo-Yo Intermittent Endurance Test Level 1 – हर 40m के बाद 5 सेकंड का ब्रेक, शुरुआती स्पीड 8 km/hr
  4. Yo-Yo Intermittent Endurance Test Level 2 – हर 40m के बाद 5 सेकंड का ब्रेक, शुरुआती स्पीड 11.5 km/hr
  5. Yo-Yo Intermittent Recovery Test Level 1 – हर 40m के बाद 10 सेकंड का ब्रेक, शुरुआती स्पीड 10 km/hr (सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला)
  6. Yo-Yo Intermittent Recovery Test Level 2 – हर 40m के बाद 10 सेकंड का ब्रेक, शुरुआती स्पीड 13 km/hr

यो-यो टेस्ट कैसे किया जाता है?

आइए आपको यो-यो टेस्ट करने की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाते हैं।

1. तैयारी

जगह: सपाट और फिसलन-रहित मैदान, कम से कम 30 मीटर लंबा

उपकरण:

  • 20 मीटर नापने के लिए माप टेप
  • कोन (Cones) मार्किंग के लिए
  • ऑडियो सीडी या MP3 (बीप साउंड रिकॉर्डिंग)
  • लाउडस्पीकर और रिकॉर्डिंग शीट

इसके लिए खिलाड़ियों को टेस्ट से पहले अच्छी तरह से आराम, हाइड्रेशन और वार्म-अप करना जरूरी है।

2. कोर्स लेआउट

एंड्योरेंस टेस्ट: केवल 2 लाइनें चाहिए (20 मीटर की दूरी पर)।

इंटरमिटेंट टेस्ट: 3 लाइनें चाहिए- दो 20 मीटर पर और एक लाइन 5 मीटर (रिकवरी के लिए) स्टार्ट लाइन के पीछे।

3. शुरुआत

  • खिलाड़ी स्टार्टिंग लाइन पर खड़े होंगे।
  • बीप साउंड के साथ 20 मीटर दौड़कर दूसरी लाइन तक पहुँचना होगा।
  • उसी बीप पर समय पर वापस आना होगा।

4. रनिंग और रिकवरी

एंड्योरेंस टेस्ट: लगातार दौड़ना होता है (बीप टेस्ट जैसा)।

इंटरमिटेंट टेस्ट: हर 40 मीटर रन के बाद खिलाड़ी को 5 या 10 सेकंड का एक्टिव ब्रेक मिलता है (जॉगिंग या वॉकिंग)।

5. स्पीड का बढ़ना

  • हर लेवल पर ऑडियो बीप की स्पीड थोड़ी-थोड़ी बढ़ती जाती है।
  • खिलाड़ियों को उसी समय और स्पीड के अनुसार दौड़ना पड़ता है।

6. टेस्ट खत्म कैसे होता है?

यह टेस्ट दो स्थितियों में खत्म होता है:

  1. खिलाड़ी खुद थककर टेस्ट छोड़ दे।
  2. खिलाड़ी लगातार दो बार समय पर लाइन तक न पहुँच पाए (या टेस्ट की गाइडलाइन तोड़े)।

7. स्कोरिंग

यो-यो टेस्ट में स्कोर को लेवल + शटल के रूप में लिखा जाता है। जैसे, यदि खिलाड़ी लेवल 16 में 3 शटल पूरा करता है, तो उसका स्कोर 16.3 होगा। यही स्कोर खिलाड़ी की फिटनेस का पैमाना माना जाता है।

इसमें खिलाड़ियों के लिए 15-18 के बीच का स्कोर औसत रहता है। इसके अलावा, पुरुष टीम स्पोर्ट्स खिलाड़ियों के लिए 20 से ऊपर का स्कोर बेहद अच्छा माना जाता है, जबकि 22 से ऊपर का स्कोर बेहतरीन कहलाता है। हालाँकि, महिला खिलाड़ियों का सामान्य स्कोर 12-16 के बीच होता है।

दुनिया में सबसे अच्छा यो-यो टेस्ट स्कोर किसका है?

अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के फुटबॉलर हैरी ग्रांट (22.8) का यो-यो टेस्ट स्कोर सबसे बेहतर रहा है। इसके अलावा, महिलाओं में सबसे अच्छा स्कोर ऑस्ट्रेलियाई फील्ड हॉकी खिलाड़ी अंब्रोसिया मेलोन (20.2) का रहा है। नीचे हम आपको पुरुष और महिला खिलाड़ियों में सबसे अच्छा यो-यो टेस्ट स्कोर पाने वाली खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

