भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों के एक साथ संन्यास लेने से भारतीय टेस्ट टीम में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है, खासकर आगामी इंग्लैंड दौरे से पहले, जहां टीम इंडिया को 20 जून से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेलनी है।
इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दोनों खिलाड़ियों से भावुक अपील की है कि वे अपने संन्यास का फैसला वापस लें। योगराज का मानना है कि यह समय खुद के बारे में सोचने का नहीं, बल्कि देश और टेस्ट क्रिकेट को बचाने का है।
“कोहली के पास अभी 10 साल का क्रिकेट बाकी है” – योगराज सिंह
योगराज सिंह ने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापसी करनी चाहिए। यह समय खुद के लिए नहीं, बल्कि देश, फैंस और इस खेल से जुड़े जज़्बातों के लिए सोचने का है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विराट कोहली के पास अभी भी कम से कम 10 साल का क्रिकेट बचा है, और रोहित अगर उनसे संपर्क करें तो वे उन्हें फिर से टॉप फिटनेस में ला सकते हैं। योगराज का यह बयान न सिर्फ भावनात्मक है, बल्कि यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता भी जताता है।
बीसीसीआई को चाहिए कि खिलाड़ियों के साथ पैरेंट्स की तरह पेश आए
योगराज सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि बीसीसीआई को खिलाड़ियों को कठिन समय में समर्थन देना चाहिए, ना कि उन्हें दबाव में आकर फैसले लेने पर मजबूर करना चाहिए। उन्होंने 2011 का उदाहरण देते हुए कहा कि तब युवराज सिंह, हरभजन सिंह और वीरेन्द्र सहवाग जैसे दिग्गजों को स्पष्टीकरण के बिना टीम से बाहर कर दिया गया था।
योगराज ने कहा, “जब युवराज ने संन्यास लिया, मैंने उसे डांटा। मैंने कहा, दबाव में आकर फैसला मत लो। वह तब भी फिट था और आज भी है। एक क्रिकेटर को अपनी जगह के लिए लड़ना चाहिए, न कि बाहरी दबाव के आगे झुकना चाहिए।”
योगराज ने यह भी जोड़ा कि बीसीसीआई को खिलाड़ियों के साथ माता-पिता जैसा व्यवहार करना चाहिए, उन्हें संरक्षण और भरोसा देना चाहिए, न कि राजनीति या अहंकार के चलते दूर करना चाहिए।
युवराज को दी सलाह, “विराट को फोन कर कहो कि वह गलती न दोहराए”
योगराज सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे युवराज सिंह को भी कहा कि वह विराट कोहली को फोन करके सलाह दें कि वह यह फैसला वापस लें।
उन्होंने बताया, “मैंने युवी से कहा कि विराट को बोलो कि ‘वही गलती मत दोहराना जो मैंने की थी।’ मुझे पूरा यकीन है कि कुछ साल बाद उन्हें इस फैसले पर पछतावा होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।”
योगराज का यह बयान दर्शाता है कि वे रोहित और विराट जैसे सीनियर खिलाड़ियों के अनुभव को भारतीय क्रिकेट से यूं अचानक गायब होता नहीं देखना चाहते।
विराट और रोहित का टेस्ट करियर
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 123 मैचों में 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 46.85 रहा, जो उन्हें मॉडर्न टेस्ट क्रिकेट में सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल करता है। वहीं, रोहित शर्मा ने 67 टेस्ट मैचों में 4,301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। उनका टेस्ट औसत 40.57 रहा।
दोनों खिलाड़ियों ने देश को कई यादगार टेस्ट जीत दिलाई हैं और टीम की रीढ़ बने रहे हैं। ऐसे में उनके एक साथ संन्यास लेने से टीम इंडिया की बल्लेबाजी संरचना पर बड़ा असर पड़ा है।
क्या रोहित और विराट वापस लेंगे संन्यास का फैसला?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली योगराज सिंह की भावुक अपील पर विचार करते हैं या नहीं। बीसीसीआई ने अभी तक इस मसले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन फैंस और पूर्व क्रिकेटर्स की बढ़ती अपीलों को देखते हुए उम्मीद की जा सकती है कि दोनों खिलाड़ी इस फैसले को दोबारा सोचें।
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