सबसे अच्छे यो-यो टेस्ट स्कोर वाले पुरुष खिलाड़ी

  1. हैरी ग्रांट – स्कोर 22.8 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  2. बिली डेनियल्स – स्कोर 22.7 (फुटबॉल, कोवेन्ट्री सिटी – इंग्लैंड)
  3. पियर्स लैवर्टी – स्कोर 22.6 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  4. निक फी – स्कोर 22.5 (बास्केटबॉल, न्यूज़ीलैंड)
  5. एंड्रू ब्रेशॉ – स्कोर 22.4 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  6. जोश स्मिथ – स्कोर 22.4 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  7. हैरी शार्प – स्कोर 22.4 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  8. डी. केनी पॉलराज – स्कोर 22.4 (फुटबॉल, मलेशिया)
  9. जो पार्टिंगटन – स्कोर 22.4 (फुटबॉल, इंग्लैंड)
  10. लैकलन स्क्वायर – स्कोर 22.3 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  11. डिलन मूर – स्कोर 22.3 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  12. स्टीफन गीरो – स्कोर 22.3 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  13. एलेस्टेयर कुक – स्कोर 22.3 (क्रिकेट, इंग्लैंड)
  14. जॉन ब्रेक – स्कोर 22.2 (इंग्लैंड रग्बी 7s)
  15. नेड मैकहेनरी – स्कोर 22.2 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  16. शान मसूद – स्कोर 22.1 (क्रिकेट, पाकिस्तान)
  17. मोहम्मद रिज़वान – स्कोर 22.1 (क्रिकेट, पाकिस्तान)
  18. अल-अमीन हुसैन – स्कोर 22.1 (क्रिकेट, बांग्लादेश)
  19. एंड्रू मैकुलफ – स्कोर 22.0 (रग्बी लीग)
  20. जोशुआ वीसी – स्कोर 22.0 (रग्बी 7s, फिजी)
  21. टॉम मिशेल – स्कोर 22.0 (रग्बी 7s, इंग्लैंड)
  22. क्रिस्टियानो रोनाल्डो – स्कोर 21.8 (फुटबॉल, पुर्तगाल)
  23. टॉम कसैक – स्कोर 21.6 (रग्बी 7s, ऑस्ट्रेलिया)
  24. नेमार – स्कोर 21.6 (फुटबॉल, ब्राज़ील)
  25. गैरेथ बेल – स्कोर 21.5 (फुटबॉल, वेल्स)

सबसे अच्छे यो-यो टेस्ट स्कोर वाली महिला खिलाड़ी

  1. अंब्रोसिया मेलोन – स्कोर 20.2 (फील्ड हॉकी, ऑस्ट्रेलिया)
  2. वेरिनैसी बारी – स्कोर 19.7 (रग्बी 7s, फिजी)
  3. केली ओ’हारा – स्कोर 19.1 (फुटबॉल, अमेरिका)
  4. बेथ लैंग्स्टन – स्कोर 19.1 (क्रिकेट, इंग्लैंड)
  5. जेमी ब्यूफिल्स – स्कोर 18.7 (फुटबॉल, ऑस्ट्रेलिया)
  6. क्रिस्टीन लिली – स्कोर 18.6 (फुटबॉल, अमेरिका)
  7. केली हेस्टी – स्कोर 18.5 (फुटबॉल, मैनहट्टन कॉलेज)
  8. निकोल कॉप – स्कोर 18.4 (फुटबॉल, मैनहट्टन कॉलेज)
  9. लानी मुआट – स्कोर 18.2 (लैक्रॉस, न्यूज़ीलैंड)
  10. नीना मॉरिसन – स्कोर 18.1 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  11. सारा होलिहान – स्कोर 18.1 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  12. सारा पॉस्टी – स्कोर 17.8 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल)
  13. निकिता हैरिस – स्कोर 17.8 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल, डैन्डेनॉन्ग स्टिंगरेज़)
  14. मार्लो ग्राहम – स्कोर 17.7 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल, नॉर्दर्न नाइट्स)
  15. इसाबेला डेविस – स्कोर 17.6 (ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल, GWV रिबेल्स)

यो-यो टेस्ट स्कोर कैसे बढ़ाएँ?

यो-यो टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को एरोबिक और एनारोबिक फिटनेस पर काम करना पड़ता है। नीचे उसके बारे में संक्षेप में बताया गया है।

एरोबिक ट्रेनिंग

  • 3 से 10 किलोमीटर तक लंबी दौड़
  • 3-5 बार 1 किमी या 1 मील रनिंग (75% स्पीड पर)
  • सर्किट ट्रेनिंग

एनारोबिक ट्रेनिंग

  • इंटरवल ट्रेनिंग (400-800 मीटर रन)
  • हिल स्प्रिंट्स
  • 150-300 मीटर रिपीटेड स्प्रिंट्स
  • स्पीड और टर्निंग
  • हाई नीज़ और लेग ड्रिल्स
  • प्लायोमेट्रिक एक्सरसाइज
  • छोटे अंतराल में तेज़ दौड़ (20-40 मीटर)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. यो-यो टेस्ट की शुरुआत कब और किसने की थी?

1990 के दशक में डेनमार्क के फिज़ियोलॉजिस्ट जेंस बैंग्स्बो ने इस टेस्ट की शुरुआत की थी।

2. भारतीय क्रिकेट टीम में यो-यो टेस्ट क्यों जरूरी है?

यह खिलाड़ियों की दौड़ने की क्षमता और स्टैमिना को परखता है, जो इंटरनेशनल क्रिकेट में बेहद जरूरी है।

3. यो-यो टेस्ट में अच्छा स्कोर कितना माना जाता है?

पुरुष खिलाड़ियों के लिए 20+ और महिला खिलाड़ियों के लिए 15+ स्कोर अच्छा माना जाता है।

4. यो-यो टेस्ट और बीप टेस्ट में क्या फर्क है?

बीप टेस्ट में लगातार दौड़ना होता है, जबकि यो-यो टेस्ट में हर 40 मीटर रन के बाद एक्टिव ब्रेक मिलता है।

5. यो-यो टेस्ट की सबसे आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली वैरिएशन कौन सी है?

Yo-Yo Intermittent Recovery Test Level 1 (YYIR1) सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला वैरिएशन है।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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